किसान कर्ज़ माफ़ी योजना पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
Tuesday - January 29, 2019 2:43 pm ,
Category : WTN HINDI
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किसानों लोन मामले में लगाया करोड़ों के घोटाले का आरोप
बैंक और प्रशासनिक महकमे में बैठे भाजपा और संघ के लोग किसान कर्ज़ माफ़ी योजना में करा रहे हैं गड़बड़ी - कांग्रेस
JAN 29 (WTN) – मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार की महत्वाकांक्षी किसान कर्ज़ माफ़ी योजना अब हंसी का पात्र बनती जा रही है। प्रदेश में कई स्थानों पर किसानों का आरोप है कि किसान कर्ज़ माफ़ी योजना में उनके साथ धोखा हुआ है। कहीं पर किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज़ लिया ही नहीं है फ़िर भी उनका नाम कर्ज़दारों की सूची में है, तो कहीं पर किसानों का कहना है कि उन्होंने जिताना कर्ज़ लिया था उतना उनका कर्ज़ माफ़ नहीं हुआ है।
कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस किसान कर्ज़ माफ़ी योजना को धरातल पर लाना चाहती है ताकि लोकसभा चुनाव में उसे किसानों के थोकबंद वोट बैंक का फ़ायदा मिल सके, लेकिन जिस तरह से किसान कर्ज़ माफ़ी योजना में कथित गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, उससे कांग्रेस सरकार की मंशा पर किसानों ने सवालिया निशान खड़े किये हैं।
पर इधर कांग्रेस ने कर्ज़माफ़ी योजना में गड़बड़ी का पूरा दोष भाजपा पर लगाया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया का इस बारे में कहना है, “बैंक और प्रशासनिक महकमे में बैठे भाजपा और संघ के लोग कर्ज़माफ़ी योजना में गड़बड़ी करा रहे हैं।”
इधर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किसानों को लोन देने के मामले में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। इस बारे में कमलनाथ का कहना है “प्रदेश में बीते कई सालों से किसानों के लोन के नाम पर घोटाला किया जा रहा था, लेकिन किसान कर्ज़माफ़ी योजना में ये घोटाले सामने आ गए है। इस तरह के घोटाले सामने आने के बाद कांग्रेस सरकार हज़ारों करोड़ के इस घोटाले की स्पेशल जांच कराएगी।”
कांग्रेस के आरोपों के बाद भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा ने किसानों की कर्ज़माफ़ी योजना को कांग्रेस का एक बहुत बड़ा फेलियर बताया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के आरोपों पर भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के पास कथित घोटाले के प्रमाण हैं, तो उन प्रमाणों के आधार पर कार्रवाई करना चाहिए ना कि बयानबाजी।
JAN 29 (WTN) – मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार की महत्वाकांक्षी किसान कर्ज़ माफ़ी योजना अब हंसी का पात्र बनती जा रही है। प्रदेश में कई स्थानों पर किसानों का आरोप है कि किसान कर्ज़ माफ़ी योजना में उनके साथ धोखा हुआ है। कहीं पर किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज़ लिया ही नहीं है फ़िर भी उनका नाम कर्ज़दारों की सूची में है, तो कहीं पर किसानों का कहना है कि उन्होंने जिताना कर्ज़ लिया था उतना उनका कर्ज़ माफ़ नहीं हुआ है।
कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस किसान कर्ज़ माफ़ी योजना को धरातल पर लाना चाहती है ताकि लोकसभा चुनाव में उसे किसानों के थोकबंद वोट बैंक का फ़ायदा मिल सके, लेकिन जिस तरह से किसान कर्ज़ माफ़ी योजना में कथित गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, उससे कांग्रेस सरकार की मंशा पर किसानों ने सवालिया निशान खड़े किये हैं।
पर इधर कांग्रेस ने कर्ज़माफ़ी योजना में गड़बड़ी का पूरा दोष भाजपा पर लगाया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया का इस बारे में कहना है, “बैंक और प्रशासनिक महकमे में बैठे भाजपा और संघ के लोग कर्ज़माफ़ी योजना में गड़बड़ी करा रहे हैं।”
इधर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किसानों को लोन देने के मामले में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। इस बारे में कमलनाथ का कहना है “प्रदेश में बीते कई सालों से किसानों के लोन के नाम पर घोटाला किया जा रहा था, लेकिन किसान कर्ज़माफ़ी योजना में ये घोटाले सामने आ गए है। इस तरह के घोटाले सामने आने के बाद कांग्रेस सरकार हज़ारों करोड़ के इस घोटाले की स्पेशल जांच कराएगी।”
कांग्रेस के आरोपों के बाद भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा ने किसानों की कर्ज़माफ़ी योजना को कांग्रेस का एक बहुत बड़ा फेलियर बताया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के आरोपों पर भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के पास कथित घोटाले के प्रमाण हैं, तो उन प्रमाणों के आधार पर कार्रवाई करना चाहिए ना कि बयानबाजी।