प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हुआ है आधार
Tuesday - January 8, 2019 12:24 pm ,
Category : WTN HINDI
सरकार का दावा, आधार से हुई 90,000 करोड़ की ‘बचत’
आधार के कारण फ़र्जी लाभार्थियों पर लगी ‘लगाम’; देश हर साल कर सकता है 77,000 करोड़ की ‘बचत’!
JAN 08 (WTN) – समय समय पर आधार कार्ड पर सवालिया निशान लगते रहे हैं और आधार कार्ड की उपयोगिता का मामता तो देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया था। अपने ऐतिहासिक फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कई सेवाओं में आधार कार्ड को ज़रूरी बताया था तो कई ज़गह पर इसकी ग़ैरज़रूरी बताते हुए वहां पर उसकी अनिवार्यता को ख़त्म किया था। यूपीए सरकार द्वारा लाई गई आधार सेवा का नरेन्द्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते काफ़ी विरोध किया था, लेकिन देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने आधार कार्ड की उपयोगिता को समझा और उसका जमकर उपयोग किया।
लगातार चार सालों से आधार की उपयोगिता का लाभ उठाने वाली मोदी सरकार ने आधार को पासा पलटने वाला बताया है। आधार के फ़ायदों के बारे में वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि आधार के क्रियान्वयन से हुई वित्तीय बचत से आयुष्मान भारत जैसी तीन परियोजनाओं को चलाया जा सकता है।
वित्त मंत्री जेटली के अनुसार आधार के जरिये सब्सिडी की आपूर्ति से मार्च, 2018 तक पिछले कुछ साल के दौरान क़रीब 90,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है। जेटली के अनुसार आधार कार्ड के कारण कई डुप्लिकेट, अज्ञात और जाली लाभार्थियों को हटाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक की डिजिटल डिविडेंड रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि भारत आधार से हर साल क़रीब 77,000 करोड़ रुपए की बचत कर सकता है।
भारत में आधार कार्ड के क्रियान्वयन की सफलता का श्रेय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया है। जेटली का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कारण ही आधार कार्ड की उपयोगिता का सही तरीक़े से उपयोग हो सका है, नहीं तो कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने अपने विरोधाभासों तथा फ़ैसले ना ले पाने की वजह से आधार के क्रियान्वयन पर बेमन से काम किया।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आधार के जरिये अब तक क़रीब 1,69,868 करोड़ रुपए की सब्सिडी ज़रूरतमंदों को हस्तांतरित की जा चुकी है। वित्त मंत्री जेटली का कहना है कि बिचौलिये गायब होने से अब लाभार्थी को लाभ सीधे उसके बैंक खातों में जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले 28 महीने के दौरान 122 करोड़ आधार नम्बर जारी किए गए हैं। देश की 18 साल से अधिक उम्र की 99 प्रतिशत आबादी इसके तहत है।
आधार का लाभ बताते हुए वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि आधार आधारित बैंक खातों के जरिये 22.80 करोड़ पहल और उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये रसोई गैस सब्सिडी दी जा रही है। जेटली ने कहा कि 58.24 करोड़ राशनकार्ड धारकों को आधार से जोड़ा गया है और 10.33 करोड़ मनरेगा कार्डधारकों को इसके जरिये उनकी मज़दूरी का भुगतान सुचारू रूप से किया जा रहा है।
इसी तरह राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कायर्क्रम के 1.93 करोड़ लाभार्थियों को भी आधार के जरिये उनके खातों में भुगतान किया जा रहा है। जेटली ने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तत्कालीन सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने आधार के विचार को रोका था। नंदन नीलेकणि की आधार योजना पर यूपीए बंटा हुआ था। उस समय प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह भी कोई फ़ैसला नहीं ले पा रहे थे। हालांकि आधार के लिए नामांकन जारी रहा, लेकिन इसका काम काफ़ी धीमी गति से चला।
वित्तमंत्री जेटली ने आधार की सफलता के लिए दो लोगों की खास तारीफ की है। जेटली ने कहा कि नंदन नीलेकणि ने इसे शुरू किया और बाद में डॉ अजय भूषण पांडे ने इसे नई दिशा दी और इसका विस्तार किया। यदि वित्त मंत्री अरूण जेटली की बातों पर विश्वास किया जाए तो आधार के कारण देश को हर साल हजारों करोड़ का फ़ायदा हो रहा है क्योंकि इससे फ़र्जी लाभार्थियों पर लगाम लगने में कामयाबी हासिल हुई है। कहा जा सकता है कि आधार की उपयोगिता का जो काम यूपीए सरकार नहीं कर सकी उसे बेहतर तरीके से नरेन्द्र मोदी ने क्रियान्वित किया है जिसका लाभ देश को मिल रहा है।
JAN 08 (WTN) – समय समय पर आधार कार्ड पर सवालिया निशान लगते रहे हैं और आधार कार्ड की उपयोगिता का मामता तो देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया था। अपने ऐतिहासिक फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कई सेवाओं में आधार कार्ड को ज़रूरी बताया था तो कई ज़गह पर इसकी ग़ैरज़रूरी बताते हुए वहां पर उसकी अनिवार्यता को ख़त्म किया था। यूपीए सरकार द्वारा लाई गई आधार सेवा का नरेन्द्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते काफ़ी विरोध किया था, लेकिन देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने आधार कार्ड की उपयोगिता को समझा और उसका जमकर उपयोग किया।
लगातार चार सालों से आधार की उपयोगिता का लाभ उठाने वाली मोदी सरकार ने आधार को पासा पलटने वाला बताया है। आधार के फ़ायदों के बारे में वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि आधार के क्रियान्वयन से हुई वित्तीय बचत से आयुष्मान भारत जैसी तीन परियोजनाओं को चलाया जा सकता है।
वित्त मंत्री जेटली के अनुसार आधार के जरिये सब्सिडी की आपूर्ति से मार्च, 2018 तक पिछले कुछ साल के दौरान क़रीब 90,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है। जेटली के अनुसार आधार कार्ड के कारण कई डुप्लिकेट, अज्ञात और जाली लाभार्थियों को हटाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक की डिजिटल डिविडेंड रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि भारत आधार से हर साल क़रीब 77,000 करोड़ रुपए की बचत कर सकता है।
भारत में आधार कार्ड के क्रियान्वयन की सफलता का श्रेय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया है। जेटली का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कारण ही आधार कार्ड की उपयोगिता का सही तरीक़े से उपयोग हो सका है, नहीं तो कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने अपने विरोधाभासों तथा फ़ैसले ना ले पाने की वजह से आधार के क्रियान्वयन पर बेमन से काम किया।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आधार के जरिये अब तक क़रीब 1,69,868 करोड़ रुपए की सब्सिडी ज़रूरतमंदों को हस्तांतरित की जा चुकी है। वित्त मंत्री जेटली का कहना है कि बिचौलिये गायब होने से अब लाभार्थी को लाभ सीधे उसके बैंक खातों में जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले 28 महीने के दौरान 122 करोड़ आधार नम्बर जारी किए गए हैं। देश की 18 साल से अधिक उम्र की 99 प्रतिशत आबादी इसके तहत है।
आधार का लाभ बताते हुए वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि आधार आधारित बैंक खातों के जरिये 22.80 करोड़ पहल और उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये रसोई गैस सब्सिडी दी जा रही है। जेटली ने कहा कि 58.24 करोड़ राशनकार्ड धारकों को आधार से जोड़ा गया है और 10.33 करोड़ मनरेगा कार्डधारकों को इसके जरिये उनकी मज़दूरी का भुगतान सुचारू रूप से किया जा रहा है।
इसी तरह राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कायर्क्रम के 1.93 करोड़ लाभार्थियों को भी आधार के जरिये उनके खातों में भुगतान किया जा रहा है। जेटली ने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तत्कालीन सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने आधार के विचार को रोका था। नंदन नीलेकणि की आधार योजना पर यूपीए बंटा हुआ था। उस समय प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह भी कोई फ़ैसला नहीं ले पा रहे थे। हालांकि आधार के लिए नामांकन जारी रहा, लेकिन इसका काम काफ़ी धीमी गति से चला।
वित्तमंत्री जेटली ने आधार की सफलता के लिए दो लोगों की खास तारीफ की है। जेटली ने कहा कि नंदन नीलेकणि ने इसे शुरू किया और बाद में डॉ अजय भूषण पांडे ने इसे नई दिशा दी और इसका विस्तार किया। यदि वित्त मंत्री अरूण जेटली की बातों पर विश्वास किया जाए तो आधार के कारण देश को हर साल हजारों करोड़ का फ़ायदा हो रहा है क्योंकि इससे फ़र्जी लाभार्थियों पर लगाम लगने में कामयाबी हासिल हुई है। कहा जा सकता है कि आधार की उपयोगिता का जो काम यूपीए सरकार नहीं कर सकी उसे बेहतर तरीके से नरेन्द्र मोदी ने क्रियान्वित किया है जिसका लाभ देश को मिल रहा है।