विश्लेषण: कमलनाथ मंत्रिमण्डल में क्षेत्रीय, जातीय और गुटीय संतुलन का सामंजस्य
Wednesday - December 26, 2018 12:36 pm ,
Category : WTN HINDI
8 राजपूत विधायकों को मिला कमलनाथ कैबिनेट में मंत्री बनने का मौक़ा
कमलनाथ के 28 मंत्रियों में दो महिलाएं भी शामिल; अनुभवी आरिफ़ अक़ील फ़िर बने मंत्री
DEC 26 (WTN) – आखिरकार लम्बे इंतज़ार के बाद कमलनाथ सरकार के मंत्रिमण्डल का गठन हो ही गया। मध्य प्रदेश में 15 सालों के बाद विधानसभा चुनाव जीती कांग्रेस ने राज्य में क्षेत्रीय, जातीय और गुटीय प्रतिनिधित्व के आधार पर मंत्रीमण्डल में संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की है। कमलनाथ कैबिनेट में कुल 28 मंत्रियों ने शपथ ली है, जिसमें मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र का दबदबा साफ़ देखा जा सकता है, ऐसा इसलिए क्योंकि इन दोनों ही क्षेत्रों में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में भाजपा के गढ़ को ढहाकर ही राज्य में सत्ता में वापसी की है।
वैसे तो मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी कैबिनेट में मध्य प्रदेश के सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व के आधार पर जगह देने की कोशिश की है, लेकिन सर्वाधिक 9 मंत्री मालवा-निमाड़ क्षेत्र से बनाए गए हैं। मालवा निमाड़ से बनने वाले मंत्रियों में विजय लक्ष्मी साधो, सज्जन सिंह वर्मा, हुकुम सिंह कराड़ा, बाला बच्चन, सचिन यादव, सुरेंद्र सिंह बघेल, तुलसी राम सिलावट, उमंग सिंघार और जीतू पटवारी शामिल हैं।
मालवा-निमाड़ के बाद सबसे ज़्यादा 6 मंत्री मध्य क्षेत्र से बनाए गये हैं। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाले क्षेत्र ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र से 5 मंत्री बनाए गए हैं। जबकि कमलनाथ के प्रभाव वाले इलाके महाकौशल से 4 मंत्री और बुंदेलखण्ड से 3 मंत्री बनाए गए हैं।
बात करें विंध्य क्षेत्र की, तो इस बार विंध्य क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से अच्छा नहीं रहा है। इस चुनाव में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह खुद चुनाव हार गए। ऐसे में विंध्य क्षेत्र से सिर्फ़ एक ही विधायक कमलेश्वर पटेल को मंत्री बनाया गया है।
कमलनाथ की कैबिनेट में जातीय समीकरण की बात करें तो इसमें राजपूतों को खास तरजीह दी गई है। राजपूत जाति से सबसे ज़्यादा 8 विधायक मंत्री बनाए गए हैं। वहीं अनुसूचित जाति से 6, ओबीसी वर्ग से 4, एसटी से 4, यादव समाज से तीन, ब्राह्मण समाज से दो और एक मुस्लिम समाज से एक विधायक को मंत्री बनाया गया है। वहीं 2 महिला विधायकों को मंत्री बनाया गया है। यह दोनों ही महिला विधायक भी अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व करती हैं।
मंत्रिमण्डल में एकमात्र मुस्लिम चेहरा आरिफ़ अकील हैं जो कि भोपाल-उत्तर विधानसभा सीट से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। वहीं महिला मंत्रियों की बात करें, तो महेश्वर से चुनाव जीतीं विजयलक्ष्मी साधो जो कि राज्यसभा सांसद और राज्य में मंत्री रह चुकी हैं उन्हें कमलनाथ ने मंत्री बनाया है। साधो निमाड़ क्षेत्र में कांग्रेस की बड़ी महिला नेत्री हैं। वहीं, दूसरी महिला मंत्री डबरा से विधायक बनीं इमरती देवी हैं, जो कि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की क़रीबी मानी जाती हैं।
यदि कमलनाथ सरकार के कैबिनेट की बात करें, तो इसमें कमलनाथ गुट के 10, दिग्विजय सिंह के 9, ज्योतिरादित्य सिंधिया के 7 और अरुण यादव गुट के 1 विधायक को जगह दी गई है। जबकि कहा जा रहा है कि डिंडोरी से विधायक ओंकार सिंह मरकाम राहुल गांधी की पसंद हैं।
आइये आपको जातिगत समीकरण के आधार पर बताते हैं कि कौन कौन कमलनाथ कैबिनेट में मंत्री बना।
राजपूत समाज के मंत्री – डॉ गोविंद सिंह, हुकुम सिंह कराड़ा. बृजेन्द्र सिंह राठौर, गोविंद सिंह राजपूत, जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह, महेन्द्र सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर
अनुसूचित जाति के मंत्री – विजय लक्ष्मी साधो, सज्जन सिंह वर्मा, तुलसीराम सिलावट, इमरती देवी, लखन घनघोरिया, डॉ प्रभुराम चौधरी
अनुसूचित जनजाति के मंत्री -, बाला बच्चन, ओंमकार सिंह मरकाम, उमंग सिंघार, सुरेन्द्र सिंह बघेल
ओबीसी वर्ग के मंत्री - प्रदीप जायसवाल, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, सुखदेव पांसे
यादव समाज के मंत्री - लाखन सिंह यादव, हर्ष यादव, सचिन यादव
ब्राह्मण समाज के मंत्री – पीसी शर्मा, तरूण भनोट
मुस्लिम मंत्री - आरिफ़ अकील
DEC 26 (WTN) – आखिरकार लम्बे इंतज़ार के बाद कमलनाथ सरकार के मंत्रिमण्डल का गठन हो ही गया। मध्य प्रदेश में 15 सालों के बाद विधानसभा चुनाव जीती कांग्रेस ने राज्य में क्षेत्रीय, जातीय और गुटीय प्रतिनिधित्व के आधार पर मंत्रीमण्डल में संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की है। कमलनाथ कैबिनेट में कुल 28 मंत्रियों ने शपथ ली है, जिसमें मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र का दबदबा साफ़ देखा जा सकता है, ऐसा इसलिए क्योंकि इन दोनों ही क्षेत्रों में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में भाजपा के गढ़ को ढहाकर ही राज्य में सत्ता में वापसी की है।
वैसे तो मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी कैबिनेट में मध्य प्रदेश के सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व के आधार पर जगह देने की कोशिश की है, लेकिन सर्वाधिक 9 मंत्री मालवा-निमाड़ क्षेत्र से बनाए गए हैं। मालवा निमाड़ से बनने वाले मंत्रियों में विजय लक्ष्मी साधो, सज्जन सिंह वर्मा, हुकुम सिंह कराड़ा, बाला बच्चन, सचिन यादव, सुरेंद्र सिंह बघेल, तुलसी राम सिलावट, उमंग सिंघार और जीतू पटवारी शामिल हैं।
मालवा-निमाड़ के बाद सबसे ज़्यादा 6 मंत्री मध्य क्षेत्र से बनाए गये हैं। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाले क्षेत्र ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र से 5 मंत्री बनाए गए हैं। जबकि कमलनाथ के प्रभाव वाले इलाके महाकौशल से 4 मंत्री और बुंदेलखण्ड से 3 मंत्री बनाए गए हैं।
बात करें विंध्य क्षेत्र की, तो इस बार विंध्य क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से अच्छा नहीं रहा है। इस चुनाव में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह खुद चुनाव हार गए। ऐसे में विंध्य क्षेत्र से सिर्फ़ एक ही विधायक कमलेश्वर पटेल को मंत्री बनाया गया है।
कमलनाथ की कैबिनेट में जातीय समीकरण की बात करें तो इसमें राजपूतों को खास तरजीह दी गई है। राजपूत जाति से सबसे ज़्यादा 8 विधायक मंत्री बनाए गए हैं। वहीं अनुसूचित जाति से 6, ओबीसी वर्ग से 4, एसटी से 4, यादव समाज से तीन, ब्राह्मण समाज से दो और एक मुस्लिम समाज से एक विधायक को मंत्री बनाया गया है। वहीं 2 महिला विधायकों को मंत्री बनाया गया है। यह दोनों ही महिला विधायक भी अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व करती हैं।
मंत्रिमण्डल में एकमात्र मुस्लिम चेहरा आरिफ़ अकील हैं जो कि भोपाल-उत्तर विधानसभा सीट से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। वहीं महिला मंत्रियों की बात करें, तो महेश्वर से चुनाव जीतीं विजयलक्ष्मी साधो जो कि राज्यसभा सांसद और राज्य में मंत्री रह चुकी हैं उन्हें कमलनाथ ने मंत्री बनाया है। साधो निमाड़ क्षेत्र में कांग्रेस की बड़ी महिला नेत्री हैं। वहीं, दूसरी महिला मंत्री डबरा से विधायक बनीं इमरती देवी हैं, जो कि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की क़रीबी मानी जाती हैं।
यदि कमलनाथ सरकार के कैबिनेट की बात करें, तो इसमें कमलनाथ गुट के 10, दिग्विजय सिंह के 9, ज्योतिरादित्य सिंधिया के 7 और अरुण यादव गुट के 1 विधायक को जगह दी गई है। जबकि कहा जा रहा है कि डिंडोरी से विधायक ओंकार सिंह मरकाम राहुल गांधी की पसंद हैं।
आइये आपको जातिगत समीकरण के आधार पर बताते हैं कि कौन कौन कमलनाथ कैबिनेट में मंत्री बना।
राजपूत समाज के मंत्री – डॉ गोविंद सिंह, हुकुम सिंह कराड़ा. बृजेन्द्र सिंह राठौर, गोविंद सिंह राजपूत, जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह, महेन्द्र सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर
अनुसूचित जाति के मंत्री – विजय लक्ष्मी साधो, सज्जन सिंह वर्मा, तुलसीराम सिलावट, इमरती देवी, लखन घनघोरिया, डॉ प्रभुराम चौधरी
अनुसूचित जनजाति के मंत्री -, बाला बच्चन, ओंमकार सिंह मरकाम, उमंग सिंघार, सुरेन्द्र सिंह बघेल
ओबीसी वर्ग के मंत्री - प्रदीप जायसवाल, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, सुखदेव पांसे
यादव समाज के मंत्री - लाखन सिंह यादव, हर्ष यादव, सचिन यादव
ब्राह्मण समाज के मंत्री – पीसी शर्मा, तरूण भनोट
मुस्लिम मंत्री - आरिफ़ अकील