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पुजारियों और मौलवियों को कमलनाथ सरकार का तोहफा

Saturday - February 2, 2019 11:52 am , Category : WTN HINDI
शासन ने की पुजारियों के मानदेय में तीन गुना वृद्धि
शासन ने की पुजारियों के मानदेय में तीन गुना वृद्धि

लोकसभा चुनाव से पहले ब्राह्मणों को खुश करने की कमलनाथ सरकार की कवायद

FEB 02 (WTN) – मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने शासन द्वारा नियंत्रित मन्दिरों के पुजारियों को सौगात देते हुए उनके मानदेय को तीन गुना बढ़ा दिया है। इतना ही नहीं, प्रदेश सरकार ऐसे मन्दिरों की आर्थिक सहायता भी करेगी जो अपनी भूमि पर गोवंश की देखभाल करेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राज्य में कमलनाथ सरकार ने नया अध्यात्म विभाग बनाया है जिसका कैबिनेट मिनिस्टर पीसी शर्मा को बनाया गया है। सरकार का यह कदम भाजपा के उस आरोप का जवाब कहा जा सकता है जिसमें भाजपा, कांग्रेस पर हिन्दू विरोधी होने का आरोप लगाती है।

कैबिनेट के फ़ैसले की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि शासन द्वारा नियंत्रित ऐसे मन्दिर जिनके पास कोई भूमि नहीं है, उनके ऐसे पुजारियों को जिन्हें पहले एक हज़ार रुपये का मानदेय मिलता था, अब इसे बढ़ाकर एक जनवरी से 3 हज़ार रुपये हर महीने कर दिया गया है।
 
इतना ही नहीं, पांच एकड़ तक भूमि वाले मन्दिर के पुजारियों का मानदेय 700 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 2,100 रुपए, और 10 एकड़ भूमि वाले मन्दिरों के पुजारियों का मानदेय 520 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 1,560 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। राज्य सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश के क़रीब 25 हज़ार से ज्यादा पुजारियों को लाभ मिलेगा। 
 
वहीं सरकार का कहना है कि शासन ऐसे मन्दिरों की भी आर्थिक मदद करेगी जो अपनी भूमि पर गौशालाएं बनाकर गोवंश की देखभाल करेंगे।पुजारियों के साथ ही मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की मस्जिदों के मुस्लिम मौलवियों का भी मानदेय बढ़ा दिया गया है।
 
इतना ही नहीं राज्य की कमलनाथ सरकार प्रदेश की नदियों को संरक्षित करने की दिशा में भी काम कर रही है। जानकारी के मुताबिक़, प्रदेश की चार नदियों नर्मदा, ताप्ती, मन्दाकिनी और क्षिप्रा को संरक्षित करने के लिए मां नर्मदा, मां सूर्यपुत्री, मां मन्दाकिनी और क्षिप्रा न्यास अधिनियम सम्बन्धित प्रारूप को वित्त विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति के लिए भेजा जा चुका है। इन न्यासों के बनने के बाद इन चारों की नदियों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा नीतियां बनाईं जाएंगी और उन पर अमल किया जाएगा।