सावधान! सिर्फ़ 3500 रुपये में बिक रही है आपकी बैंकिंग समेत सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल
Wednesday - December 19, 2018 4:16 pm ,
Category : WTN HINDI
सावधानी में ही है सुरक्षा!
सायबर चोरी से हो सकता है आपको ‘भारी नुकसान’, हमेशा रहें ‘सतर्क’
DEC 19 (WTN) – सावधान! यह ख़बर आपके लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है और इस ख़बर के ज़रिये हम आपको सावधान कर रहे हैं, क्योंकि आपका पर्सनल डेटा यदि किसी को पता करना है तो उसे खर्च करने होंगे सिर्फ़ 3500 रुपए और आपकी पूरी जानकारी उसके पास उपलब्ध होगी। इसमें आपके सोशल मीडिया अकाउंट, बैंकिंग डिटेल्स, क्रेडिट कार्ड की जानकारी और गेमिंग वेबसाइट का डेटा शामिल है। एक नई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि कोई भी आपका पर्सनल डेटा हासिल कर सकता है।
सायबर सिक्योरिटी फर्म कैसपर्सकी लैब के मुताबिक़, आपका यह महत्वपूर्ण डेटा डार्क वेब पर मिल रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डार्क वेब को डार्कनेट भी कहते हैं। इस पर जो सूचनाएं होती हैं वो सर्च इंजन में नहीं मिलती हैं। कैसपर्सकी लैब की रिपोर्ट के मुताबिक़, सायबर अपराधी आपकी पूरी डिजिटल जानकारी किसी को भी सिर्फ़ 50 डॉलर में बेंच सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक जो डेटा सायबर अपराधी आपको चुराकर देंगे उसमें सोशल मीडिया से चुराया गया डेटा, बैंक की जानकारी, डेस्कटॉप, सर्वर और तो और उबर, नेटफ्लिक्स जैसी वेबसाइट से चुराया गया डेटा भी शामिल है। इतना ही नहीं, इन वेबसाइट पर आपके क्रेडिट कार्ड की भी पूरी जानकारी होती है।
आप पढ़कर चौक जाएंगे कि कैसपर्सकी लैब की रिसर्च के मुताबिक़ एक अकाउंट हैक करने का खर्च सिर्फ़ 70 रुपए के आसपास है। इतना ही नहीं, अगर कोई ज़्यादा खरीददारी करता है तो उसे डिस्काउंट भी मिलता है। इस तरह के चुराए गए डेटा का कई तरह से उपयोग होता है और इसके ज़रिए किसी व्यक्ति को भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है।
आपकी डेटा की जानकारी चुराने वाले सायबर अपराधी काफ़ी शातिर होते हैं। डेटा चोरी का सबसे सामान्य तरीका है स्पेयर फिशिंग कैम्पेन या एप्लीकेशन के सॉफ्टवेयर में वेब सम्बन्धी सुरक्षा में सेंध। आपका डेटा चुराने के लिए ये लोग फिशिंग का उपयोग करते हैं। जैसे कि वो आपको कोई लिंक भेजेंगे अगर आपने इसको क्लिक कर दिया तो आपकी जानकारी उनके पास पहुंच जाएगी। इसके बाद वो आपके पासवर्ड को निशाना बनाएंगे। अगर आपके एक से ज़्यादा अकाउंट के पासवर्ड हैं तो सभी असुरक्षित हो जाएंगे। कई लोग तो लाइफ़टाइम वारंटी के साथ ये डेटा बेच रहे हैं।
रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा की चोरी लोगों की डेटा सुरक्षा को लेकर लापरवाही की वजह से होती है। जैसा कि आप जानते हैं कि डेटा की चोरी किसी व्यक्ति को बड़ी समस्या में डाल सकती है। वो या तो पैसा खो सकता है या अपनी छवि। इस तरह डेटा फिशिंग से बचने के लिए उपाय है कि आप सायबर सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर का उपयोग करें और अपना निजी डेटा किसी को भी ना दें। याद रखें कि हर जगह एक ही पासवर्ड का उपयोग ना करें।
सबसे पहले जानिए कि आख़िर फिशिंग क्या होती है। फिशिंग के तहत हैकर्स किसी भी कम्पनी या सरकारी व्यक्ति की फेक आईडी बनाकर यूजर्स को फेक ई-मेल भेजते हैं। इसमें हैकर्स की यह कोशिश रहती है कि यूजर अपना पासवर्ड और क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डिटेल्स उनके साथ शेयर कर दें। भारत में हैकर्स दो तरीकों से फ्रॉड करते हैं पहला ई-मेल के जरिए और दूसरा एसएमएस के जरिए।
आइये अब आपको बताते हैं कि आप सायबर अपराधियों से कैसे बच सकते हैं। गूगल ने आईफोन और आईपैड यूजर्स के लिए एक नया एंटी-फिशिंग सिक्योरिटी चेक जारी किया था। इसके जरिए अगर यूजर्स फ़ोन में जीमेल एप से किसी भी फिंशिंग ई-मेल पर क्लिक करते हैं तो उनके पास वार्निंग मैसेज आ जाएगा। सतर्क रहें कि आपके कम्प्यूटर और मोबाइल फ़ोन में एक अच्छा एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर होना चाहिए।
गूगल लगातार एंटी-फिशिंग सिक्योरिटी पैचेज रिलीज़ करता रहता है। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि आप हमेशा अपनी जीमेल ऐप को अपडेटेड रखें। याद रखें कि किसी भी अनजान व्यक्ति के मेल का जवाब न दें। साथ ही उसमें दिए गए लिंक पर भी कभी क्लिक न करें।
वहीं यदि अगर आपने किसी मेल से कोई फाइल डाउनलोड की है, तो उसे किसी अच्छे एंटी-वायरस ऐप से जरुर स्कैन करें। अगर ईमेल आपके निजी और व्यवसायिक काम से सम्बन्धित नहीं है, तो बेहतर होगा कि आप उसे स्पैम और ब्लॉक कर दें। ध्यान रखें कि आपका मोबाइल नम्बर आपके बैंक के साथ रजिस्टर जरूर हो ताक़ि उससे होने वाले हर ट्रांजेक्शन की जानकारी आपके पास मैसेज के ज़रिए आ जाएं।
कभी भी ऐसी कोई भी वेबसाइट को ओपन न करें जो बिना https URL के हो। कभी भी किसी को भी अपनी यूजर आईडी, पासवर्ड , OTP, URN, डेबपिट कार्ड ग्रिड वैल्यू शेयर न करें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोई भी बैंक या आईटी ऑफिशियल आपसे ये जानकारी नहीं मांगता है। तो हमारी आपको सलाह है कि हमेशा सतर्क रहें, क्योंकि सावधानी में ही सुरक्षा है।
DEC 19 (WTN) – सावधान! यह ख़बर आपके लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है और इस ख़बर के ज़रिये हम आपको सावधान कर रहे हैं, क्योंकि आपका पर्सनल डेटा यदि किसी को पता करना है तो उसे खर्च करने होंगे सिर्फ़ 3500 रुपए और आपकी पूरी जानकारी उसके पास उपलब्ध होगी। इसमें आपके सोशल मीडिया अकाउंट, बैंकिंग डिटेल्स, क्रेडिट कार्ड की जानकारी और गेमिंग वेबसाइट का डेटा शामिल है। एक नई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि कोई भी आपका पर्सनल डेटा हासिल कर सकता है।
सायबर सिक्योरिटी फर्म कैसपर्सकी लैब के मुताबिक़, आपका यह महत्वपूर्ण डेटा डार्क वेब पर मिल रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डार्क वेब को डार्कनेट भी कहते हैं। इस पर जो सूचनाएं होती हैं वो सर्च इंजन में नहीं मिलती हैं। कैसपर्सकी लैब की रिपोर्ट के मुताबिक़, सायबर अपराधी आपकी पूरी डिजिटल जानकारी किसी को भी सिर्फ़ 50 डॉलर में बेंच सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक जो डेटा सायबर अपराधी आपको चुराकर देंगे उसमें सोशल मीडिया से चुराया गया डेटा, बैंक की जानकारी, डेस्कटॉप, सर्वर और तो और उबर, नेटफ्लिक्स जैसी वेबसाइट से चुराया गया डेटा भी शामिल है। इतना ही नहीं, इन वेबसाइट पर आपके क्रेडिट कार्ड की भी पूरी जानकारी होती है।
आप पढ़कर चौक जाएंगे कि कैसपर्सकी लैब की रिसर्च के मुताबिक़ एक अकाउंट हैक करने का खर्च सिर्फ़ 70 रुपए के आसपास है। इतना ही नहीं, अगर कोई ज़्यादा खरीददारी करता है तो उसे डिस्काउंट भी मिलता है। इस तरह के चुराए गए डेटा का कई तरह से उपयोग होता है और इसके ज़रिए किसी व्यक्ति को भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है।
आपकी डेटा की जानकारी चुराने वाले सायबर अपराधी काफ़ी शातिर होते हैं। डेटा चोरी का सबसे सामान्य तरीका है स्पेयर फिशिंग कैम्पेन या एप्लीकेशन के सॉफ्टवेयर में वेब सम्बन्धी सुरक्षा में सेंध। आपका डेटा चुराने के लिए ये लोग फिशिंग का उपयोग करते हैं। जैसे कि वो आपको कोई लिंक भेजेंगे अगर आपने इसको क्लिक कर दिया तो आपकी जानकारी उनके पास पहुंच जाएगी। इसके बाद वो आपके पासवर्ड को निशाना बनाएंगे। अगर आपके एक से ज़्यादा अकाउंट के पासवर्ड हैं तो सभी असुरक्षित हो जाएंगे। कई लोग तो लाइफ़टाइम वारंटी के साथ ये डेटा बेच रहे हैं।
रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा की चोरी लोगों की डेटा सुरक्षा को लेकर लापरवाही की वजह से होती है। जैसा कि आप जानते हैं कि डेटा की चोरी किसी व्यक्ति को बड़ी समस्या में डाल सकती है। वो या तो पैसा खो सकता है या अपनी छवि। इस तरह डेटा फिशिंग से बचने के लिए उपाय है कि आप सायबर सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर का उपयोग करें और अपना निजी डेटा किसी को भी ना दें। याद रखें कि हर जगह एक ही पासवर्ड का उपयोग ना करें।
सबसे पहले जानिए कि आख़िर फिशिंग क्या होती है। फिशिंग के तहत हैकर्स किसी भी कम्पनी या सरकारी व्यक्ति की फेक आईडी बनाकर यूजर्स को फेक ई-मेल भेजते हैं। इसमें हैकर्स की यह कोशिश रहती है कि यूजर अपना पासवर्ड और क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डिटेल्स उनके साथ शेयर कर दें। भारत में हैकर्स दो तरीकों से फ्रॉड करते हैं पहला ई-मेल के जरिए और दूसरा एसएमएस के जरिए।
आइये अब आपको बताते हैं कि आप सायबर अपराधियों से कैसे बच सकते हैं। गूगल ने आईफोन और आईपैड यूजर्स के लिए एक नया एंटी-फिशिंग सिक्योरिटी चेक जारी किया था। इसके जरिए अगर यूजर्स फ़ोन में जीमेल एप से किसी भी फिंशिंग ई-मेल पर क्लिक करते हैं तो उनके पास वार्निंग मैसेज आ जाएगा। सतर्क रहें कि आपके कम्प्यूटर और मोबाइल फ़ोन में एक अच्छा एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर होना चाहिए।
गूगल लगातार एंटी-फिशिंग सिक्योरिटी पैचेज रिलीज़ करता रहता है। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि आप हमेशा अपनी जीमेल ऐप को अपडेटेड रखें। याद रखें कि किसी भी अनजान व्यक्ति के मेल का जवाब न दें। साथ ही उसमें दिए गए लिंक पर भी कभी क्लिक न करें।
वहीं यदि अगर आपने किसी मेल से कोई फाइल डाउनलोड की है, तो उसे किसी अच्छे एंटी-वायरस ऐप से जरुर स्कैन करें। अगर ईमेल आपके निजी और व्यवसायिक काम से सम्बन्धित नहीं है, तो बेहतर होगा कि आप उसे स्पैम और ब्लॉक कर दें। ध्यान रखें कि आपका मोबाइल नम्बर आपके बैंक के साथ रजिस्टर जरूर हो ताक़ि उससे होने वाले हर ट्रांजेक्शन की जानकारी आपके पास मैसेज के ज़रिए आ जाएं।
कभी भी ऐसी कोई भी वेबसाइट को ओपन न करें जो बिना https URL के हो। कभी भी किसी को भी अपनी यूजर आईडी, पासवर्ड , OTP, URN, डेबपिट कार्ड ग्रिड वैल्यू शेयर न करें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोई भी बैंक या आईटी ऑफिशियल आपसे ये जानकारी नहीं मांगता है। तो हमारी आपको सलाह है कि हमेशा सतर्क रहें, क्योंकि सावधानी में ही सुरक्षा है।