जानिए राशि और दक्षिणमुखी भवन का ‘सम्बन्ध’
Wednesday - December 5, 2018 3:19 pm ,
Category : WTN HINDI
सुख-समृद्धि भी लेकर आते हैं दक्षिणमुखी भवन!
मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन लग्न के लिए ‘शुभफलदायी’ है दक्षिणमुखी भवन
DEC 05 (WTN) – दक्षिण मुखी भवन के विषय में तो आपने सुना हो होगा कि इस तरह के भवन हर किसी के लिए शुभ नहीं होते हैं। दरअसल, वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार सकारात्मक दिशा की तरफ घर का दरवाजा होने से गृहस्वामी को धन, सम्पत्ति, ऐश्वर्य, पारिवारिक सुख एवं वैभव प्राप्त होता है। जबकि नकारात्मक दिशा की तरफ़ मुख्य दरवाजा होने से जीवन में कई तरह की समस्याएं आती हैं।
जैसा कि आप जानते ही होंगे कि वास्तुशास्त्र में दक्षिण दिशा के दरवाजे को शुभ नहीं माना जाता है और इसे संकट का द्वार भी कहा जाता है। वहीं पूर्व दिशा को समृद्घि का द्वार कहा जाता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक़, घरों के द्वार की स्थिति के आधार पर सुख-सम्पत्ति, समृद्धि, स्वास्थ्य आदि का अनुमान लगाया जा सकता हैं। प्राचीन भारत में भवन बनाते समय इस बात का ध्यान रखा जाता था कि घर का दरवाजा किस दिशा में है। आइये आपको बताते हैं कि दक्षिण मुखी द्वार किस राशि के लिए शुभ और किसके लिए अशुभ है।
मेष
मेष लग्न के जातकों के लिए दक्षिण मुखी भवन या प्लाट अत्यंत शुभ होता है। इस दिशा में भवन बनाने से व्यक्तित्व का विकास होगा और घर में आने वाली समस्याओं का शीघ्र हल निकलता है।
वृषभ
यदि घर के मालिक का वृषभ लग्न है, तो उसके लिए दक्षिण मुखी भवन अशुभ है। यदि दक्षिण मुखी भवन बनाया तो वहां पर फालतू खर्चे होंगे, और पैसा अस्पताल और थाने में खर्च हो जाएगा।
मिथुन
दक्षिण मुखी भवन मिथुन लग्न वालों के लिए अत्यंत अशुभ होते हैं, ऐसे भवन में रहने से जातक को कष्टकारी रोग हो सकते हैं और व्यर्थ के विवाद हो सकते हैं। साथ ही विपरित परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
कर्क
कर्क लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन लाभदायक होता है। इस भवन में रहने से उन्हें मान-सम्मान मिलेता है और साथ ही नौकरी में प्रमोशन के साथ-साथ संतान के योग बनते हैं।
सिंह
सिंह लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन भाग्यशाली होता है। इस भवन में रहना उनके लिए काफ़ी शुभ है। सिंह लग्न के जातक यदि दक्षिण मुखी भवन में रहेंगे, तो उन्हें एक से अधिक भवन की प्राप्ति हो जाती है।
कन्या
कन्या लग्न वाले पूरी कोशिश करें कि वे दक्षिण मुखी भवन में ना रहें। दक्षिण मुखी भवन में रहने से कन्या राशि के जातकों को मृत्यु के समान कष्ट तक हो सकते हैं। इस तरह के घर में रहने से दुर्घटनाएं हो सकती हैं और कोर्ट केस की परेशानी हो सकती है।
तुला
दक्षिण मुखी भवन से तुला लग्न के जातकों के लिए ना कोई हानि है और ना ही लाभ है। इस भवन में रहने से तुला लग्न के जातक का जीवन उसी तरह से सामान्य रूप से चलता रहता है, और ये लोग जीवन में उन्नति नहीं कर पाते हैं।
वृश्चिक
वृश्चिक लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन अत्यंत शुभ होते हैं। इस तरह के भवन में रहने से इन्हें सामाजिक मान सम्मान मिलता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
धनु
धनु लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन लाभदायक होता है। इस तरह के भवन में निवास करने से निसंतान को संतान प्राप्त होती है और संतान का समुचित तरीके से विकास होता है। यदि जातक शिक्षा प्राप्त कर रहा है, तो उसे उच्च शिक्षा प्राप्त होती है।
मकर
मकर लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन आर्थिक दृष्टिकोण से तो अच्छे होते हैं, लेकिन ये जातक का स्वयं का विकास रोक देते हैं।
कुम्भ
कुम्भ लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन व्यर्थ का संघर्ष बढ़ाते हैं, हां ऐसे भवन में संघर्ष का परिणाम अंतत सुखद ही होता है, लेकिन काफ़ी समय बाद जीवन के अंतिम चरण में।
मीन
मीन लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन लाभदायक होता। दक्षिणमुखी भवन में रहने से धन की प्राप्ति होती है और भाग्योदय होता है। इस भवन में रहने से उन पर ईश्वर की कृपा भी बनी रहती है।
नोट - हमारी आपको सलाह है कि इस लेख को पढ़ने के बाद कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले, किसी वास्तुशास्त्री या फ़िर ज्योतिषी से सलाह ज़रूर लें।
DEC 05 (WTN) – दक्षिण मुखी भवन के विषय में तो आपने सुना हो होगा कि इस तरह के भवन हर किसी के लिए शुभ नहीं होते हैं। दरअसल, वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार सकारात्मक दिशा की तरफ घर का दरवाजा होने से गृहस्वामी को धन, सम्पत्ति, ऐश्वर्य, पारिवारिक सुख एवं वैभव प्राप्त होता है। जबकि नकारात्मक दिशा की तरफ़ मुख्य दरवाजा होने से जीवन में कई तरह की समस्याएं आती हैं।
जैसा कि आप जानते ही होंगे कि वास्तुशास्त्र में दक्षिण दिशा के दरवाजे को शुभ नहीं माना जाता है और इसे संकट का द्वार भी कहा जाता है। वहीं पूर्व दिशा को समृद्घि का द्वार कहा जाता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक़, घरों के द्वार की स्थिति के आधार पर सुख-सम्पत्ति, समृद्धि, स्वास्थ्य आदि का अनुमान लगाया जा सकता हैं। प्राचीन भारत में भवन बनाते समय इस बात का ध्यान रखा जाता था कि घर का दरवाजा किस दिशा में है। आइये आपको बताते हैं कि दक्षिण मुखी द्वार किस राशि के लिए शुभ और किसके लिए अशुभ है।
मेष
मेष लग्न के जातकों के लिए दक्षिण मुखी भवन या प्लाट अत्यंत शुभ होता है। इस दिशा में भवन बनाने से व्यक्तित्व का विकास होगा और घर में आने वाली समस्याओं का शीघ्र हल निकलता है।
वृषभ
यदि घर के मालिक का वृषभ लग्न है, तो उसके लिए दक्षिण मुखी भवन अशुभ है। यदि दक्षिण मुखी भवन बनाया तो वहां पर फालतू खर्चे होंगे, और पैसा अस्पताल और थाने में खर्च हो जाएगा।
मिथुन
दक्षिण मुखी भवन मिथुन लग्न वालों के लिए अत्यंत अशुभ होते हैं, ऐसे भवन में रहने से जातक को कष्टकारी रोग हो सकते हैं और व्यर्थ के विवाद हो सकते हैं। साथ ही विपरित परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
कर्क
कर्क लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन लाभदायक होता है। इस भवन में रहने से उन्हें मान-सम्मान मिलेता है और साथ ही नौकरी में प्रमोशन के साथ-साथ संतान के योग बनते हैं।
सिंह
सिंह लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन भाग्यशाली होता है। इस भवन में रहना उनके लिए काफ़ी शुभ है। सिंह लग्न के जातक यदि दक्षिण मुखी भवन में रहेंगे, तो उन्हें एक से अधिक भवन की प्राप्ति हो जाती है।
कन्या
कन्या लग्न वाले पूरी कोशिश करें कि वे दक्षिण मुखी भवन में ना रहें। दक्षिण मुखी भवन में रहने से कन्या राशि के जातकों को मृत्यु के समान कष्ट तक हो सकते हैं। इस तरह के घर में रहने से दुर्घटनाएं हो सकती हैं और कोर्ट केस की परेशानी हो सकती है।
तुला
दक्षिण मुखी भवन से तुला लग्न के जातकों के लिए ना कोई हानि है और ना ही लाभ है। इस भवन में रहने से तुला लग्न के जातक का जीवन उसी तरह से सामान्य रूप से चलता रहता है, और ये लोग जीवन में उन्नति नहीं कर पाते हैं।
वृश्चिक
वृश्चिक लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन अत्यंत शुभ होते हैं। इस तरह के भवन में रहने से इन्हें सामाजिक मान सम्मान मिलता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
धनु
धनु लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन लाभदायक होता है। इस तरह के भवन में निवास करने से निसंतान को संतान प्राप्त होती है और संतान का समुचित तरीके से विकास होता है। यदि जातक शिक्षा प्राप्त कर रहा है, तो उसे उच्च शिक्षा प्राप्त होती है।
मकर
मकर लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन आर्थिक दृष्टिकोण से तो अच्छे होते हैं, लेकिन ये जातक का स्वयं का विकास रोक देते हैं।
कुम्भ
कुम्भ लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन व्यर्थ का संघर्ष बढ़ाते हैं, हां ऐसे भवन में संघर्ष का परिणाम अंतत सुखद ही होता है, लेकिन काफ़ी समय बाद जीवन के अंतिम चरण में।
मीन
मीन लग्न वालों के लिए दक्षिण मुखी भवन लाभदायक होता। दक्षिणमुखी भवन में रहने से धन की प्राप्ति होती है और भाग्योदय होता है। इस भवन में रहने से उन पर ईश्वर की कृपा भी बनी रहती है।
नोट - हमारी आपको सलाह है कि इस लेख को पढ़ने के बाद कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले, किसी वास्तुशास्त्री या फ़िर ज्योतिषी से सलाह ज़रूर लें।