भारतीय रेलवे की यात्रियों को ‘झटका-मुक्त’ सफ़र देने की कोशिश
Tuesday - December 11, 2018 12:53 pm ,
Category : WTN HINDI
शताब्दी और राजधानी ट्रेन के यात्रियों को मिलेगी ‘सौगात’
शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस के मुसाफ़िर कर सकेंगे ‘झटका-मुक्त’ यात्रा
DEC 11 (WTN) – भारतीय रेलवे समय-समय पर अपने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखती है। इसी क्रम में तकनीक के साथ आगे बढ़ते हुए भारतीय रेलवे अब शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस के यात्रियों को झटका-मुक्त सफ़र की सौगात देने जा रही है। जी हां यदि सभी कुछ सही रहा, तो शताब्दी और राजधानी ट्रेनों में मार्च 2019 से आधुनिक कपलर्स लगाए जाएंगे जिससे यात्रियों को सफ़र के दौरान झटका नहीं लगेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस समय तक उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाली सभी शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में यह परिवर्तन कर दिया गया है। वहीं बाक़ी बची राजधानी और शताब्दी ट्रेनों से पुराने कपलर्स मार्च 2019 तक बदल दिए जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कपलर्स एक कोच को दूसरे कोच से जोड़ने वाले उपकरण होता है।
भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए अब पुराने कपलर्स को नवविकसित सेंटर बफर कपलर से बदल रहा है, जो संतुलित ड्राफ्ट गियर से लैस हैं जिससे यात्रा के दौरान मुसाफिरों को झटका नहीं लगता है। कई बार देखा गया है कि यात्रा के दौरान ट्रेन में कई बार झटका लगने से ट्रेन से गिरने की दुर्घटनाएं सामने आईं थीं, जिसके बाद रेलवे ने अत्याधुनिक कपलर्स लगाने की कवायद की है जिससे यात्रियों को सफ़र के दौरान झटका नहीं लगे।
जानकारी के मुताबिक़, एलएचबी यानि कि लिंक हॉफमान बुश को कोच से जोड़ने वाले मानक कपलर्स में कछ दिक्कतें आ रहीं थीं, जिसके कारण यात्रियों को सफ़र के दौरान झटके लगते थे। अब रेलवे द्वारा दो डिब्बों के बीच सीबीसी कपलर्स लगाए जाएंगे जो कि झटका अवशोषक हैं, और इसके कारण ब्रेक लगाने या फ़िर गति बढ़ाने के दौरान झटके नहीं लगते हैं। रेलवे के मुताबिक़, राजधानी और शताब्दी ट्रेनों के रैक से पुराने कपलर्स बदलने के बाद अन्य ट्रेनों में भी यह बदलाव किया जाएगा।
DEC 11 (WTN) – भारतीय रेलवे समय-समय पर अपने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखती है। इसी क्रम में तकनीक के साथ आगे बढ़ते हुए भारतीय रेलवे अब शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस के यात्रियों को झटका-मुक्त सफ़र की सौगात देने जा रही है। जी हां यदि सभी कुछ सही रहा, तो शताब्दी और राजधानी ट्रेनों में मार्च 2019 से आधुनिक कपलर्स लगाए जाएंगे जिससे यात्रियों को सफ़र के दौरान झटका नहीं लगेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस समय तक उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाली सभी शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में यह परिवर्तन कर दिया गया है। वहीं बाक़ी बची राजधानी और शताब्दी ट्रेनों से पुराने कपलर्स मार्च 2019 तक बदल दिए जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कपलर्स एक कोच को दूसरे कोच से जोड़ने वाले उपकरण होता है।
भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए अब पुराने कपलर्स को नवविकसित सेंटर बफर कपलर से बदल रहा है, जो संतुलित ड्राफ्ट गियर से लैस हैं जिससे यात्रा के दौरान मुसाफिरों को झटका नहीं लगता है। कई बार देखा गया है कि यात्रा के दौरान ट्रेन में कई बार झटका लगने से ट्रेन से गिरने की दुर्घटनाएं सामने आईं थीं, जिसके बाद रेलवे ने अत्याधुनिक कपलर्स लगाने की कवायद की है जिससे यात्रियों को सफ़र के दौरान झटका नहीं लगे।
जानकारी के मुताबिक़, एलएचबी यानि कि लिंक हॉफमान बुश को कोच से जोड़ने वाले मानक कपलर्स में कछ दिक्कतें आ रहीं थीं, जिसके कारण यात्रियों को सफ़र के दौरान झटके लगते थे। अब रेलवे द्वारा दो डिब्बों के बीच सीबीसी कपलर्स लगाए जाएंगे जो कि झटका अवशोषक हैं, और इसके कारण ब्रेक लगाने या फ़िर गति बढ़ाने के दौरान झटके नहीं लगते हैं। रेलवे के मुताबिक़, राजधानी और शताब्दी ट्रेनों के रैक से पुराने कपलर्स बदलने के बाद अन्य ट्रेनों में भी यह बदलाव किया जाएगा।