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कमलनाथ सरकार वापस लेगी ईसाईयों पर लगे धर्मांतरण के ‘झूठे’ केस

Monday - January 21, 2019 4:28 pm , Category : WTN HINDI
हर धर्म और वर्ग के ख़िलाफ़ दर्ज ‘झूठे’ केस वापस लेगी कमलनाथ सरकार
हर धर्म और वर्ग के ख़िलाफ़ दर्ज ‘झूठे’ केस वापस लेगी कमलनाथ सरकार

लोकसभा चुनाव से पहले अपने ‘वोट बैंक’ को ‘खुश’ करने की कवायद

JAN 21 (WTN) – मध्य प्रदेश में सत्ता में आने के बाद से कमलनाथ सरकार एक्शन मोड पर है और इसलिए हर दिन सरकार के नये-नये फ़ैसलों से जनता में कांग्रेस यह संदेश देनी की कोशिश कर रही है कि वो अपने वायदों को पूरा कर रही है। इसी कड़ी में राज्य की कमलनाथ सरकार ईसाईयों पर दर्ज धर्मांतरण से जुड़े झूठे केस वापस लेने जा रही है।
 
मध्य प्रदेश के विधि विधायी मंत्री पी.सी.शर्मा के अनुसार, धर्मांतरण से जुड़े सारे झूठे केस वापस लिए जाएंगे। इतना ही नहीं पी.सी.शर्मा ने कहा कि मुस्लिम सहित दूसरे धर्मों के साथ-साथ हर वर्ग पर दर्ज झूठे केसों को भी राज्य की कांग्रेस सरकार वापस लेगी ताकि किसी के साथ भी कोई अन्याय ना हो। 
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के 15 सालों के कार्यकाल में लोगों पर झूठे केस दर्ज किए गये हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले राज्य की कमलनाथ सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना से दर्ज झूठे केस वापस लेने की मंज़ूरी दे दी है। इस तरह के केस वापस लेने के लिए ज़िलास्तर पर डीएम, एसपी और लोक अभियोजन अधिकारी की एक कमेटी बनाई जाएगी जो कि इस तरह के केसों की जांच पड़ताल करेगी जिसके बाद झूठे केसों को वापस लिया जाएगा।

इतना ही नहीं, राज्य की कमलनाथ सरकार पिछले साल दो अप्रैल को हुए एससी-एसटी आंदोलन और प्रदेश में कई दिनों तक जारी किसान आंदोलन के दौरान लगे राजनैतिक केस भी वापस लेगी। कहा जा रहा है कि कांग्रेस सरकार अपने वोट बैंक को साधने के लिए इस तरह के राजनीतिक निर्णय ले रही है ताकि लोकसभा चुनाव से पहले अल्पसंख्यकों, एससी-एसटी वर्ग, किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश पहुंचाया जा सके कि कांग्रेस सरकार उनके साथ है।