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गौशालाएं खोलने मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार लगा सकती है गाय टैक्स!

Friday - February 1, 2019 1:33 pm , Category : WTN HINDI
महंगी कारों, स्टाम्प ड्यूटी और टोल प्लाजा पर लग सकता है गाय सेस
महंगी कारों, स्टाम्प ड्यूटी और टोल प्लाजा पर लग सकता है गाय सेस

अपने वादों को निभाने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ की कोशिशें जारी, गौशालाएं खोलने सरकार जुटाएगी राजस्व
 
FEB 01 (WTN) – वित्तीय संकट से जूझ रही मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने प्रदेश में एक हज़ार गौशालाएं खोलने का वादा तो कर दिया है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि इन गौशालाओं को खोलने के लिए ज़रूरी पैसा आएगा कहां से? जानकारी के मुताबिक़ राज्‍य के पशुपालन विभाग को 100 गायों को रखने लायक 1,000 गौशालाएं बनाने के लिए क़रीब 150 करोड़ रुपयों की जरूरत पड़ेगी, लेकिन इस समय विभाग के पास सिर्फ़ 50 करोड़ रुपयों का ही बजट है। अब जबकि गौशालाओं के लिए बजट नहीं है लेकिन उन्हें खोलने का वादा तो कर दिया है, ऐसे में कमलनाथ सरकार गौशालाओं के लिए पैसा जुटाने के लिए भाजपा शासित राज्यों की नीतियों का सहारा ले सकती है।
 
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ मध्‍य प्रदेश सरकार महंगी कारों, स्टाम्प ड्यूटी और टोल प्लाजा पर गाय टैक्‍स लगाकर गौशालाओं के लिए जरूरी पैसा जुगाड़ने की सम्भावनाओं पर अध्ययन कर रही है। यदि मध्‍य प्रदेश की कांग्रेस सरकार गाय टैक्‍स लगाती है, तो यह पहली कांग्रेस सरकार होगी जो गायों के कल्‍याण के लिए किसी भी तरह का टैक्स लगाएगी।

जैसा कि आप जानते हैं कि ग्रामीण वोटबैंक को लुभाने के लिए कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले 1,000 गोशालाएं बनाने की बात कही है। लेकिन कहने और करने में जमीन आसमान का अन्तर है क्योंकि गौलाशाएं खोलने के लिए सरकार के पास जरूरी पैसा ही नहीं है। जानकारी के मुताबिक़ कमलनाथ सरकार ने राजस्‍व घाटे को पूरा करने के लिए एक समिति का गठन किया है। इस समिति में स्वास्थ्य,, वन, राजस्व, पंचायत और पशुपालन विभाग को शामिल किया गया है। अब इस समिति का काम होगा कि वो सुझाव दे कि गायों के कल्याण के साथ-साथ गौशालाओं के लिए किस तरह से राजस्व जुटाया जाए।
 
कहा जा रहा है कि गायों के कल्याण और गौशालाओं को खोलने के लिए राजस्व जुटाने के लिए कमलनाथ सरकार के पास कई विकल्प हैं; जैसे महंगी कारों पर सेस, स्‍टाम्प ड्यूटी और टोल प्‍लाजा पर सेस आदि। वैसे ये साफ़ नहीं है कि महंगी कारों से सरकार का क्या आशय है, लेकिन कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ से चर्चा और सहमति के बाद यह तय किया जाएगा कि किस तरह की कारों पर टैक्स लगाया जाए और कितना टैक्स लगाया जाए।

अब देखना होगा कि कमलनाथ सरकार की गौशालाएं खोलने के लिए राजस्व जुटाने की यह योजना कब तक शुरू हो पाती है। यदि मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार लोकसभा चुनाव से पहले गौशालाएं खोलने में सफल हो जाती है तो कहा जा सकता है कि यह उसका एक बहुत बड़ा दांव होगा।