हिम्मत की मिसाल: पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ातीं विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कांवरे
Friday - January 11, 2019 11:06 am ,
Category : WTN HINDI
हिना कांवरे के उपाध्यक्ष बनते ही टूटी मध्य प्रदेश विधानसभा की सालों पुरानी परम्परा
विधानसभा उपाध्यक्ष पद ना मिलने से बौखलाई भाजपा, विधानसभा अध्यक्ष के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने का किया ऐलान
JAN 11 (WTN) – लांजी से विधायक हिना लिखीराम कांवरे मध्य प्रदेश की 15 वीं विधानसभा की उपाध्यक्ष बनायी गयी हैं। एक महिला का मध्य प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष चुना जाना अपने आप में काफ़ी उल्लेखनीय है। संघर्ष के साथ आगे बढ़ीं हिना कांवरे अपने स्वर्गीय पिता लिखीराम कांवरे की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। हिना कांवरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस की पहली महिला विधायक हैं जिन्हें कांग्रेस ने विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हिना कांवरे कांग्रेस के पूर्व नेता और मंत्री स्वर्गीय लिखीराम कांवरे की बेटी हैं। लिखीराम कांवरे दिग्विजय सिंह सरकार में परिवहन मंत्री थे। लेकिन बालाघट ज़िले में नक्सलियों ने उनकी हत्या कर दी थी। अपने पिता की निर्मम हत्या के बाद भी हिना कांवरे ने हिम्मत नहीं हारी और नक्सलियों की गीदड़ धमकी से डरे बिना राजनीति में अब अपने पिता की राजनीतिक की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं।
हिना कांवरे के विधानसभा उपाध्यक्ष बनने के साथ ही मध्य प्रदेश विधान सभा और कांग्रेस पार्टी की सालों पुरानी परम्परा टूट गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सालों से यह परम्परा रही है कि सत्ता पक्ष का विधायक विधानसभा अध्यक्ष और विपक्ष का विधायक विधानसभा उपाध्यक्ष बनता है। लेकिन इस बार विधानसभा उपाध्यक्ष का पद सत्ता पर काबिज कांग्रेस ने विपक्षी भाजपा को नहीं दिया।
विपक्ष यानि कि भाजपा को विधानसभा उपाध्यक्ष पद ना दिये जाने पर कांग्रेस का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने अपना उम्मीदवार खड़ा कर सालों पुरानी परम्परा को तोड़ा था, इसलिए कांग्रेस ने भी परम्परा को तोड़ते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष का पद विपक्ष यानि कि भाजपा को नहीं दिया।
अपने पिता की राजनीतिक विरासत सम्भालने वाली हिना कांवरे का जन्म 12 नवम्बर 1984 को हुआ था। वे फिलॉसफी में डॉक्टरेट कर चुकी हैं और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम की सदस्य भी हैं। हिना कांग्रेस की प्रवक्ता भी रह चुकी हैं। विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने हिना कांवरे के सामने जगदीश देवड़ा को खड़ा किया था।
इधर विधान सभा उपाध्यक्ष पद गंवा बैठी भाजपा ने इसे मध्य प्रदेश के लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया है। उपाध्यक्ष पद ना मिलने से नाराज़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा है कि पार्टी अब सत्ता पक्ष की शिकायत राष्ट्रपति से करेगी। इतना ही नहीं भाजपा का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। भार्गव ने यह भी कहा कि भाजपा इस मामले में कोर्ट भी जा सकती है।
JAN 11 (WTN) – लांजी से विधायक हिना लिखीराम कांवरे मध्य प्रदेश की 15 वीं विधानसभा की उपाध्यक्ष बनायी गयी हैं। एक महिला का मध्य प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष चुना जाना अपने आप में काफ़ी उल्लेखनीय है। संघर्ष के साथ आगे बढ़ीं हिना कांवरे अपने स्वर्गीय पिता लिखीराम कांवरे की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। हिना कांवरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस की पहली महिला विधायक हैं जिन्हें कांग्रेस ने विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हिना कांवरे कांग्रेस के पूर्व नेता और मंत्री स्वर्गीय लिखीराम कांवरे की बेटी हैं। लिखीराम कांवरे दिग्विजय सिंह सरकार में परिवहन मंत्री थे। लेकिन बालाघट ज़िले में नक्सलियों ने उनकी हत्या कर दी थी। अपने पिता की निर्मम हत्या के बाद भी हिना कांवरे ने हिम्मत नहीं हारी और नक्सलियों की गीदड़ धमकी से डरे बिना राजनीति में अब अपने पिता की राजनीतिक की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं।
हिना कांवरे के विधानसभा उपाध्यक्ष बनने के साथ ही मध्य प्रदेश विधान सभा और कांग्रेस पार्टी की सालों पुरानी परम्परा टूट गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सालों से यह परम्परा रही है कि सत्ता पक्ष का विधायक विधानसभा अध्यक्ष और विपक्ष का विधायक विधानसभा उपाध्यक्ष बनता है। लेकिन इस बार विधानसभा उपाध्यक्ष का पद सत्ता पर काबिज कांग्रेस ने विपक्षी भाजपा को नहीं दिया।
विपक्ष यानि कि भाजपा को विधानसभा उपाध्यक्ष पद ना दिये जाने पर कांग्रेस का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने अपना उम्मीदवार खड़ा कर सालों पुरानी परम्परा को तोड़ा था, इसलिए कांग्रेस ने भी परम्परा को तोड़ते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष का पद विपक्ष यानि कि भाजपा को नहीं दिया।
अपने पिता की राजनीतिक विरासत सम्भालने वाली हिना कांवरे का जन्म 12 नवम्बर 1984 को हुआ था। वे फिलॉसफी में डॉक्टरेट कर चुकी हैं और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम की सदस्य भी हैं। हिना कांग्रेस की प्रवक्ता भी रह चुकी हैं। विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने हिना कांवरे के सामने जगदीश देवड़ा को खड़ा किया था।
इधर विधान सभा उपाध्यक्ष पद गंवा बैठी भाजपा ने इसे मध्य प्रदेश के लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया है। उपाध्यक्ष पद ना मिलने से नाराज़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा है कि पार्टी अब सत्ता पक्ष की शिकायत राष्ट्रपति से करेगी। इतना ही नहीं भाजपा का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। भार्गव ने यह भी कहा कि भाजपा इस मामले में कोर्ट भी जा सकती है।