रेलवे देगा यात्रियों को एअरलाइंस की तरह बुकिंग की ‘सुविधा’!
Friday - January 4, 2019 11:57 am ,
Category : WTN HINDI
रिजर्वेशन के समय यात्री जान सकेंगे ‘खाली’ और ‘भरी’ सीटों की स्थिति
ट्रेन में रिजर्वेशन के दौरान यात्रियों से खाली और भरी सीटों की स्थिति साझा करेगी रेलवे
JAN 04 (WTN) – समय-समय पर भारतीय रेल अपने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए नये-नये कदम उठाती रहती है ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की कोई भी परेशानी ना हो। इसी कड़ी में अब आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर यात्रियों को नई सुविधा मिलने वाली है। दरअसल अभी तक आप जब आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर टिकिट बुक करते हैं, तो आपको अभी सिर्फ़ संख्या दिखाई देती है कि कितनी सीटें खाली हैं। लेकिन अब जब आप टिकिट बुक करेंगे, तो कौन से डिब्बे में कितनी सीटें खाली हैं और कितनी सीटें भरी हैं यह बुकिंग के समय आपको दिखाई देगा।
भारतीय रेलवे इस योजना पर काम कर रहा है जिससे एअरलाइंस की तरह यात्रियों को सीट बुकिंग के समय यह पता चल सके कि उपलब्ध सीटों की स्थिति क्या है। मीडिया से मिली जानकारी के मुकाबिक़, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा है कि वह रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (क्रिस) की मदद से आरक्षण चार्ट को सार्वजनिक करें ताकि सीटों की उपलब्धता से सम्बन्धित यात्रियों की शिकायतों को दूर किया जा सके।
जैसा कि आप जानते हैं कि जब कोई यात्री एअरलाइंस की वेबसाइट के माध्यम से सीट बुक करता है, तो उसे सम्बन्धित प्लेन में सीटिंग लेआउट अलग-अलग रंग में दिखाई देता है। जिसमें रंगों के माध्यम से पता चल जाता है कि कौन सी सीट बुक हो चुकी है और कौन सी नहीं। एअरलाइंस में यात्री अपनी सुविधानुसार सीट का चयन करते हैं और सीट की सुविधा के अनुसार उसका भुगतान करते हैं। कहा जा रहा है कि आने वाले समय में रेलवे यह व्यवस्था लागू कर सकता है।
कहा जा रहा है कि रेलवे को अब लगता है कि रेल रिजर्वेशन सुविधा को सार्वजनिक करने की ज़रूरत है ताकि यात्री किसी ख़ास ट्रेन में बुकिंग की स्थिति देख सकें। रेलवे की योजना है कि एअरलाइंस की तरह जब यात्री अपनी सीट बुक करे, तो उसे बुकिंग के पहले सीटिंग लेआउट दिखाई दे, जिसमें खाली और भरी सीटों के लिए रंगों का अलग-अलग लेआउट हो। ऐसा करने यात्रियों को साफ़ पता चल सकेगा कि किस ट्रेन के किस डिब्बे में कितनी और कौन सी सीटें भरी हैं या खाली हैं।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, यात्रियों की ओर से मिली शिकायतों के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अधिकारियों को यह निर्देश दिये हैं। कहा जा रहा है कि यात्रियों ने शिकायत की थी कि कुछ निश्चित रूट्स पर ट्रेनों में सीटों की बुकिंग हमेशा प्रतीक्षा सूची में होती है। यदि रिजर्वेशन करते समय सीटों की स्थिति यात्रियों को पता चल सकेगी तो इसका फ़ायदा यह होगा कि इससे यात्रियों को पता चल सकेगा कि किस ट्रेन के किस डिब्बे में कितनी स ीटें भरी हैं और कितनी खाली हैं।
यह योजना अपने आप में काफ़ी अच्छी है, लेकिन हमेशा की तरह रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी अपनी ज़िम्मेदारी से बचते हुए कोई ना कोई बहाना बना रहे हैं। अधिकारियों का तर्क है कि रिजर्वेशन विवरण को सार्वजनिक करना सुरक्षा का एक मुद्दा हो सकता है और हर स्टेशन पर यात्रियों के चढ़ने और उतरने से यह प्रकिया बोझिल साबित हो सकती है। लेकिन लगता है कि रेलवे के अधिकारी इस सुविधा को लागू किये बिना ही इसमें कमियां ढूंढ रहे हैं। आईआरसीटीसी को रिजर्वेशन करते समय सिर्फ़ यात्रियों को यह ही तो दिखाना है कि कौन सी सीट खाली है और कौन सी भरी।
वास्तव में यह जानना यात्रियों को हक़ है, क्योंकि कई बार देखा गया है कि रेलवे रिजर्वेशन में रेलवे बुकिंग विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण पहले से ही सीटें बुक हो जाती हैं। रेलवे को चाहिए कि रिजर्वेशन बुकिंग में पारदर्शिता हो, ताकि यात्रियों को पता चल सके कि वास्तव में किसी ट्रेन के किसी डिब्बे में कितनी सीटें खाली हैं और कितनी भरी हैं।
JAN 04 (WTN) – समय-समय पर भारतीय रेल अपने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए नये-नये कदम उठाती रहती है ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की कोई भी परेशानी ना हो। इसी कड़ी में अब आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर यात्रियों को नई सुविधा मिलने वाली है। दरअसल अभी तक आप जब आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर टिकिट बुक करते हैं, तो आपको अभी सिर्फ़ संख्या दिखाई देती है कि कितनी सीटें खाली हैं। लेकिन अब जब आप टिकिट बुक करेंगे, तो कौन से डिब्बे में कितनी सीटें खाली हैं और कितनी सीटें भरी हैं यह बुकिंग के समय आपको दिखाई देगा।
भारतीय रेलवे इस योजना पर काम कर रहा है जिससे एअरलाइंस की तरह यात्रियों को सीट बुकिंग के समय यह पता चल सके कि उपलब्ध सीटों की स्थिति क्या है। मीडिया से मिली जानकारी के मुकाबिक़, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा है कि वह रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (क्रिस) की मदद से आरक्षण चार्ट को सार्वजनिक करें ताकि सीटों की उपलब्धता से सम्बन्धित यात्रियों की शिकायतों को दूर किया जा सके।
जैसा कि आप जानते हैं कि जब कोई यात्री एअरलाइंस की वेबसाइट के माध्यम से सीट बुक करता है, तो उसे सम्बन्धित प्लेन में सीटिंग लेआउट अलग-अलग रंग में दिखाई देता है। जिसमें रंगों के माध्यम से पता चल जाता है कि कौन सी सीट बुक हो चुकी है और कौन सी नहीं। एअरलाइंस में यात्री अपनी सुविधानुसार सीट का चयन करते हैं और सीट की सुविधा के अनुसार उसका भुगतान करते हैं। कहा जा रहा है कि आने वाले समय में रेलवे यह व्यवस्था लागू कर सकता है।
कहा जा रहा है कि रेलवे को अब लगता है कि रेल रिजर्वेशन सुविधा को सार्वजनिक करने की ज़रूरत है ताकि यात्री किसी ख़ास ट्रेन में बुकिंग की स्थिति देख सकें। रेलवे की योजना है कि एअरलाइंस की तरह जब यात्री अपनी सीट बुक करे, तो उसे बुकिंग के पहले सीटिंग लेआउट दिखाई दे, जिसमें खाली और भरी सीटों के लिए रंगों का अलग-अलग लेआउट हो। ऐसा करने यात्रियों को साफ़ पता चल सकेगा कि किस ट्रेन के किस डिब्बे में कितनी और कौन सी सीटें भरी हैं या खाली हैं।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, यात्रियों की ओर से मिली शिकायतों के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अधिकारियों को यह निर्देश दिये हैं। कहा जा रहा है कि यात्रियों ने शिकायत की थी कि कुछ निश्चित रूट्स पर ट्रेनों में सीटों की बुकिंग हमेशा प्रतीक्षा सूची में होती है। यदि रिजर्वेशन करते समय सीटों की स्थिति यात्रियों को पता चल सकेगी तो इसका फ़ायदा यह होगा कि इससे यात्रियों को पता चल सकेगा कि किस ट्रेन के किस डिब्बे में कितनी स ीटें भरी हैं और कितनी खाली हैं।
यह योजना अपने आप में काफ़ी अच्छी है, लेकिन हमेशा की तरह रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी अपनी ज़िम्मेदारी से बचते हुए कोई ना कोई बहाना बना रहे हैं। अधिकारियों का तर्क है कि रिजर्वेशन विवरण को सार्वजनिक करना सुरक्षा का एक मुद्दा हो सकता है और हर स्टेशन पर यात्रियों के चढ़ने और उतरने से यह प्रकिया बोझिल साबित हो सकती है। लेकिन लगता है कि रेलवे के अधिकारी इस सुविधा को लागू किये बिना ही इसमें कमियां ढूंढ रहे हैं। आईआरसीटीसी को रिजर्वेशन करते समय सिर्फ़ यात्रियों को यह ही तो दिखाना है कि कौन सी सीट खाली है और कौन सी भरी।
वास्तव में यह जानना यात्रियों को हक़ है, क्योंकि कई बार देखा गया है कि रेलवे रिजर्वेशन में रेलवे बुकिंग विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण पहले से ही सीटें बुक हो जाती हैं। रेलवे को चाहिए कि रिजर्वेशन बुकिंग में पारदर्शिता हो, ताकि यात्रियों को पता चल सके कि वास्तव में किसी ट्रेन के किसी डिब्बे में कितनी सीटें खाली हैं और कितनी भरी हैं।