देश में बढ़ी नौकरियां, मोदी सरकार के लिए राहत की ख़बर
Friday - January 11, 2019 9:57 am ,
Category : WTN HINDI
आईटी, ऑटोमोबाइल, बीपीओ और एफएमसीजी क्षेत्र में बढ़े नौकरियों को अवसर
ऑटोमोबाइल सेक्टर के साथ एचआर सेक्टर रहा नौकरी देने के मामले में दिसम्बर, 2018 में अव्वल
JAN 11 (WTN) –भारत में बेरोजगारी का बड़ा कारण है देश की जनसंख्या। समय-समय पर राजनीतिक दलों द्वारा रोजगार का वादा किया जाता है लेकिन हकीकत है कि देश की लगातार बढ़ती जनसंख्या के कारण ही रोजगार के अवसर घट रहे हैं। रोजगार सीमित हैं लेकिन बेरोजगार लोग ज़्यादा। ऐसे में हर तरफ़ नौकरी के लिए मारामारी मची हुई है, लेकिन नौकरी के लिहाज से साल 2018 का अन्तिम महीना दिसम्बर काफ़ी बेहतर रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिसम्बर, 2018 में सालाना आधार पर नयी नियुक्तियों में आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। इस दौरान वाहन उद्योग और मानव संसाधन (एचआर) के क्षेत्र में सबसे अधिक संख्या में नये लोगों की नियुक्ति की गई है। दिसम्बर, 2018 के लिए नौकरी जॉब स्पीक सूचकांक के अनुसार, इस महीने एक साल पहले दिसम्बर, 2017 की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक लोगों की नियुक्तियां हुईं हैं।
बात करें ऑटोमोबाइल और इससे जुड़े उद्योग की तो यहां पर नयी नौकरी देने के मामले में सबसे ज़्यादा 24 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी है, वहीं एचआर क्षेत्र में यह आंकड़ा 17 प्रतिशत की वृद्धि दर का रहा जो कि काफ़ी सराहनीय है। रिपोर्ट के अनुसार, दिसम्बर, 2017 की तुलना में दिसम्बर, 2018 में आईटी-सॉफ्टवेयर क्षेत्र में होने वाली नयी नियुक्तियों में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो कि अपने आप में संतोषजनक आंकड़ा है।
जानकारी के मुताबिक़, देश के लगभग सभी बड़े शहरों और प्रमुख उद्योगों में नियुक्ति में वृद्धि के साथ वर्ष 2018 समाप्त हुआ। देखा जाए तो पिछले कुछ महीनों से आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर नयी नौकरी देने के मामले में अव्वल बने हुए हैं। नौकरी देने के मामले में आईटी और ऑटोमोबाइल के अलावा बीपीओ और एफएमसीजी क्षेत्र के लिए भी पिछला साल काफ़ी अच्छा रहा और कहा जा रहा है कि आने वाले समय में भी नयी नौकरी के लिए ये सभी सेक्टर काफ़ी चांस उपलब्ध कराते रहेंगे।
इस आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि आने वाले समय में भी नौकरियों की तादात बढ़ेगी और यदि ऐसा ही रहा, तो जिस रफ़्तार से दिसम्बर 2018 में नौकरियों के अवसर बढ़े हैं इसी तरह से नौकरी के अवसर 2019 की शुरूआती महीनों में भी मिलते रहेंगे। और यदि ऐसा होता है तो यह मोदी सरकार के लिए एक सकारात्मक बात होगी और 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए और खासतौर से भाजपा को इसका काफ़ी लाभ मिल सकता है।
JAN 11 (WTN) –भारत में बेरोजगारी का बड़ा कारण है देश की जनसंख्या। समय-समय पर राजनीतिक दलों द्वारा रोजगार का वादा किया जाता है लेकिन हकीकत है कि देश की लगातार बढ़ती जनसंख्या के कारण ही रोजगार के अवसर घट रहे हैं। रोजगार सीमित हैं लेकिन बेरोजगार लोग ज़्यादा। ऐसे में हर तरफ़ नौकरी के लिए मारामारी मची हुई है, लेकिन नौकरी के लिहाज से साल 2018 का अन्तिम महीना दिसम्बर काफ़ी बेहतर रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिसम्बर, 2018 में सालाना आधार पर नयी नियुक्तियों में आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। इस दौरान वाहन उद्योग और मानव संसाधन (एचआर) के क्षेत्र में सबसे अधिक संख्या में नये लोगों की नियुक्ति की गई है। दिसम्बर, 2018 के लिए नौकरी जॉब स्पीक सूचकांक के अनुसार, इस महीने एक साल पहले दिसम्बर, 2017 की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक लोगों की नियुक्तियां हुईं हैं।
बात करें ऑटोमोबाइल और इससे जुड़े उद्योग की तो यहां पर नयी नौकरी देने के मामले में सबसे ज़्यादा 24 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी है, वहीं एचआर क्षेत्र में यह आंकड़ा 17 प्रतिशत की वृद्धि दर का रहा जो कि काफ़ी सराहनीय है। रिपोर्ट के अनुसार, दिसम्बर, 2017 की तुलना में दिसम्बर, 2018 में आईटी-सॉफ्टवेयर क्षेत्र में होने वाली नयी नियुक्तियों में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो कि अपने आप में संतोषजनक आंकड़ा है।
जानकारी के मुताबिक़, देश के लगभग सभी बड़े शहरों और प्रमुख उद्योगों में नियुक्ति में वृद्धि के साथ वर्ष 2018 समाप्त हुआ। देखा जाए तो पिछले कुछ महीनों से आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर नयी नौकरी देने के मामले में अव्वल बने हुए हैं। नौकरी देने के मामले में आईटी और ऑटोमोबाइल के अलावा बीपीओ और एफएमसीजी क्षेत्र के लिए भी पिछला साल काफ़ी अच्छा रहा और कहा जा रहा है कि आने वाले समय में भी नयी नौकरी के लिए ये सभी सेक्टर काफ़ी चांस उपलब्ध कराते रहेंगे।
इस आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि आने वाले समय में भी नौकरियों की तादात बढ़ेगी और यदि ऐसा ही रहा, तो जिस रफ़्तार से दिसम्बर 2018 में नौकरियों के अवसर बढ़े हैं इसी तरह से नौकरी के अवसर 2019 की शुरूआती महीनों में भी मिलते रहेंगे। और यदि ऐसा होता है तो यह मोदी सरकार के लिए एक सकारात्मक बात होगी और 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए और खासतौर से भाजपा को इसका काफ़ी लाभ मिल सकता है।