अब विक्रम अवॉर्ड विजेताओं से किया ‘वादा’ निभाएगी कमलनाथ सरकार
Tuesday - January 22, 2019 2:37 pm ,
Category : WTN HINDI
विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ियों को मिलेगी नौकरी या भत्ता
खेल और खिलाड़ियों के प्रति कमलनाथ सरकार ने दिखाई ‘गम्भीरता’
JAN 22 (WTN) – मध्य प्रदेश में सत्ता में आने के बाद राज्य की कमलनाथ सरकार का दावा है कि वो अपने वादों को पूरा कर रही है और अभी तक किसानों की कर्ज़ माफ़ी से लेकर काफ़ी वायदे राज्य की कांग्रेस सरकार ने पूरे कर दिये हैं। अब कहा जा रहा है कि कमलनाथ सरकार जल्द ही अपना एक और दावा जल्द ही पूरा करने जा रही है और यह वादा है विक्रम अवॉर्ड विजेता खिलाड़ियों को नौकरी का वादा।
जानकारी के मुताबिक़, अपने वचन पत्र के अनुसार कांग्रेस सरकार अब विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ियों से किया गया वादा पूरा करने जा रही है और उन्हें नौकरी या भत्ता देने की तैयारी में है। साल 1997 से 2006 के बीच जिन विक्रम अवॉर्ड विजेता खिलाड़ियों को नौकरी नहीं मिल पाई है उन्हें राज्य की कमलनाथ सरकार 15 हज़ार रुपये प्रति महीने का भत्ता देने की तैयारी में है और इसके लिए इन खिलाड़ियों की बाकायदा सूची तैयार की जा रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले काफ़ी समय से विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ियों को सरकार से नौकरी की आशा है। पिछले दस सालों की समीक्षा की जाए तो इन अवॉर्डी खिलाड़ियों को ना ही नौकरी मिली और ना ही कोई सहायता राशि जिससे ये अपने खेल को आगे बढ़ा सकें। खिलाड़ियों का कहना है कि खेलों पर ध्यान देने के कारण वे अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके जिसके कारण उन्हें अब करियर को आगे बढ़ाने के लिए नौकरी की दरकार है।
अब देखना होगा कि राज्य में नयी सरकार के गठन के बाद विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ियों को नौकरी मिल पाती है कि नहीं। समय-समय पर खिलाड़ियों से कई वादे राज्य सरकार करती आईं हैं लेकिन इन वादों को पूरा होते कम ही देखा गया है। यदि राज्य में खेल संस्कृति को आगे बढ़ना है तो राज्य सरकार को चाहिए कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करे ताकि वे खेल में अपना करियर बनाएं।
वैसे यदि देखा जाए तो सत्ता में आने के बाद राज्य की कांग्रेस सरकार खेलों के प्रति गम्भीर दिख रही है। अभी कुछ दिनों पहले ही भोपाल में मध्य प्रदेश के अर्जुन, विक्रम और विश्वामित्र पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के साथ खेलों के विकास पर चर्चा की गई और उनसे खेलों के विकास के लिए सुझाव भी मांगे गये हैं। यदि कमलनाथ सरकार इसी गम्भीरता के साथ खेलों और खिलाड़ियों की तरफ़ ध्यान देती रही तो आशा है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश में खेल संस्कृति विकसित होगी।
JAN 22 (WTN) – मध्य प्रदेश में सत्ता में आने के बाद राज्य की कमलनाथ सरकार का दावा है कि वो अपने वादों को पूरा कर रही है और अभी तक किसानों की कर्ज़ माफ़ी से लेकर काफ़ी वायदे राज्य की कांग्रेस सरकार ने पूरे कर दिये हैं। अब कहा जा रहा है कि कमलनाथ सरकार जल्द ही अपना एक और दावा जल्द ही पूरा करने जा रही है और यह वादा है विक्रम अवॉर्ड विजेता खिलाड़ियों को नौकरी का वादा।
जानकारी के मुताबिक़, अपने वचन पत्र के अनुसार कांग्रेस सरकार अब विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ियों से किया गया वादा पूरा करने जा रही है और उन्हें नौकरी या भत्ता देने की तैयारी में है। साल 1997 से 2006 के बीच जिन विक्रम अवॉर्ड विजेता खिलाड़ियों को नौकरी नहीं मिल पाई है उन्हें राज्य की कमलनाथ सरकार 15 हज़ार रुपये प्रति महीने का भत्ता देने की तैयारी में है और इसके लिए इन खिलाड़ियों की बाकायदा सूची तैयार की जा रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले काफ़ी समय से विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ियों को सरकार से नौकरी की आशा है। पिछले दस सालों की समीक्षा की जाए तो इन अवॉर्डी खिलाड़ियों को ना ही नौकरी मिली और ना ही कोई सहायता राशि जिससे ये अपने खेल को आगे बढ़ा सकें। खिलाड़ियों का कहना है कि खेलों पर ध्यान देने के कारण वे अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके जिसके कारण उन्हें अब करियर को आगे बढ़ाने के लिए नौकरी की दरकार है।
अब देखना होगा कि राज्य में नयी सरकार के गठन के बाद विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ियों को नौकरी मिल पाती है कि नहीं। समय-समय पर खिलाड़ियों से कई वादे राज्य सरकार करती आईं हैं लेकिन इन वादों को पूरा होते कम ही देखा गया है। यदि राज्य में खेल संस्कृति को आगे बढ़ना है तो राज्य सरकार को चाहिए कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करे ताकि वे खेल में अपना करियर बनाएं।
वैसे यदि देखा जाए तो सत्ता में आने के बाद राज्य की कांग्रेस सरकार खेलों के प्रति गम्भीर दिख रही है। अभी कुछ दिनों पहले ही भोपाल में मध्य प्रदेश के अर्जुन, विक्रम और विश्वामित्र पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के साथ खेलों के विकास पर चर्चा की गई और उनसे खेलों के विकास के लिए सुझाव भी मांगे गये हैं। यदि कमलनाथ सरकार इसी गम्भीरता के साथ खेलों और खिलाड़ियों की तरफ़ ध्यान देती रही तो आशा है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश में खेल संस्कृति विकसित होगी।