ग्रामीणों से जुड़े पाठ्यक्रम अब निजी विश्वविद्यालयों में होंगे शामिल
Thursday - December 20, 2018 9:45 am ,
Category : WTN HINDI
निजी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल होंगे ग्रामीण विकास सम्बन्धित विषय
DEC 20 (WTN) – समय-समय पर भोपाल स्थित मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग में परिचर्चाओं का आयोजन किया जाता है, जिससे सभी के बीच सार्थक सम्वाद स्थापित हो सके और परिचर्चा के माध्यम से विचारों का आदान-प्रदान हो सके। इसी कड़ी में सोमवार यानि 17 दिसम्बर को आयोग ने भोपाल में एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन महात्मा गांधी राष्ट्रीय शिक्षा परिषद के साथ संयुक्त तत्वाधान में किया।
ग्रामीणों से जुड़ी इस सार्थक परिचर्चा में मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों के सम्पूर्ण विकास के अवसर को धरातल पर लाने के लिए स्थापित निजी विश्वविद्यालयों में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में ग्रामीण संचार, ग्रामीण परिवेश में उनके रहन-सहन के स्तर को ऊंचा उठाने, ग्रामीण उद्योग धंधे एवं पारम्परिक उद्योगों को विकसित करने के उद्देश्य से उन्नत भारत मिशन के अंतर्गत, विश्वविद्यालय स्तर पर संचालित किये जाने वाले पाठ्यक्रमों में सामुदायिक विकास, ग्रामीण विकास से सम्बन्धित इकाईयों को शामिल करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यशाला का शुभारम्भ मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ अखिलेश कुमार पाण्डे ने किया। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियमाक आयोग के सदस्य (प्रशासनिक) डॉ स्वराज पुरी, हैदराबाद स्थित एमजीएनसीआरई के विषय विशेषज्ञ डॉ कल्याण चक्रवर्ती समेत कई निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति और डीन उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सीईओ डॉ के.पी.साहू ने किया। कार्यक्रम के अंत में आयोग के सदस्य (प्रशासनिक) डॉ स्वराज पुरी ने विश्वविद्यालयों में ग्रामीणों से जुड़े पाठ्यक्रम को निजी विश्वविद्यालय में शामिल किये जाने पर आभार व्यक्त किया।
DEC 20 (WTN) – समय-समय पर भोपाल स्थित मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग में परिचर्चाओं का आयोजन किया जाता है, जिससे सभी के बीच सार्थक सम्वाद स्थापित हो सके और परिचर्चा के माध्यम से विचारों का आदान-प्रदान हो सके। इसी कड़ी में सोमवार यानि 17 दिसम्बर को आयोग ने भोपाल में एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन महात्मा गांधी राष्ट्रीय शिक्षा परिषद के साथ संयुक्त तत्वाधान में किया।
ग्रामीणों से जुड़ी इस सार्थक परिचर्चा में मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों के सम्पूर्ण विकास के अवसर को धरातल पर लाने के लिए स्थापित निजी विश्वविद्यालयों में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में ग्रामीण संचार, ग्रामीण परिवेश में उनके रहन-सहन के स्तर को ऊंचा उठाने, ग्रामीण उद्योग धंधे एवं पारम्परिक उद्योगों को विकसित करने के उद्देश्य से उन्नत भारत मिशन के अंतर्गत, विश्वविद्यालय स्तर पर संचालित किये जाने वाले पाठ्यक्रमों में सामुदायिक विकास, ग्रामीण विकास से सम्बन्धित इकाईयों को शामिल करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यशाला का शुभारम्भ मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ अखिलेश कुमार पाण्डे ने किया। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियमाक आयोग के सदस्य (प्रशासनिक) डॉ स्वराज पुरी, हैदराबाद स्थित एमजीएनसीआरई के विषय विशेषज्ञ डॉ कल्याण चक्रवर्ती समेत कई निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति और डीन उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सीईओ डॉ के.पी.साहू ने किया। कार्यक्रम के अंत में आयोग के सदस्य (प्रशासनिक) डॉ स्वराज पुरी ने विश्वविद्यालयों में ग्रामीणों से जुड़े पाठ्यक्रम को निजी विश्वविद्यालय में शामिल किये जाने पर आभार व्यक्त किया।