लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘महारणनीति’
Friday - December 28, 2018 9:40 am ,
Category : WTN HINDI
नये साल में आम जनता को 5 ‘बड़ी योजनाओं’ का ‘तोहफ़ा’ दे सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी के 5 ‘बड़े फ़ैसले’ बदले सकते हैं लोकसभा चुनाव के ‘समीकरण’
DEC 28 (WTN) – साल 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए अब कुछ ही महीने शेष बचे हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हार के बाद भाजपा और खासतौर से नरेन्द्र मोदी की छवि पर सवाल उठने लगे हैं कि कहीं जनता के बीच इनकी लहर खत्म तो नहीं हो गई है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजनीति के चतुर खिलाड़ी हैं और वे जानते हैं कि लोकसभा चुनाव जीतने के लिए क्या किया जाना चाहिए और क्या नहीं। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ऐसे पांच बड़े फ़ैसले से सकते हैं जिससे आम चुनाव 2019 के लिए उनकी राह आसान हो जाएगी।
2019 के लोकसभा चुनाव को जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तरकश में एक नहीं बल्कि कई तीर हैं जिनकी सहायता से आम चुनाव के जीत के लक्ष्य को वो भेद सकेंगे। आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी 5 ऐसे बड़े और महत्वपूर्ण फ़ैसले आम चुनाव से पहले ले सकते हैं जो कि लोकसभा चुनाव के पूरे समीकरण बदले देंगे और इन फ़ैसलों के सामने विपक्षी एकता की हवा निकल जाएगी। कौन से हैं वे 5 फ़ैसले जिनके दम पर मोदी 2019 की लोकसभा चुनाव जीतने की राह आसान होगी, आइये जानते हैं।
यूनिवर्सल बेसिक इनकम
सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक़ नए साल पर मोदी सरकार यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) स्कीम का बड़ा तोहफा देश की आम जनता को दे सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस स्कीम की चर्चा काफ़ी समय से हो रही है। इस स्कीम के लिए हाल ही में विभिन्न मंत्रालयों से राय मांगी गई है। दरअसल इस स्कीम के अंतर्गत सरकार देश के हर नागरिक को बिना शर्त एक तय रकम देती है। इस स्कीम के दायरे में क़रीब 10 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार साल 2016-17 के आर्थिक सर्वे में सरकार को इस स्कीम को अपनाने की सलाह दी गई थी। कहा जा रहा है कि आम चुनाव से पहले मोदी सरकार इस योजना का आगाज़ कर सकती है।
दैनिक उपभोग के सामान होंगे सस्ते
कुछ दिनों पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी यानि कि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के 18 प्रतिशत के स्लैब को ख़त्म करने के संकेत दिये थे। जेटली का कहना था कि आने वाला समय 0, 5 और नए स्टैंडर्ड स्लैब का होगा। यदि वित्तमंत्री अरुण जेटली की बात पर गौर किया जाए तो उन प्रोडक्ट की जीएसटी दर में कटौती हो सकती है जो अभी 18 प्रतिशत के स्लैब में हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दैनिक उपभोग के कई ज़रुरी सामान जीएसटी के 18 प्रतिशत स्लैब में शामिल हैं। यानि कि यदि दैनिक उपभोग के सामान 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब से बाहर होंगे तो कई सामना सस्ते हो जाएंगे।
घर खरीदना होगा सस्ता
मोदी सरकार की योजना है कि सभी के पास अपना घर हो। इसी कड़ी में जनवरी में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में एक ऐसा फैसला लिया जा सकता है जिससे घर खरीदना सस्ता हो जाएगा। कहा जा रहा है कि जो मकान बन रहे हैं या फ़िर बन कर तैयार हैं और कंप्लीशन यानि कि निर्माण कार्य सम्पन्न होने के प्रमाण पत्र का इंतज़ार कर रहे हैं उस पर जीएसटी दर घटाई जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो आम चुनाव के पहले मोदी सरकार के इस फ़ैसले से आम जनता के लिए घर ख़रीदने पहले के मुक़ाबले काफ़ी सस्ता हो जाएगा।
प्रीपेड बिजली मीटर
जिस तरह से आप मोबाइल के लिए रिचार्ज करते हैं उसी तरह से आप अब बिजली के लिए भी रिचार्ज कर सकेंगे। जी हां नये साल में मोदी सरकार इस तरह की योजना शुरू करने की तैयारी में है। दरअसल बिजली के बढ़ते बिल की शिकायतों का हल निकालने के लिए मोदी सरकार ने यह पहल की है। हाल ही में ऊर्जा मंत्रालय ने बताया था कि 1 अप्रैल, 2019 से सभी राज्यों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य करने की योजना पर काम हो रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोबाइल फ़ोन की तरह इसमें प्रीपेड बिजली रिचार्ज कार्ड दिया जाएगा। बिजली उपभोक्ता जितने का रिचार्ज करेगा उतनी बिजली उसे मिलेगी। सरकार का दावा है कि इससे बिजली के बिलों की शिकायत दूर हो जाएगी।
आईटीआर फॉर्म भरने से मिलेगी मुक्ति
काफ़ी समय से इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की शिकायत है कि उन्हें ITR फॉर्म भरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यदि सभी कुछ योजनानुसार रहा तो आने वाले समय में
आईटीआर फॉर्म भरने से लोगों को मुक्ति मिल सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन ने संकेत दिए हैं कि टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने वाले लोगों को जल्द ही पहले से भरे हुए ITR फॉर्म मिलेंगे। ऐसा होने से रिटर्न फ़ाइल करने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी। इसका मतलब यह होगा कि आपको अब पहले से भरा हुआ ITR फॉर्म मिलेगा और आपको उसमें सिर्फ़ संशोधन करने होंगे।
DEC 28 (WTN) – साल 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए अब कुछ ही महीने शेष बचे हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हार के बाद भाजपा और खासतौर से नरेन्द्र मोदी की छवि पर सवाल उठने लगे हैं कि कहीं जनता के बीच इनकी लहर खत्म तो नहीं हो गई है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजनीति के चतुर खिलाड़ी हैं और वे जानते हैं कि लोकसभा चुनाव जीतने के लिए क्या किया जाना चाहिए और क्या नहीं। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ऐसे पांच बड़े फ़ैसले से सकते हैं जिससे आम चुनाव 2019 के लिए उनकी राह आसान हो जाएगी।
2019 के लोकसभा चुनाव को जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तरकश में एक नहीं बल्कि कई तीर हैं जिनकी सहायता से आम चुनाव के जीत के लक्ष्य को वो भेद सकेंगे। आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी 5 ऐसे बड़े और महत्वपूर्ण फ़ैसले आम चुनाव से पहले ले सकते हैं जो कि लोकसभा चुनाव के पूरे समीकरण बदले देंगे और इन फ़ैसलों के सामने विपक्षी एकता की हवा निकल जाएगी। कौन से हैं वे 5 फ़ैसले जिनके दम पर मोदी 2019 की लोकसभा चुनाव जीतने की राह आसान होगी, आइये जानते हैं।
यूनिवर्सल बेसिक इनकम
सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक़ नए साल पर मोदी सरकार यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) स्कीम का बड़ा तोहफा देश की आम जनता को दे सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस स्कीम की चर्चा काफ़ी समय से हो रही है। इस स्कीम के लिए हाल ही में विभिन्न मंत्रालयों से राय मांगी गई है। दरअसल इस स्कीम के अंतर्गत सरकार देश के हर नागरिक को बिना शर्त एक तय रकम देती है। इस स्कीम के दायरे में क़रीब 10 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार साल 2016-17 के आर्थिक सर्वे में सरकार को इस स्कीम को अपनाने की सलाह दी गई थी। कहा जा रहा है कि आम चुनाव से पहले मोदी सरकार इस योजना का आगाज़ कर सकती है।
दैनिक उपभोग के सामान होंगे सस्ते
कुछ दिनों पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी यानि कि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के 18 प्रतिशत के स्लैब को ख़त्म करने के संकेत दिये थे। जेटली का कहना था कि आने वाला समय 0, 5 और नए स्टैंडर्ड स्लैब का होगा। यदि वित्तमंत्री अरुण जेटली की बात पर गौर किया जाए तो उन प्रोडक्ट की जीएसटी दर में कटौती हो सकती है जो अभी 18 प्रतिशत के स्लैब में हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दैनिक उपभोग के कई ज़रुरी सामान जीएसटी के 18 प्रतिशत स्लैब में शामिल हैं। यानि कि यदि दैनिक उपभोग के सामान 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब से बाहर होंगे तो कई सामना सस्ते हो जाएंगे।
घर खरीदना होगा सस्ता
मोदी सरकार की योजना है कि सभी के पास अपना घर हो। इसी कड़ी में जनवरी में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में एक ऐसा फैसला लिया जा सकता है जिससे घर खरीदना सस्ता हो जाएगा। कहा जा रहा है कि जो मकान बन रहे हैं या फ़िर बन कर तैयार हैं और कंप्लीशन यानि कि निर्माण कार्य सम्पन्न होने के प्रमाण पत्र का इंतज़ार कर रहे हैं उस पर जीएसटी दर घटाई जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो आम चुनाव के पहले मोदी सरकार के इस फ़ैसले से आम जनता के लिए घर ख़रीदने पहले के मुक़ाबले काफ़ी सस्ता हो जाएगा।
प्रीपेड बिजली मीटर
जिस तरह से आप मोबाइल के लिए रिचार्ज करते हैं उसी तरह से आप अब बिजली के लिए भी रिचार्ज कर सकेंगे। जी हां नये साल में मोदी सरकार इस तरह की योजना शुरू करने की तैयारी में है। दरअसल बिजली के बढ़ते बिल की शिकायतों का हल निकालने के लिए मोदी सरकार ने यह पहल की है। हाल ही में ऊर्जा मंत्रालय ने बताया था कि 1 अप्रैल, 2019 से सभी राज्यों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य करने की योजना पर काम हो रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोबाइल फ़ोन की तरह इसमें प्रीपेड बिजली रिचार्ज कार्ड दिया जाएगा। बिजली उपभोक्ता जितने का रिचार्ज करेगा उतनी बिजली उसे मिलेगी। सरकार का दावा है कि इससे बिजली के बिलों की शिकायत दूर हो जाएगी।
आईटीआर फॉर्म भरने से मिलेगी मुक्ति
काफ़ी समय से इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की शिकायत है कि उन्हें ITR फॉर्म भरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यदि सभी कुछ योजनानुसार रहा तो आने वाले समय में
आईटीआर फॉर्म भरने से लोगों को मुक्ति मिल सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन ने संकेत दिए हैं कि टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने वाले लोगों को जल्द ही पहले से भरे हुए ITR फॉर्म मिलेंगे। ऐसा होने से रिटर्न फ़ाइल करने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी। इसका मतलब यह होगा कि आपको अब पहले से भरा हुआ ITR फॉर्म मिलेगा और आपको उसमें सिर्फ़ संशोधन करने होंगे।