कांग्रेस की लोकसभा चुनाव के लिए सोशल मीडिया ‘रणनीति’!
Friday - February 1, 2019 3:14 pm ,
Category : WTN HINDI
लोकसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बनाई ‘योजना’
भाजपा को जवाब देने अब बूथस्तर पर कांग्रेस की मीडिया टीम की ‘नज़र’
FEB 01 (WTN) – विधानसभा चुनाव में अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाने के बाद कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए काफ़ी सतर्क हो गई है। लोकसभा चुनाव की आर पार की लड़ाई के लिए कांग्रेस ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस नये सिरे से टीमें बनाकर मैदान में उतरना चाहती है और इसकी शुरुआत करते हुए कांग्रेस ने अपनी सोशल मीडिया और आईटी प्रदेश और ज़िला कार्यकारिणी को भंग कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक़ खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन कार्यकारणियों को भंग किया है। लोकसभा चुनाव में भाजपा की सोशल मीडिया टीम को जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया टीम को मजबूत बनाने की कड़ी में इसमें काफ़ी परिवर्तन किया गया है। नये बदलाव के तहत इन इकाइयों में अब प्रदेश और ज़िला अध्यक्ष के पद नहीं होंगे। पार्टी को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए उसकी जगह अब विधानसभा और बूथ स्तर पर संयोजक बनाए जाएंगे।
कहा जा रहा है कि एक सप्ताह के अन्दर सोशल मीडिया और आईटी सेल की नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा। जैसा कि आप जानते हैं कि सोशल मीडिया पर प्रचार के मामले में कांग्रेस अभी भाजपा से काफ़ी पीछे है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह हमेशा से ही सोशल मीडिया के जरिये पार्टी के पक्ष में प्रचार करने और विरोधियों को जवाब देने के मामले में काफ़ी आगे रहे हैं। अब देखना होगा कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की सोशल मीडिया की रणनीति का किस तरह से जवाब देती है।
FEB 01 (WTN) – विधानसभा चुनाव में अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाने के बाद कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए काफ़ी सतर्क हो गई है। लोकसभा चुनाव की आर पार की लड़ाई के लिए कांग्रेस ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस नये सिरे से टीमें बनाकर मैदान में उतरना चाहती है और इसकी शुरुआत करते हुए कांग्रेस ने अपनी सोशल मीडिया और आईटी प्रदेश और ज़िला कार्यकारिणी को भंग कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक़ खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन कार्यकारणियों को भंग किया है। लोकसभा चुनाव में भाजपा की सोशल मीडिया टीम को जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया टीम को मजबूत बनाने की कड़ी में इसमें काफ़ी परिवर्तन किया गया है। नये बदलाव के तहत इन इकाइयों में अब प्रदेश और ज़िला अध्यक्ष के पद नहीं होंगे। पार्टी को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए उसकी जगह अब विधानसभा और बूथ स्तर पर संयोजक बनाए जाएंगे।
कहा जा रहा है कि एक सप्ताह के अन्दर सोशल मीडिया और आईटी सेल की नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा। जैसा कि आप जानते हैं कि सोशल मीडिया पर प्रचार के मामले में कांग्रेस अभी भाजपा से काफ़ी पीछे है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह हमेशा से ही सोशल मीडिया के जरिये पार्टी के पक्ष में प्रचार करने और विरोधियों को जवाब देने के मामले में काफ़ी आगे रहे हैं। अब देखना होगा कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की सोशल मीडिया की रणनीति का किस तरह से जवाब देती है।