वीके सिंह को मिली मध्य प्रदेश के डीजीपी की कमान, ‘खराब कानून’ व्यवस्था के चलते हटाए गये ऋषि कुमार शुक्ला
Wednesday - January 30, 2019 11:31 am ,
Category : WTN HINDI
सीनियर आर.के.शुक्ला को हटाकर जूनियर वी.के.सिंह को बनाया गया डीजीपी!
वीके सिंह बने राज्य के नये डीजीपी; बिगड़ती कानून व्यवस्था पर लगाम कसना बड़ी जिम्मेदारी
JAN 30 (WTN) – प्रदेश में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था से नाराज़ मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस विभाग में एक बड़ा परिवर्तन करते हुए डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला को हटाकर उनकी जगह वीके सिंह को राज्य का नया डीजीपी बनाया है। कहा जाता है कि इन्दौर, मन्दसौर और रतलाम में हुए हत्याकाण्ड के बाद से राज्य की कानून व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे थे जिसके बाद सीएम कमलनाथ ने बड़ा कदम उठाते हुए डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला को हटाकर विजय कुमार सिंह को पुलिस विभाग की कमान सौंपी है।
राज्य सरकार ने ऋषि कुमार शुक्ला को पुलिस हाउसिंग में डायरेक्टर बनाकर भेजा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी वीके सिंह अपने बैच में वरिष्ठता में सबसे ऊपर थे। ऋषि कुमार शुक्ला के विधानसभा चुनाव के दौरान छुट्टी पर जाने के बाद वीके सिंह ने ही प्रभारी डीजीपी का काम देखा था। विधानसभा चुनाव के दौरान जब ऋषिकुमार शुक्ला 16 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक छुट्टी पर चले गये, तो इस दौरान वीके सिंह ने ही प्रभारी डीजीपी का कामकाज देखा था और उनके प्रभारी डीजीपी रहते ही विधानसभा चुनाव सम्पन्न हुए थे।
मध्य प्रदेश के नये डीजीपी वीके सिंह प्रदेश के कई ज़िलों में SP रहने के साथ-साथ कई पदों पर रह चुके हैं। वे लम्बे समय तक केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर भी रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश में यह पहला मौका है जब किसी डीजीपी को हटाकर उसके एक बैच जूनियर को डीजीपी बनाया गया है। हटाए गये डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं जबकि वीके सिंह 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
कहा जाता है कि बिगड़ती कानून व्यवस्था से नाराज होकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ऋषि कुमार शुक्ला की जगह पर विजय कुमार सिंह को राज्य का नया डीजीपी बनाया है। ऐसे में नये डीजीपी वीके सिंह के सामने बिगड़ती कानून व्यवस्था को सम्भालना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होगी। इतना ही नहीं शान्तिपूर्ण तरीके से लोकसभा चुनाव सम्पन्न करना भी वीके सिंह के लिए एक बड़ा काम होगा। अब देखना होगा कि सीएम कमलनाथ की उम्मीदों पर नये डीजीपी वीके सिंह कितना खरा उतर पाते हैं।
JAN 30 (WTN) – प्रदेश में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था से नाराज़ मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस विभाग में एक बड़ा परिवर्तन करते हुए डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला को हटाकर उनकी जगह वीके सिंह को राज्य का नया डीजीपी बनाया है। कहा जाता है कि इन्दौर, मन्दसौर और रतलाम में हुए हत्याकाण्ड के बाद से राज्य की कानून व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे थे जिसके बाद सीएम कमलनाथ ने बड़ा कदम उठाते हुए डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला को हटाकर विजय कुमार सिंह को पुलिस विभाग की कमान सौंपी है।
राज्य सरकार ने ऋषि कुमार शुक्ला को पुलिस हाउसिंग में डायरेक्टर बनाकर भेजा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी वीके सिंह अपने बैच में वरिष्ठता में सबसे ऊपर थे। ऋषि कुमार शुक्ला के विधानसभा चुनाव के दौरान छुट्टी पर जाने के बाद वीके सिंह ने ही प्रभारी डीजीपी का काम देखा था। विधानसभा चुनाव के दौरान जब ऋषिकुमार शुक्ला 16 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक छुट्टी पर चले गये, तो इस दौरान वीके सिंह ने ही प्रभारी डीजीपी का कामकाज देखा था और उनके प्रभारी डीजीपी रहते ही विधानसभा चुनाव सम्पन्न हुए थे।
मध्य प्रदेश के नये डीजीपी वीके सिंह प्रदेश के कई ज़िलों में SP रहने के साथ-साथ कई पदों पर रह चुके हैं। वे लम्बे समय तक केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर भी रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश में यह पहला मौका है जब किसी डीजीपी को हटाकर उसके एक बैच जूनियर को डीजीपी बनाया गया है। हटाए गये डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं जबकि वीके सिंह 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
कहा जाता है कि बिगड़ती कानून व्यवस्था से नाराज होकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ऋषि कुमार शुक्ला की जगह पर विजय कुमार सिंह को राज्य का नया डीजीपी बनाया है। ऐसे में नये डीजीपी वीके सिंह के सामने बिगड़ती कानून व्यवस्था को सम्भालना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होगी। इतना ही नहीं शान्तिपूर्ण तरीके से लोकसभा चुनाव सम्पन्न करना भी वीके सिंह के लिए एक बड़ा काम होगा। अब देखना होगा कि सीएम कमलनाथ की उम्मीदों पर नये डीजीपी वीके सिंह कितना खरा उतर पाते हैं।