बधाई टीम इण्डिया! 25973 दिनों में पहली बार हासिल हुई ‘यह’ जीत
Monday - January 7, 2019 12:20 pm ,
Category : WTN HINDI
भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की ज़मीन पर टेस्ट सीरीज में दी शिकस्त
71 सालों में पहली बार भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जीती टेस्ट सीरीज; पुजारा, कोहली, बुमराह, पंत और शमी रहे जीत के हीरो
JAN 07 (WTN) – 71 सालों से जिस जीत का भारतीय क्रिकेट को इंतज़ार था वो घड़ी आ गई और भारत ने ऑस्टेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतकर एक नया इतिहास बना दिया। पूरे 71 सालों में पहली बार, यानि कि 25973 दिनों के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने में सफलता हासिल की।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोई भी एशियाई टीम 71 साल 1 महीने और 10 दिन में पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब हुई है। विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इण्डिया से पहले कोई भी एशियाई टीम ऑस्ट्रेलिया में ऐसा नहीं कर सकी थी। इस जीत से पहले भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी टीमों को ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीतने का इंतज़ार था।
भारतीय और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेला गया चौथा टेस्ट मैच बारिश की भेंट चढ़कर ड्रॉ हो गया। इसके साथ की विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसी कीे घर में हराकर एक नया इतिहास रच दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया की ज़मीन पर टेस्ट सीरीज हराने वाली पांचवीं टीम बन गई है। भारत से पहले इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका ने कंगारुओं को उनके घर में ही मात दी थी।
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में मात देने वाली पहली टीम थी। कैरेबियाई टीम ने कंगारुओं को साल 1979-80 में उनके ही घर में हराया था। इसके बाद 1982-83 में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराया था। ऑस्ट्रेलिया के पड़ोसी देश न्यूजीलैंड ने 1985-86 में पहली बार अपने पड़ोसियों के ख़िलाफ़ उनके घर में जीत हासिल की थी। वहीं दक्षिण अफ्रीका की टीम ने साल 2008-09 में ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में शिकस्त दी थी।
ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में जीत के साथ ही विराट कोहली साझा रूप से भारत के लिए विदेशी ज़मीन पर सबसे ज़्यादा टेस्ट सीरीज जीतने वाले कप्तान बन गए हैं। ऐसा करके उन्होंने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बराबरी की है।
71 सालों में पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतकर भारतीय क्रिकेट टीम ने जो इतिहास रचा है, इस जीत के कई हीरो हैं जिनके कारण ही भारतीय टीम को यह इतिहास रचने का मौका मिला। आइये आपको बताते हैं कि कौन-कौन से वे खिलाड़ी हैं जिनके शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम सीरीज जीतने में सफल रही।
बिना किसी संदेह के कहा जा सकता है कि चेतेश्वर पुजारा को भारत की सीरीज जीत का बहुत बड़ा क्रेडिट दिया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया का कोई भी गेंदबाज़ चेतेश्वर पुजारा की शानदार बल्लेबाज़ी के सामने नहीं टिक सका। पुजारा ने 4 टेस्ट मैचों में 74.42 के औसत से 521 रन बनाए जिसमें तीन शतक और एक अर्धशतक भी शामिल रहा।
जसप्रीत बुमराह के रूप में भारत को लम्बे समय बाद एक ऐसा गेंदबाज़ मिला जिसने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ों को ज़्यादा देर तक क्रीज पर टिकने ही नहीं दिया। जहां एक तरफ़ पुजारा ने अपने बल्ले से कंगारुओं की नाक में दम किया, तो वहीं बुमराह ने अपने गेंदों के दम पर कंगारुओं को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया। बुमराह ने 4 टेस्ट में कुल 157.1 ओवर किये और सबसे ज़्यादा 21 विकेट लिये। बुमराह के अलावा कप्तान विराट की उम्मीदों पर तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी खरा उतरे। शमी ने 4 टेस्ट मैचों में 136.4 ओवर किये और 419 रन देकर 16 विकेट लिये।
बात करें विराट कोहली की, तो इस सीरीज में उन्होंने 4 टेस्ट मैचों में 40.28 के औसत से 282 रन बनाए जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने भी अपने टैलेंट का शानदार प्रदर्शन किया। पहली छह पारियों में ऋषभ पंत का प्रदर्शन काफ़ी ख़राब रहा और वे 50 का आंकड़ा भी नहीं छू सके, लेकिन सिडनी टेस्ट मैच की सातवीं पारी में नाबाद 158 रन की पारी खेलकर पंत सीरीज में दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए। पंत ने 4 टेस्ट की 7 पारियों 58.33 के औसत से 1 शतक के साथ 350 रन बनाए।
सभी खिलाड़ियों के सामूहिक शानदार प्रदर्शन के कारण ही विराट कोहली भारतीय टीम को जीत दिला सके। जो करिश्मा विजय हजारे, सुनील गावस्कर और सचिन तेन्दुलकर जैसे क्रिकेट खिलाड़ी और कपिल देव, अजहरुद्दीन, सौरव गांगुल और महेन्द्र सिंह धोनी जैसे कप्तान नहीं कर सके, वो करिश्मा कप्तान विराट कोहली ने अपनी टीम के दम पर कर दिखाया। 71 सालों के बाद ऑस्ट्रेलिया को उसी की ज़मीन पर हराकर टीम इण्डिया ने जो इतिहास रचा है उसकी जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है।
JAN 07 (WTN) – 71 सालों से जिस जीत का भारतीय क्रिकेट को इंतज़ार था वो घड़ी आ गई और भारत ने ऑस्टेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतकर एक नया इतिहास बना दिया। पूरे 71 सालों में पहली बार, यानि कि 25973 दिनों के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने में सफलता हासिल की।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोई भी एशियाई टीम 71 साल 1 महीने और 10 दिन में पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब हुई है। विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इण्डिया से पहले कोई भी एशियाई टीम ऑस्ट्रेलिया में ऐसा नहीं कर सकी थी। इस जीत से पहले भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी टीमों को ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीतने का इंतज़ार था।
भारतीय और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेला गया चौथा टेस्ट मैच बारिश की भेंट चढ़कर ड्रॉ हो गया। इसके साथ की विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसी कीे घर में हराकर एक नया इतिहास रच दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया की ज़मीन पर टेस्ट सीरीज हराने वाली पांचवीं टीम बन गई है। भारत से पहले इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका ने कंगारुओं को उनके घर में ही मात दी थी।
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में मात देने वाली पहली टीम थी। कैरेबियाई टीम ने कंगारुओं को साल 1979-80 में उनके ही घर में हराया था। इसके बाद 1982-83 में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराया था। ऑस्ट्रेलिया के पड़ोसी देश न्यूजीलैंड ने 1985-86 में पहली बार अपने पड़ोसियों के ख़िलाफ़ उनके घर में जीत हासिल की थी। वहीं दक्षिण अफ्रीका की टीम ने साल 2008-09 में ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में शिकस्त दी थी।
ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में जीत के साथ ही विराट कोहली साझा रूप से भारत के लिए विदेशी ज़मीन पर सबसे ज़्यादा टेस्ट सीरीज जीतने वाले कप्तान बन गए हैं। ऐसा करके उन्होंने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बराबरी की है।
71 सालों में पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतकर भारतीय क्रिकेट टीम ने जो इतिहास रचा है, इस जीत के कई हीरो हैं जिनके कारण ही भारतीय टीम को यह इतिहास रचने का मौका मिला। आइये आपको बताते हैं कि कौन-कौन से वे खिलाड़ी हैं जिनके शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम सीरीज जीतने में सफल रही।
बिना किसी संदेह के कहा जा सकता है कि चेतेश्वर पुजारा को भारत की सीरीज जीत का बहुत बड़ा क्रेडिट दिया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया का कोई भी गेंदबाज़ चेतेश्वर पुजारा की शानदार बल्लेबाज़ी के सामने नहीं टिक सका। पुजारा ने 4 टेस्ट मैचों में 74.42 के औसत से 521 रन बनाए जिसमें तीन शतक और एक अर्धशतक भी शामिल रहा।
जसप्रीत बुमराह के रूप में भारत को लम्बे समय बाद एक ऐसा गेंदबाज़ मिला जिसने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ों को ज़्यादा देर तक क्रीज पर टिकने ही नहीं दिया। जहां एक तरफ़ पुजारा ने अपने बल्ले से कंगारुओं की नाक में दम किया, तो वहीं बुमराह ने अपने गेंदों के दम पर कंगारुओं को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया। बुमराह ने 4 टेस्ट में कुल 157.1 ओवर किये और सबसे ज़्यादा 21 विकेट लिये। बुमराह के अलावा कप्तान विराट की उम्मीदों पर तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी खरा उतरे। शमी ने 4 टेस्ट मैचों में 136.4 ओवर किये और 419 रन देकर 16 विकेट लिये।
बात करें विराट कोहली की, तो इस सीरीज में उन्होंने 4 टेस्ट मैचों में 40.28 के औसत से 282 रन बनाए जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने भी अपने टैलेंट का शानदार प्रदर्शन किया। पहली छह पारियों में ऋषभ पंत का प्रदर्शन काफ़ी ख़राब रहा और वे 50 का आंकड़ा भी नहीं छू सके, लेकिन सिडनी टेस्ट मैच की सातवीं पारी में नाबाद 158 रन की पारी खेलकर पंत सीरीज में दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए। पंत ने 4 टेस्ट की 7 पारियों 58.33 के औसत से 1 शतक के साथ 350 रन बनाए।
सभी खिलाड़ियों के सामूहिक शानदार प्रदर्शन के कारण ही विराट कोहली भारतीय टीम को जीत दिला सके। जो करिश्मा विजय हजारे, सुनील गावस्कर और सचिन तेन्दुलकर जैसे क्रिकेट खिलाड़ी और कपिल देव, अजहरुद्दीन, सौरव गांगुल और महेन्द्र सिंह धोनी जैसे कप्तान नहीं कर सके, वो करिश्मा कप्तान विराट कोहली ने अपनी टीम के दम पर कर दिखाया। 71 सालों के बाद ऑस्ट्रेलिया को उसी की ज़मीन पर हराकर टीम इण्डिया ने जो इतिहास रचा है उसकी जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है।