मध्य प्रदेश में ‘खाली खजाने’ से कैसे होगी किसानों की कर्जमाफ़ी?
Tuesday - February 5, 2019 4:00 pm ,
Category : WTN HINDI
किसान कर्ज़ माफ़ी पर जारी है ‘बयानबाजी’
भाजपा ने किसान कर्ज माफ़ी पर उठाए सवाल; कांग्रेस ने भाजपा को बताया किसान विरोधी
FEB 05 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश में किसानों की कर्ज़ माफ़ी को लेकर शुरू से ही कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। जहां एक तरफ़ कांग्रेस का कहना है कि किसानों की कर्ज़माफ़ी एक ऐतिहासिक कदम है, तो वहीं भाजपा इसे किसानों के साथ धोखा बता रही है। इधर मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है कि किसानों की कर्ज़माफ़ी से प्रदेश के लाखों किसानों का भला होगा, तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि किसानों के खातों में दो-दो लाख रुपये यदि नहीं डाले गये तो भाजपा एक बड़ा आंदोलन करेगी।
बात करें किसानों की तो मध्य प्रदेश के किसान असमंजस की स्थिति में हैं कि उनका कितना कर्ज़ माफ़ होगा और कब तक माफ़ होगा। किसानों की कर्ज़ माफ़ी पर लगातार उठने वाले सवालों के बीच, प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव ने इस मामले में भाजपा पर जमकर निशाना साथा है।
भाजपा पर तंज कसते हुए सचिन यादव ने कहा है कि भाजपा ने किसानों के नाम पर 15 सालों तक केवर रोटियां सेंकी हैं, दरअसल भाजपा को कभी भी किसानों की चिन्ता थी ही नहीं। पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया पर निशाना साधते हुए सचिन यादव ने कहा कि शिवराज सरकार के समय वित्त मंत्री कहते थे कि सरकार के पास किसानों का कर्ज़ माफ़ करने के लिए पैसा नहीं है, लेकिन हमारी कांग्रेस सरकार ने ये कर दिखाया है।
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राज्य सरकार का खजाना खाली पड़ा हुआ है। सामान्य कामकाज चलाने के लिए भी कमलनाथ सरकार एक हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ लेने की तैयारी में है। इससे पहले राज्य सरकार 1,600 करोड़ रुपये और 1,000 करोड़ रुपये का कर्ज़ ले चुकी है।
वैसे कृषि मंत्री सचिन यादव ने भाजपा पर किसानों के मुद्दे पर तंज तो कस दिया, लेकिन हकीकत तो यह है कि राज्य सरकार का खजाना खाली है और उसे तनख्वाह देने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है, ऐसे में किसानों की कर्ज़ माफ़ी की घोषणा करना तो आसान था लेकिन हकीकत में राज्य सरकार की आर्थिक हालत तो यही बयां करती है कि किसान कर्ज़ माफ़ी के कारण एक बहुत बड़ा आर्थिक बोझ राज्य सरकार पर पड़ने वाला है।
FEB 05 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश में किसानों की कर्ज़ माफ़ी को लेकर शुरू से ही कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। जहां एक तरफ़ कांग्रेस का कहना है कि किसानों की कर्ज़माफ़ी एक ऐतिहासिक कदम है, तो वहीं भाजपा इसे किसानों के साथ धोखा बता रही है। इधर मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है कि किसानों की कर्ज़माफ़ी से प्रदेश के लाखों किसानों का भला होगा, तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि किसानों के खातों में दो-दो लाख रुपये यदि नहीं डाले गये तो भाजपा एक बड़ा आंदोलन करेगी।
बात करें किसानों की तो मध्य प्रदेश के किसान असमंजस की स्थिति में हैं कि उनका कितना कर्ज़ माफ़ होगा और कब तक माफ़ होगा। किसानों की कर्ज़ माफ़ी पर लगातार उठने वाले सवालों के बीच, प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव ने इस मामले में भाजपा पर जमकर निशाना साथा है।
भाजपा पर तंज कसते हुए सचिन यादव ने कहा है कि भाजपा ने किसानों के नाम पर 15 सालों तक केवर रोटियां सेंकी हैं, दरअसल भाजपा को कभी भी किसानों की चिन्ता थी ही नहीं। पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया पर निशाना साधते हुए सचिन यादव ने कहा कि शिवराज सरकार के समय वित्त मंत्री कहते थे कि सरकार के पास किसानों का कर्ज़ माफ़ करने के लिए पैसा नहीं है, लेकिन हमारी कांग्रेस सरकार ने ये कर दिखाया है।
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राज्य सरकार का खजाना खाली पड़ा हुआ है। सामान्य कामकाज चलाने के लिए भी कमलनाथ सरकार एक हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ लेने की तैयारी में है। इससे पहले राज्य सरकार 1,600 करोड़ रुपये और 1,000 करोड़ रुपये का कर्ज़ ले चुकी है।
वैसे कृषि मंत्री सचिन यादव ने भाजपा पर किसानों के मुद्दे पर तंज तो कस दिया, लेकिन हकीकत तो यह है कि राज्य सरकार का खजाना खाली है और उसे तनख्वाह देने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है, ऐसे में किसानों की कर्ज़ माफ़ी की घोषणा करना तो आसान था लेकिन हकीकत में राज्य सरकार की आर्थिक हालत तो यही बयां करती है कि किसान कर्ज़ माफ़ी के कारण एक बहुत बड़ा आर्थिक बोझ राज्य सरकार पर पड़ने वाला है।