बाबूलाल गौर ने भाजपा पर कसा ‘तंज’; कहा, बुजुर्ग नेताओं का अब ‘नहीं’ रहा पार्टी में सम्मान
Friday - January 25, 2019 3:32 pm ,
Category : WTN HINDI
इन दिनों भाजपा पर जमकर ‘बरस’ रहे हैं बाबूलाल गौर
बुजुर्ग नेताओं के बहाने बाबूलाल गौर ने एक बार फ़िर से भाजपा पर जमकर किया ‘कटाक्ष’
JAN 25 (WTN) – अपनी ही पार्टी से नाराज़ चल रहे बाबूलाल गौर ने आज जमकर भाजपा को नसीहत दी। अपने बयानों के कारण हमेशा चर्चा में रहने वाले गौर ने एक बार फ़िर से अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं का नाम लिये बिना उन पर जमकर भड़ास निकाली। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने भाजपा पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा, "भाजपा अब कुशाभाऊ ठाकरे वाली पार्टी नहीं बची है, जिन्होंने इस पार्टी को जीरो से हीरो बनाया है, जो हमेशा सबको साथ लेकर चले। आज मध्य प्रदेश में उसी पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है।"
साफ़-साफ़ कहने में यकीन रखने वाले गौर ने आगे कहा, "रघुनंदन शर्मा, लक्ष्मीकांत शर्मा, राघव जी, रामकृष्ण कुसमरिया हों या फिर सरताज सिंह, पार्टी ने सभी को साइड लाइन किया है। वरिष्ठ नेताओं के सहयोग के बिना पार्टी (भाजपा) का भविष्य ठीक नहीं है।"
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाबूलाल गौर इन दिनों सुर्खियों में हैं क्योंकि उनके मुताबिक़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उन्हें भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है। इससे पहले विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण के समय भी बाबूलाल गौर ने अपनी नाराज़गी दिखाई थी और कहा था कि यदि उन्हें या फ़िर उनकी बहू को विधानसभा का टिकट नहीं मिला तो वे पार्टी भी छोड़ सकते हैं।
गौरतलब है कि 88 साल के बाबूलाल गौर तभी से नाराज़ बताए जाते हैं जब उन्हें शिवराज सिंह मंत्रिमण्डल से यह कहकर निकाल दिया गया था कि उनकी उम्र 75 साल से ज़्यादा की हो गई है। पार्टी के कर्मठ नेता रहे बाबूलाल गौर ने तब तो कुछ ज़्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन उसके बाद समय-समय पर उन्होंने विधानसभा और उसके बाहर शिवराज सरकार की कई मोर्चों पर घेराबंदी की और जमकर निशाना साधा।
खैर अब देखते हैं कि भाजपा में कथित रूप से साइड लाइन चल रहे बाबूलाल गौर का अगला सियासी कदम क्या होगा। हो सकता है कि दिग्विजय सिंह ने भोपाल सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफर बाबूलाल गौर को मजाक में दिया हो, लेकिन जिस तरह से इस बात को गौर ने सार्वजनिक किया है और बुजुर्ग नेताओं का सहारा लेकर भाजपा पर निशाना साथा है, उससे तो साफ़ जाहिर होता है कि गौर लोकसभा चुनाव तक तो शांत बैठने वाले नहीं हैं।
JAN 25 (WTN) – अपनी ही पार्टी से नाराज़ चल रहे बाबूलाल गौर ने आज जमकर भाजपा को नसीहत दी। अपने बयानों के कारण हमेशा चर्चा में रहने वाले गौर ने एक बार फ़िर से अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं का नाम लिये बिना उन पर जमकर भड़ास निकाली। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने भाजपा पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा, "भाजपा अब कुशाभाऊ ठाकरे वाली पार्टी नहीं बची है, जिन्होंने इस पार्टी को जीरो से हीरो बनाया है, जो हमेशा सबको साथ लेकर चले। आज मध्य प्रदेश में उसी पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है।"
साफ़-साफ़ कहने में यकीन रखने वाले गौर ने आगे कहा, "रघुनंदन शर्मा, लक्ष्मीकांत शर्मा, राघव जी, रामकृष्ण कुसमरिया हों या फिर सरताज सिंह, पार्टी ने सभी को साइड लाइन किया है। वरिष्ठ नेताओं के सहयोग के बिना पार्टी (भाजपा) का भविष्य ठीक नहीं है।"
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाबूलाल गौर इन दिनों सुर्खियों में हैं क्योंकि उनके मुताबिक़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उन्हें भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है। इससे पहले विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण के समय भी बाबूलाल गौर ने अपनी नाराज़गी दिखाई थी और कहा था कि यदि उन्हें या फ़िर उनकी बहू को विधानसभा का टिकट नहीं मिला तो वे पार्टी भी छोड़ सकते हैं।
गौरतलब है कि 88 साल के बाबूलाल गौर तभी से नाराज़ बताए जाते हैं जब उन्हें शिवराज सिंह मंत्रिमण्डल से यह कहकर निकाल दिया गया था कि उनकी उम्र 75 साल से ज़्यादा की हो गई है। पार्टी के कर्मठ नेता रहे बाबूलाल गौर ने तब तो कुछ ज़्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन उसके बाद समय-समय पर उन्होंने विधानसभा और उसके बाहर शिवराज सरकार की कई मोर्चों पर घेराबंदी की और जमकर निशाना साधा।
खैर अब देखते हैं कि भाजपा में कथित रूप से साइड लाइन चल रहे बाबूलाल गौर का अगला सियासी कदम क्या होगा। हो सकता है कि दिग्विजय सिंह ने भोपाल सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफर बाबूलाल गौर को मजाक में दिया हो, लेकिन जिस तरह से इस बात को गौर ने सार्वजनिक किया है और बुजुर्ग नेताओं का सहारा लेकर भाजपा पर निशाना साथा है, उससे तो साफ़ जाहिर होता है कि गौर लोकसभा चुनाव तक तो शांत बैठने वाले नहीं हैं।