BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

लोकसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में ‘एक्शन मोड’ पर आरएसएस!

Monday - February 4, 2019 2:04 pm , Category : WTN HINDI
लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा को संघ की ‘नसीहत’
लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा को संघ की ‘नसीहत’

आम चुनाव से पहले संघ भाजपा को दे सकता है ‘फीडबैक’
 
FEB 04 (WTN) – मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद अब आरएसएस पूरी ताकत लोकसभा चुनाव में लगाने की तैयारी में है। मध्य प्रदेश समेत तीन राज्यों में भाजपा को मिली हार के बाद संघ ने चिंता जताई थी, जिसके बाद कहा जा रहा है कि अब आगे की ओर देखो की रणनीति के तहत आरएसएस लोकसभा चुनाव पर अपना पूरा ध्यान फोकस करना चाहता है।
 
लोकसभा चुनाव से पहले आज भोपाल में संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने 12 संघ प्रांतों से आए पदाधिकारियों की बैठक ली है। जानकारी के मुताबिक़ इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई और सम्पर्क गतिविधियों की पूरी समीक्षा की गई। इस बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने अपने-अपने एरिया की रिपोर्ट सरकार्यवाह को सौंपी है। कहा जा रहा है जिसके बाद लोकसभा सीटों का फीडबैक लिया जा सकता है।

वैसे तो संघ राजनीति से दूर है, लेकिन समय-समय पर संघ भाजपा को चुनावों से पहले नसीहतें देता रहता है। जैसा कि आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले संघ ने बकायदा सर्वे करने के बाद भाजपा को फीडबैक रिपोर्ट दी थी कि उसके कई मंत्रियों और विधायकों की छवि जनता के बीच अच्छी नहीं है और इनमें से कई को हार का सामना करना पड़ सकता है।
 
लेकिन भाजपा ने संघ के फीडबैक को ज़्यादा तवोज्जो नहीं दी और उसका परिणाम यह रहा कि भाजपा को मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। वैसे वैचारिक रूप से संघ और भाजपा में काफ़ी क़रीबी हैं और भाजपा में जो संगठन महामंत्री का पद होता है वो संघ कैडर का ही होता है। लेकिन जिस तरह से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले संघ के फीडबैक को भाजपा ने नज़र अंदाज किया था और उसे हार का सामना करना पड़ा था, उससे कहा जा सकता है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में अब किसी भी तरह की कोई भी रिस्क नहीं लेगी।
 
सूत्रों के मुताबिक संघ ने भाजपा को समझाइश दी है कि यदि भाजपा को चुनावों में जीत हासिल करना है तो उसे नकारात्मक प्रचार से दूरी बनानी होगी साथ ही संघ का कहना है कि भाजपा को नीतियों और मुद्दों के आधार पर चुनाव प्रचार करना चाहिए। अब देखना होगा कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद संघ की नसीहतों को भाजपा कितना तरजीह देती है।