यदि करना चाहते हैं घर में गृह क्लेश दूर, तो अपनाएं ये उपाय
Sunday - December 16, 2018 4:36 pm ,
Category : WTN HINDI
श्रीगणेश की करें विधि विधान से पूजा
परिवार में प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने के लिए देवालय में रखें दूर्वा के गणेश जी की प्रतीकात्मक मूर्ति
DEC 16 (WTN) - कहा जाता है कि यदि विधि विधान से गणेश भगवान की पूजा की जाए तो सुख समृद्धि का घर में वास होता है, गृह कलेश नहीं होता है और घर में शांति रहती है। आज हम आपको बताते हैं कि कैसे करें प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा जिससे वे शीघ्र प्रसन्न हों।
सुबह उठकर सबसे पहले स्नान और ध्यान आदि से निवृत्त होकर ताम्र पत्र के श्री गणेश यन्त्र को साफ़ मिट्टी, नमक और निम्बू से अच्छी तरह से साफ़ करना चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख करके आसान पर विराजमान हो कर सामने श्री गणेश यन्त्र की स्थापना करें।
शुद्ध आसन पर बैठकर सभी पूजन सामग्री को एकत्रित कर पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली, चंदन, मोदक आदि गणेश भगवान को समर्पित कर इनकी आरती करना चाहिए। आख़िरी में भगवान गणेश जी का स्मरण कर “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए।
मान्यता है कि यदि बुधवार के दिन घर में सफेद रंग के गणपति की स्थापना की जाए तो समस्त प्रकार की तंत्र शक्ति का नाश होता है।
शास्त्रों में कहा गया है कि धन प्राप्ति के लिए बुधवार के दिन श्री गणेश को घी और गुड़ का भोग लगाना चाहिए। गणेश जी को भोग लगाने के बाद घी और गुड़ गाय को खिला दें। यह उपाय करने से धन सम्बन्धी समस्या दूर होती है।
परिवार में यदि कलह क्लेश होता है तो बुधवार के दिन दूर्वा के गणेश जी की प्रतिकात्मक मूर्ति बनवाएं। इसे अपने घर के देवालय में स्थापित करें और प्रतिदिन इसकी विधि-विधान से पूजा करें। ऐसा करने से घर में होने वाले झगड़े शांत हो जाते हैं।
वास्तुशास्त्र में लिखा है कि घर के मुख्य दरवाजे पर गणेशजी की प्रतिमा लगाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाती है।
DEC 16 (WTN) - कहा जाता है कि यदि विधि विधान से गणेश भगवान की पूजा की जाए तो सुख समृद्धि का घर में वास होता है, गृह कलेश नहीं होता है और घर में शांति रहती है। आज हम आपको बताते हैं कि कैसे करें प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा जिससे वे शीघ्र प्रसन्न हों।
सुबह उठकर सबसे पहले स्नान और ध्यान आदि से निवृत्त होकर ताम्र पत्र के श्री गणेश यन्त्र को साफ़ मिट्टी, नमक और निम्बू से अच्छी तरह से साफ़ करना चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख करके आसान पर विराजमान हो कर सामने श्री गणेश यन्त्र की स्थापना करें।
शुद्ध आसन पर बैठकर सभी पूजन सामग्री को एकत्रित कर पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली, चंदन, मोदक आदि गणेश भगवान को समर्पित कर इनकी आरती करना चाहिए। आख़िरी में भगवान गणेश जी का स्मरण कर “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए।
मान्यता है कि यदि बुधवार के दिन घर में सफेद रंग के गणपति की स्थापना की जाए तो समस्त प्रकार की तंत्र शक्ति का नाश होता है।
शास्त्रों में कहा गया है कि धन प्राप्ति के लिए बुधवार के दिन श्री गणेश को घी और गुड़ का भोग लगाना चाहिए। गणेश जी को भोग लगाने के बाद घी और गुड़ गाय को खिला दें। यह उपाय करने से धन सम्बन्धी समस्या दूर होती है।
परिवार में यदि कलह क्लेश होता है तो बुधवार के दिन दूर्वा के गणेश जी की प्रतिकात्मक मूर्ति बनवाएं। इसे अपने घर के देवालय में स्थापित करें और प्रतिदिन इसकी विधि-विधान से पूजा करें। ऐसा करने से घर में होने वाले झगड़े शांत हो जाते हैं।
वास्तुशास्त्र में लिखा है कि घर के मुख्य दरवाजे पर गणेशजी की प्रतिमा लगाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाती है।