प्रशंसनीय: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में दिव्यांग अधिकारी-कर्मचारी संचालित करेंगे ‘सक्षम’ पोलिग बूथ
Tuesday - November 27, 2018 12:50 pm ,
Category : WTN HINDI
पूरे मध्य प्रदेश में 187 ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ
दिव्यांग संचालित करेंगे ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ, महिलाओं के जिम्मे ‘ऑल वूमन बूथ’!
NOV 27 (WTN) – मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 के लिए कल यानि कि 28 नवम्बर को मतदान होना है। मतदान के लिए इसके लिए चुनाव आयोग ने बाकायदा सारी तैयारियां कर ली हैं, जिससे सुचारू रूप से मतदान हो सके। चुनाव आयोग ने मतदान के लिए इस बार मध्य प्रदेश में ईवीम विद वीवीपैट और ऑल वूमन बूथ जैसी शुरुआत की है। लेकिन इसके साथ ही चुनाव आयोग ने दिव्यांगों के लिए 'सक्षम' बूथ जैसी नई पहल इस चुनाव में शुरू की है जो कि अपने आप में काफ़ी सराहनीय कार्य है।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग की दिव्यांगों के लिए की गई अनोखी पहल का नाम 'सक्षम' रखा गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 'सक्षम', भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शुरु की जा रही एक नई और सराहनीय पहल है, जिसकी शुरुआत मध्यप्रदेश से हो रही है। हालांकि इसके पहले भी चुनाव आयोग कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में दिव्यांगों के लिए ऐसी पहल कर चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश में दिव्यांग मतदाताओं और महिलाओं के लिए किया जाने वाला यह प्रयास सबसे अलग है।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के लिए चुनाव आयोग ने प्रदेश भर में 187 'सक्षम' पोलिंग बूथ बनाये हैं। इन सक्षम पोलिंग बूथ की विशेषता यह है कि इन मतदान केन्द्रों का संचालन दिव्यांग अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा ही किया जाएगा। ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ का संचालन करने के लिए बाकायदा दिव्यांग अधिकारियों और कर्मचारियों से उनकी सहमति ली गई, जिसके बाद ही उन्हें चुनावी ड्यूटी में नियुक्त किया गया है।
चुनाव आयोग के अनुसार उसकी पूरी कोशिश है कि ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ पर दिव्यांगकर्मियों को किसी भी भी तरह की आधारभूत सुविधाओं की कमी न होने पाये। मध्य प्रदेश में सर्वाधिक 18 ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ ग्वालियर ज़िले में और 16 ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ शाजापुर ज़िले में बनाये गए हैं
इतना ही नहीं, ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ पर दिव्यांग अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद के लिए राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया जा रहा है कि वे भी यदि सम्भव हो तो अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) दिव्यांग ही तैनात करें।
‘सक्षम’ पोलिंग बूथ पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों की हर पोलिंग पार्टी को दो-दो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सामान्य कैटेगरी के दिए जाएंगे, ताकि वे ईवीएम और वीवीपैट तथा अन्य सामग्री उठा सकें। ‘सक्षम’ बूथ पर ड्यूटी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को पोलिंग सेंटर तक पहुंचने और वापस आने के लिए अलग से वाहन सुविधा मुहैया कराई जाएगी ताकि इन्हें पैदल ना चलना पड़े।
‘सक्षम’ पोलिंग बूथ के अलावा विधानसभा चुनाव में महिलाओं के लिए भी ‘ऑल वूमन बूथ’ बनाए गये हैं। जानकारी के मुताबिक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक ‘ऑल वूमन बूथ’ का निर्माण किया जाना अनिवार्य है। ‘ऑल वूमन बूथ’ वे बूथ हैं जहां पर चुनाव ड्यूटी में महिला अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में क़रीब 500 ‘ऑल वूमन बूथों’ का निर्माण किया गया है।
NOV 27 (WTN) – मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 के लिए कल यानि कि 28 नवम्बर को मतदान होना है। मतदान के लिए इसके लिए चुनाव आयोग ने बाकायदा सारी तैयारियां कर ली हैं, जिससे सुचारू रूप से मतदान हो सके। चुनाव आयोग ने मतदान के लिए इस बार मध्य प्रदेश में ईवीम विद वीवीपैट और ऑल वूमन बूथ जैसी शुरुआत की है। लेकिन इसके साथ ही चुनाव आयोग ने दिव्यांगों के लिए 'सक्षम' बूथ जैसी नई पहल इस चुनाव में शुरू की है जो कि अपने आप में काफ़ी सराहनीय कार्य है।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग की दिव्यांगों के लिए की गई अनोखी पहल का नाम 'सक्षम' रखा गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 'सक्षम', भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शुरु की जा रही एक नई और सराहनीय पहल है, जिसकी शुरुआत मध्यप्रदेश से हो रही है। हालांकि इसके पहले भी चुनाव आयोग कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में दिव्यांगों के लिए ऐसी पहल कर चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश में दिव्यांग मतदाताओं और महिलाओं के लिए किया जाने वाला यह प्रयास सबसे अलग है।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के लिए चुनाव आयोग ने प्रदेश भर में 187 'सक्षम' पोलिंग बूथ बनाये हैं। इन सक्षम पोलिंग बूथ की विशेषता यह है कि इन मतदान केन्द्रों का संचालन दिव्यांग अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा ही किया जाएगा। ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ का संचालन करने के लिए बाकायदा दिव्यांग अधिकारियों और कर्मचारियों से उनकी सहमति ली गई, जिसके बाद ही उन्हें चुनावी ड्यूटी में नियुक्त किया गया है।
चुनाव आयोग के अनुसार उसकी पूरी कोशिश है कि ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ पर दिव्यांगकर्मियों को किसी भी भी तरह की आधारभूत सुविधाओं की कमी न होने पाये। मध्य प्रदेश में सर्वाधिक 18 ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ ग्वालियर ज़िले में और 16 ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ शाजापुर ज़िले में बनाये गए हैं
इतना ही नहीं, ‘सक्षम’ पोलिंग बूथ पर दिव्यांग अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद के लिए राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया जा रहा है कि वे भी यदि सम्भव हो तो अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) दिव्यांग ही तैनात करें।
‘सक्षम’ पोलिंग बूथ पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों की हर पोलिंग पार्टी को दो-दो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सामान्य कैटेगरी के दिए जाएंगे, ताकि वे ईवीएम और वीवीपैट तथा अन्य सामग्री उठा सकें। ‘सक्षम’ बूथ पर ड्यूटी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को पोलिंग सेंटर तक पहुंचने और वापस आने के लिए अलग से वाहन सुविधा मुहैया कराई जाएगी ताकि इन्हें पैदल ना चलना पड़े।
‘सक्षम’ पोलिंग बूथ के अलावा विधानसभा चुनाव में महिलाओं के लिए भी ‘ऑल वूमन बूथ’ बनाए गये हैं। जानकारी के मुताबिक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक ‘ऑल वूमन बूथ’ का निर्माण किया जाना अनिवार्य है। ‘ऑल वूमन बूथ’ वे बूथ हैं जहां पर चुनाव ड्यूटी में महिला अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में क़रीब 500 ‘ऑल वूमन बूथों’ का निर्माण किया गया है।