मुख्यमंत्री कमलनाथ का बड़ा फैसला; अगले चार महीनों में प्रदेश में खुलेंगी एक हज़ार गौशालाएं
Wednesday - January 30, 2019 2:08 pm ,
Category : WTN HINDI
मध्य प्रदेश में जारी है गायों पर राजनीति
गौ राजनीति में कांग्रेस ने मारी बाजी, मध्य प्रदेश में जल्द खुलेंगी सरकारी गौशालाएं
JAN 30 (WTN) – राज्य की कांग्रेस सरकार ने ऐलान किया है कि अगले चार महीनों में प्रदेश में एक हज़ार गौशालाएं बनवायी जाएंगी। सरकार का दावा है कि इन गौशालाओं से करीब एक लाख घुमंतू गायों और गौवंश को आसरा मिलेगा। पूर्व की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि पिछली सरकार ने एक भी गौशाला नहीं बनवाई थी और बस गायों के नाम पर राजनीति की थी।
सीएम कमलनाथ का कहना है कि गौशाला प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए उन्होंने निर्देश दिये हैं। लोकसभा चुनाव से पहले गौशालाएं बनवाकर कांग्रेस पार्टी अपने घोषणा पत्र का एक और वचन पूरा करने की कोशिश में है। जानकारी के मुताबिक़ ग्रामीण विकास विभाग गौशाला प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी होगी। जबकि ग्राम पंचायत और स्वयं सहायता समूह सहित अन्य संगठन राज्य गो संरक्षण बोर्ड से सम्बन्धित रहेंगे। ज़िला समिति जिस संस्था का चयन करेगी, वही इस प्रोजेक्ट को लागू करेगी।
इधर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है, “मध्यप्रदेश में 614 निजी गौशालाएं हैं, लेकिन सरकार द्वारा संचालित एक भी गौशाला नहीं है।” इधर विपक्ष का आरोप है कि कांग्रेस गो संरक्षण सिर्फ़ जुबानी तौर पर करती है। नई सरकार का काम इस समय बस पुरानी सरकार के फैसलों को रद्द करने का है। सरकार को गायों को चारा मुहैया कराना चाहिए और उनकी देखभाल पर ध्यान देना चाहिए।
इधर जानकारी के मुताबिक़ कमल नाथ सरकार ने शिवराज सरकार के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें तत्कालीन सरकार ने भोपाल के पास बने बुलमदर फार्म की 650 एकड़ जमीन के एक बड़े हिस्से को अधिकारियों की मांग पर गोल्फ कोर्स के लिए आरक्षित करने का फैसला किया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसी जमीन पर बुलमदर फार्म संचालित है जिसमें क़रीब एक हज़ार से ज्यादा गायें रखी गई हैं। कहा जाता है कि इस फ़ैसले के जरिये कांग्रेस यह साबित करने के कोशिश में है कि उसे गायों की चिंता भाजपा से ज्यादा है।
JAN 30 (WTN) – राज्य की कांग्रेस सरकार ने ऐलान किया है कि अगले चार महीनों में प्रदेश में एक हज़ार गौशालाएं बनवायी जाएंगी। सरकार का दावा है कि इन गौशालाओं से करीब एक लाख घुमंतू गायों और गौवंश को आसरा मिलेगा। पूर्व की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि पिछली सरकार ने एक भी गौशाला नहीं बनवाई थी और बस गायों के नाम पर राजनीति की थी।
सीएम कमलनाथ का कहना है कि गौशाला प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए उन्होंने निर्देश दिये हैं। लोकसभा चुनाव से पहले गौशालाएं बनवाकर कांग्रेस पार्टी अपने घोषणा पत्र का एक और वचन पूरा करने की कोशिश में है। जानकारी के मुताबिक़ ग्रामीण विकास विभाग गौशाला प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी होगी। जबकि ग्राम पंचायत और स्वयं सहायता समूह सहित अन्य संगठन राज्य गो संरक्षण बोर्ड से सम्बन्धित रहेंगे। ज़िला समिति जिस संस्था का चयन करेगी, वही इस प्रोजेक्ट को लागू करेगी।
इधर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है, “मध्यप्रदेश में 614 निजी गौशालाएं हैं, लेकिन सरकार द्वारा संचालित एक भी गौशाला नहीं है।” इधर विपक्ष का आरोप है कि कांग्रेस गो संरक्षण सिर्फ़ जुबानी तौर पर करती है। नई सरकार का काम इस समय बस पुरानी सरकार के फैसलों को रद्द करने का है। सरकार को गायों को चारा मुहैया कराना चाहिए और उनकी देखभाल पर ध्यान देना चाहिए।
इधर जानकारी के मुताबिक़ कमल नाथ सरकार ने शिवराज सरकार के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें तत्कालीन सरकार ने भोपाल के पास बने बुलमदर फार्म की 650 एकड़ जमीन के एक बड़े हिस्से को अधिकारियों की मांग पर गोल्फ कोर्स के लिए आरक्षित करने का फैसला किया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसी जमीन पर बुलमदर फार्म संचालित है जिसमें क़रीब एक हज़ार से ज्यादा गायें रखी गई हैं। कहा जाता है कि इस फ़ैसले के जरिये कांग्रेस यह साबित करने के कोशिश में है कि उसे गायों की चिंता भाजपा से ज्यादा है।