यदि जानना चाहते हैं होने वाली पत्नी के बारे में, तो कुण्डली के सप्तम भाव पर डालें नज़र!
Saturday - December 1, 2018 11:03 am ,
Category : WTN HINDI
कुण्डली के सप्तम भाव से जानिए अपने जीवनसाथी को
सप्तम भाव में स्थित राशि बताती है आपकी पत्नी के बारे में विस्तार से
DEC 01 (WTN) – हर पुरुष की इच्छा यह जानने की होती है कि उसकी पत्नी कैसी होगी, यानि कि उसका स्वभाव कैसा होगा, वो दिखने में कैसी होगी, क्या वो नौकरी करेगा कि नहीं, कितनी संतान पैदा करेगी। ज्योतिष के अनुसार कुण्डली के सप्तम भाव से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि पत्नी कैसी होगी। यदि अगर सप्तम भाव में कोई ग्रह न हो, तो जातक की स्त्री सप्तम भाव में स्थिति राशि के अनुसार किस प्रकार की होती है, आइये आपको बताते हैं।
मेष राशि – सप्तम भाव में मेष राशि होने पर जातक की स्त्री स्वभाव से कठोर होगी, लेकिन साथ ही उसका स्वभाव चंचल होगा। वह पाप में आसक्त, कर्कशा, निन्दनीय और धन के पीछे भागने वाली होगी।
वृषभ राशि – सप्तम भाव में वृषभ राशि होने के कारण जातक की पत्नी सुन्दर, शान्त एवं विनम्र स्वभाव वाली, पतिव्रता, लज्जायुक्त, अच्छे आचरण वाली होती है।
मिथुन राशि – सप्तम भाव में मिथुन राशि होने पर जातक की पत्नी समस्त गुणों से युक्त, रूपपती और नवीन वस्त्र धारण करने वाली बुद्धिमान होती है।
कर्क राशि – सप्तम भाव में कर्क राशि होने पर जातक की पत्नी सुन्दर, सौभाग्यशाली, सरल स्वभाव वाली और कलंक रहित होती है।
सिंह राशि – सप्तम भाव में सिंह राशि होने से जातक की पत्नी तेज स्वभाव वाली, दूसरे के घर में आसक्ति रखने वाली, कम सन्तान वाली और दुबली होती है।
कन्या राशि – सप्तम भाव में कन्या राशि वाले जातक की पत्नी मधुर भाषिणी, सुन्दर देह वाली, प्रतिभाशाली, और कम पुत्र सन्तान वाली होती है।
तुला राशि – सप्तम भाव में तुला राशि होने पर जातक की पत्नी विनम्र स्वभाव वाली, गुणी एवं स्वाभिमान से युक्त होने के साथ-साथ धर्मात्मा और अधिक सन्तान वाली होती है।
वृश्चिक राशि – सप्तम भाव में यदि वृश्चिक राशि है तो जातक की पत्नी कंजूस होती है, वह कलात्मक क्षमता की धनी और भिन्न-भिन्न दोषों वाली होती है।
धनु राशि – सप्तम भाव में धनु राशि होने पर जातक की पत्नी धार्मिक कामों में रूचि रखने वाली, शान्त स्वभाव वाली, सुखी और बुद्धिमान होती है।
मकर राशि – सप्तम भाव में मकर राशि होने पर जातक की पत्नी लालची, झगडालू और अभिमान से युक्त होती है।
कुम्भ राशि – सप्तम भाव में कुम्भ राशि होने पर जातक की पत्नी स्थिर स्वभाव वाली, पति के कार्यो में सहयोग देने वाली और धार्मिक प्रवृत्ति की होती है।
मीन राशि – सप्तम भाव में मीन राशि होने पर जातक की पत्नी विकार से युक्त, पुत्र सन्तान वाली एवं अधार्मिक आचरण वाली होती है।
DEC 01 (WTN) – हर पुरुष की इच्छा यह जानने की होती है कि उसकी पत्नी कैसी होगी, यानि कि उसका स्वभाव कैसा होगा, वो दिखने में कैसी होगी, क्या वो नौकरी करेगा कि नहीं, कितनी संतान पैदा करेगी। ज्योतिष के अनुसार कुण्डली के सप्तम भाव से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि पत्नी कैसी होगी। यदि अगर सप्तम भाव में कोई ग्रह न हो, तो जातक की स्त्री सप्तम भाव में स्थिति राशि के अनुसार किस प्रकार की होती है, आइये आपको बताते हैं।
मेष राशि – सप्तम भाव में मेष राशि होने पर जातक की स्त्री स्वभाव से कठोर होगी, लेकिन साथ ही उसका स्वभाव चंचल होगा। वह पाप में आसक्त, कर्कशा, निन्दनीय और धन के पीछे भागने वाली होगी।
वृषभ राशि – सप्तम भाव में वृषभ राशि होने के कारण जातक की पत्नी सुन्दर, शान्त एवं विनम्र स्वभाव वाली, पतिव्रता, लज्जायुक्त, अच्छे आचरण वाली होती है।
मिथुन राशि – सप्तम भाव में मिथुन राशि होने पर जातक की पत्नी समस्त गुणों से युक्त, रूपपती और नवीन वस्त्र धारण करने वाली बुद्धिमान होती है।
कर्क राशि – सप्तम भाव में कर्क राशि होने पर जातक की पत्नी सुन्दर, सौभाग्यशाली, सरल स्वभाव वाली और कलंक रहित होती है।
सिंह राशि – सप्तम भाव में सिंह राशि होने से जातक की पत्नी तेज स्वभाव वाली, दूसरे के घर में आसक्ति रखने वाली, कम सन्तान वाली और दुबली होती है।
कन्या राशि – सप्तम भाव में कन्या राशि वाले जातक की पत्नी मधुर भाषिणी, सुन्दर देह वाली, प्रतिभाशाली, और कम पुत्र सन्तान वाली होती है।
तुला राशि – सप्तम भाव में तुला राशि होने पर जातक की पत्नी विनम्र स्वभाव वाली, गुणी एवं स्वाभिमान से युक्त होने के साथ-साथ धर्मात्मा और अधिक सन्तान वाली होती है।
वृश्चिक राशि – सप्तम भाव में यदि वृश्चिक राशि है तो जातक की पत्नी कंजूस होती है, वह कलात्मक क्षमता की धनी और भिन्न-भिन्न दोषों वाली होती है।
धनु राशि – सप्तम भाव में धनु राशि होने पर जातक की पत्नी धार्मिक कामों में रूचि रखने वाली, शान्त स्वभाव वाली, सुखी और बुद्धिमान होती है।
मकर राशि – सप्तम भाव में मकर राशि होने पर जातक की पत्नी लालची, झगडालू और अभिमान से युक्त होती है।
कुम्भ राशि – सप्तम भाव में कुम्भ राशि होने पर जातक की पत्नी स्थिर स्वभाव वाली, पति के कार्यो में सहयोग देने वाली और धार्मिक प्रवृत्ति की होती है।
मीन राशि – सप्तम भाव में मीन राशि होने पर जातक की पत्नी विकार से युक्त, पुत्र सन्तान वाली एवं अधार्मिक आचरण वाली होती है।