सावधान! फेसबुक पर करोड़ों की तादात में हैं ‘फर्जी यूजर्स’
Wednesday - February 6, 2019 11:06 am ,
Category : WTN HINDI
फेसबुक पर मौजूद हैं क़रीब 25 करोड़ ‘ग़लत’ खाते
सोच समझकर करें फेसबुक पर ‘दोस्ती’
FEB 06 (WTN) – सोशल नेटवर्किंग साइट पर आजकल करोड़ों की तादात में लोग दिनभर एक्टिव रहते हैं। अकेले फेसबुक की बात की जाए तो यहां पर इसके एक अरब से ज़्यादा यूजर्स हैं। पूरी दुनियाभर में लोकप्रिय फेसबुक के काफ़ी तादात में यूजर्स महीने में कम से कम एक बार तो फेसबुक पर लॉग इन करते ही हैं और उसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे यूजर्स को कम्पनी अपना मासिक सक्रिय उपभोक्ता यानि कि Monthly Active User मानती है।
पूरी दुनिया में जहां फर्जीवाड़ा है तो फ़िर फेसबुक इससे कैसे अछूता रह सकता है। फेसबुक कम्पनी के आंकड़ों के अनुसार उसके मासिक सक्रिय उपभोक्ताओं में से क़रीब 25 करोड़ यूजर्स नकली या फ़िर फर्जी हो सकते हैं। फेसबुक कम्पनी की साल 2018 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर से लेकर दिसम्बर तक की चौथी तिमाही में उसके एमएयू यानि कि मासिक सक्रिय उपभोक्ताओं में 11 प्रतिशत फर्जी या नकली खाते हैं। कम्पनी के मुताबिक़ साल 2015 में नकली खाताधारकों की संख्या एमएयू का सिर्फ़ पांच प्रतिशत ही थी।
जानकारी के मुताबिक़, दिसम्बर 2015 में कम्पनी के एमएयू की संख्या 159 करोड़ थी जो कि दिसम्बर 2018 में 232 करोड़ हो गई। कम्पनी के अनुसार ग़लत खाते वो खाते होते हैं जो उपभोक्ता द्वारा अपने प्रमुख खाते के अलावा बनाए जाते हैं। ग़लत खातों की भी दो श्रेणियां होती हैं। अधिकतर ग़लत खाते वो होते हैं जिससे फेसबुक पर स्पैम बनता है। इसलिए कभी भी फेसबुक पर अपनी निजी जानकारी को शेयर ना करें।
फेसबुक कम्पनी के मुताबिक़ पूरी दुनिया में उसके प्रतिदिन सक्रिय रहने वाले उपयोक्ताओं की औसत संख्या 9 प्रतिशत बढ़कर साल 2018 में 152 करोड़ हो गई है। वहीं साल 2017 में यह संख्या 140 करोड़ थी। भारत इण्डोनेशिया और फिलीफिंस जैसे देशों में रोजाना सक्रिय उपभोक्ताओं की संख्या में ज्यादा वृद्धि होती है।
हमारी आपको सलाह है कि जब भी आप फेसबुक पर किसी को फ्रेंड बनाएं तो काफ़ी सोच समझकर ही निर्णय लें, क्योंकि फेसबुक पर मौजूद फर्जी यूजर्स आपकी निजी जानकारी हासिल कर सकते हैं जिससे आपको सामाजिक और आर्थिक नुकसान होने का ख़तरा है। खासतौर से लड़कियों को तो फेसबुक पर जरा ज्यादा ही सावधान रहना चाहिए क्योंकि कई खुराराती दिमाग वाले लोग फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर लड़कियों को फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल करने का काम करते हैं।
FEB 06 (WTN) – सोशल नेटवर्किंग साइट पर आजकल करोड़ों की तादात में लोग दिनभर एक्टिव रहते हैं। अकेले फेसबुक की बात की जाए तो यहां पर इसके एक अरब से ज़्यादा यूजर्स हैं। पूरी दुनियाभर में लोकप्रिय फेसबुक के काफ़ी तादात में यूजर्स महीने में कम से कम एक बार तो फेसबुक पर लॉग इन करते ही हैं और उसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे यूजर्स को कम्पनी अपना मासिक सक्रिय उपभोक्ता यानि कि Monthly Active User मानती है।
पूरी दुनिया में जहां फर्जीवाड़ा है तो फ़िर फेसबुक इससे कैसे अछूता रह सकता है। फेसबुक कम्पनी के आंकड़ों के अनुसार उसके मासिक सक्रिय उपभोक्ताओं में से क़रीब 25 करोड़ यूजर्स नकली या फ़िर फर्जी हो सकते हैं। फेसबुक कम्पनी की साल 2018 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर से लेकर दिसम्बर तक की चौथी तिमाही में उसके एमएयू यानि कि मासिक सक्रिय उपभोक्ताओं में 11 प्रतिशत फर्जी या नकली खाते हैं। कम्पनी के मुताबिक़ साल 2015 में नकली खाताधारकों की संख्या एमएयू का सिर्फ़ पांच प्रतिशत ही थी।
जानकारी के मुताबिक़, दिसम्बर 2015 में कम्पनी के एमएयू की संख्या 159 करोड़ थी जो कि दिसम्बर 2018 में 232 करोड़ हो गई। कम्पनी के अनुसार ग़लत खाते वो खाते होते हैं जो उपभोक्ता द्वारा अपने प्रमुख खाते के अलावा बनाए जाते हैं। ग़लत खातों की भी दो श्रेणियां होती हैं। अधिकतर ग़लत खाते वो होते हैं जिससे फेसबुक पर स्पैम बनता है। इसलिए कभी भी फेसबुक पर अपनी निजी जानकारी को शेयर ना करें।
फेसबुक कम्पनी के मुताबिक़ पूरी दुनिया में उसके प्रतिदिन सक्रिय रहने वाले उपयोक्ताओं की औसत संख्या 9 प्रतिशत बढ़कर साल 2018 में 152 करोड़ हो गई है। वहीं साल 2017 में यह संख्या 140 करोड़ थी। भारत इण्डोनेशिया और फिलीफिंस जैसे देशों में रोजाना सक्रिय उपभोक्ताओं की संख्या में ज्यादा वृद्धि होती है।
हमारी आपको सलाह है कि जब भी आप फेसबुक पर किसी को फ्रेंड बनाएं तो काफ़ी सोच समझकर ही निर्णय लें, क्योंकि फेसबुक पर मौजूद फर्जी यूजर्स आपकी निजी जानकारी हासिल कर सकते हैं जिससे आपको सामाजिक और आर्थिक नुकसान होने का ख़तरा है। खासतौर से लड़कियों को तो फेसबुक पर जरा ज्यादा ही सावधान रहना चाहिए क्योंकि कई खुराराती दिमाग वाले लोग फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर लड़कियों को फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल करने का काम करते हैं।