ज्योतिरादित्य सिंधिया को राहुल गांधी ने बनाया पश्चिमी यूपी का प्रभारी, भोपाल में सिंधिया समर्थकों में खुशी की लहर
Wednesday - January 23, 2019 3:52 pm ,
Category : WTN HINDI
राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के रूप में चला ‘मास्टर स्ट्रोक’
युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिली पश्चिमी यूपी ‘फतेह’ की बड़ी जिम्मेदारी
JAN 23 (WTN) – मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भरोसा जताते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें एक बार फ़िर से बड़ी ज़िम्मेदारी दी है। राहुल गांधी के विश्वासपात्र साथियों में से एक ज्योतिरादित्य सिंधिया को राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वहीं राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान दी गई जिसे कि कांग्रेस का एक बहुत बड़ा मास्टर स्ट्रोक कहा जा रहा है।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद जब मुख्यमंत्री के नाम को फ़ायनल करने का समय था, तो सभी को लग रहा था कि राहुल गांधी युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम के रूप में चुनेंगे, लेकिन राहुल गांधी ने वरिष्ठता को तरजीह देते हुए कमलनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में चुना।
कमलनाथ के मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद माना जा रहा था कि राजस्थान में जिस तरह से सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री का पद मिला, उसी तरह से ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्य प्रदेश में उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। लेकिन राहुल गांधी ने सिंधिया को उप मुख्यमंत्री भी ना बनाकर कई सवालों को खड़ा कर दिया था।
लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना था कि राहुल गांधी के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया काफ़ी मायने रखते हैं और कुछ दिनों बाद उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी कांग्रेस पार्टी द्वारा दी जाएगी और ऐसा हुआ भी। राहुल गांधी ने सीटों के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाके की कमान ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंपी है।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद सिंधिया ने ट्वीट कर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का आभार जताया और लिखा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने के लिए वे पूरी क्षमता के साथ काम करेंगे। इधर सिंधिया को पश्चिमी यूपी की कमान मिलने के बाद भोपाल में उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। सिंधिया के समर्थकों को कहना है कि राहुल गांधी ने जो जिम्मेदारी ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंपी है वे उस पर पूरी तरह से खरा उतरेंगे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की काबिलियत को देखते हुए समय-समय पर राहुल गांधी ने उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। सिंधिया मध्यप्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष भी बनाए गये थे, जहां पर उन्होंने काफ़ी मेहनत की और मध्यप्रदेश की सत्ता में कांग्रेस की 15 सालों बाद वापसी करवाने में अहम भूमिका निभाई।
अब देखना होगा कि युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को जो जिम्मेदारी मिली है उस पर वे कितना खरा उतर पाते हैं। यदि उत्तर प्रदेश की राजनीति पर नज़र डालें तो साफ़ होता है कि कांग्रेस की यहां पर हालत काफ़ी ख़राब है। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को यूपी में सिर्फ़ दो ही सीटों पर जीत हासिल हो सकी थी, तो वहीं यूपी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के बाद भी कांग्रेस पार्टी को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था।
जैसा कि आप जानते हैं कि लोकसभा चुनाव के लिए बसपा और सपा का गठबंधन हो चुका है, ऐसे में अकेल चुनाव लड़ रही कांग्रेस के सामने भाजपा के अलावा बसपा-सपा गठबंधन भी एक बहुत बड़ी चुनौती होगा। अब यह तो समय ही बताएगा कि राहुल गांधी के क़रीबी ज्योतिरादित्य सिंधिया पश्चिमी यूपी में कांग्रेस को कितनी मजबूती प्रदान कर पाते हैं और कितनी सीटों पर जीत दिला पाते हैं, क्योंकि सभी जानते हैं कि दिल्ली में यदि सरकार बनाना है तो सबसे पहले यूपी को जीतना होगा।
JAN 23 (WTN) – मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भरोसा जताते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें एक बार फ़िर से बड़ी ज़िम्मेदारी दी है। राहुल गांधी के विश्वासपात्र साथियों में से एक ज्योतिरादित्य सिंधिया को राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वहीं राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान दी गई जिसे कि कांग्रेस का एक बहुत बड़ा मास्टर स्ट्रोक कहा जा रहा है।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद जब मुख्यमंत्री के नाम को फ़ायनल करने का समय था, तो सभी को लग रहा था कि राहुल गांधी युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम के रूप में चुनेंगे, लेकिन राहुल गांधी ने वरिष्ठता को तरजीह देते हुए कमलनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में चुना।
कमलनाथ के मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद माना जा रहा था कि राजस्थान में जिस तरह से सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री का पद मिला, उसी तरह से ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्य प्रदेश में उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। लेकिन राहुल गांधी ने सिंधिया को उप मुख्यमंत्री भी ना बनाकर कई सवालों को खड़ा कर दिया था।
लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना था कि राहुल गांधी के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया काफ़ी मायने रखते हैं और कुछ दिनों बाद उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी कांग्रेस पार्टी द्वारा दी जाएगी और ऐसा हुआ भी। राहुल गांधी ने सीटों के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाके की कमान ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंपी है।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद सिंधिया ने ट्वीट कर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का आभार जताया और लिखा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने के लिए वे पूरी क्षमता के साथ काम करेंगे। इधर सिंधिया को पश्चिमी यूपी की कमान मिलने के बाद भोपाल में उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। सिंधिया के समर्थकों को कहना है कि राहुल गांधी ने जो जिम्मेदारी ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंपी है वे उस पर पूरी तरह से खरा उतरेंगे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की काबिलियत को देखते हुए समय-समय पर राहुल गांधी ने उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। सिंधिया मध्यप्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष भी बनाए गये थे, जहां पर उन्होंने काफ़ी मेहनत की और मध्यप्रदेश की सत्ता में कांग्रेस की 15 सालों बाद वापसी करवाने में अहम भूमिका निभाई।
अब देखना होगा कि युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को जो जिम्मेदारी मिली है उस पर वे कितना खरा उतर पाते हैं। यदि उत्तर प्रदेश की राजनीति पर नज़र डालें तो साफ़ होता है कि कांग्रेस की यहां पर हालत काफ़ी ख़राब है। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को यूपी में सिर्फ़ दो ही सीटों पर जीत हासिल हो सकी थी, तो वहीं यूपी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के बाद भी कांग्रेस पार्टी को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था।
जैसा कि आप जानते हैं कि लोकसभा चुनाव के लिए बसपा और सपा का गठबंधन हो चुका है, ऐसे में अकेल चुनाव लड़ रही कांग्रेस के सामने भाजपा के अलावा बसपा-सपा गठबंधन भी एक बहुत बड़ी चुनौती होगा। अब यह तो समय ही बताएगा कि राहुल गांधी के क़रीबी ज्योतिरादित्य सिंधिया पश्चिमी यूपी में कांग्रेस को कितनी मजबूती प्रदान कर पाते हैं और कितनी सीटों पर जीत दिला पाते हैं, क्योंकि सभी जानते हैं कि दिल्ली में यदि सरकार बनाना है तो सबसे पहले यूपी को जीतना होगा।