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सफल रही मुख्यमंत्री कमलनाथ की मेहनत, भारतमाला प्रोजेक्ट में शामिल हुआ भोपाल-इन्दौर एक्सप्रेस-वे

Friday - February 8, 2019 12:08 pm , Category : WTN HINDI
एक्सप्रेस-वे के निर्माण से भोपाल से इन्दौर की दूरी होगी 180 किलोमीटर कम
एक्सप्रेस-वे के निर्माण से भोपाल से इन्दौर की दूरी होगी 180 किलोमीटर कम

बस डेढ़ घण्टे में एक्सप्रेस-वे के जरिये पूरा होगा भोपाल से इन्दौर का सफ़र

FEB 08 (WTN) – मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हुई मुलाकात अपने आप में प्रदेशवासियों के लिए काफ़ी सौगातें लेकर आई है। जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी भारत माला योजना के तहत मध्य प्रदेश के काफ़ी प्रोजेक्ट्स को सौद्धांतिक मन्जूरी मिली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतमाला योजना के पहले फेस के पांच हज़ार 987 किलोमीटर लम्बे नेशनल हाईवे के निर्माण को केन्द्र सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस प्रोजेक्ट में महत्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण भोपाल-इन्दौर सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे को शामिल कर लिया गया है। इसके साथ-साथ महाकौशल के जबलपुर, बुन्देखण्ड के सागर और ओरछा और ग्वालियर बायपास के निर्माण की स्वीकृति भी इसमें शामिल है।
 
मोदी सरकार ने भारतमाला योजना में भोपाल से इंदौर के बीच बनने वाले सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ भोपाल बायपास दक्षिण-पश्चिम भाग बनाए जाने को भी सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भोपाल-इन्दौर एक्सप्रेस-वे के बनने से दोनों शहरों के बीच की दूरी क़रीब 180 किलोमीटर कम हो जाएगी और इससे क़रीब 3 घण्टे का समय बचेगा।

तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इस प्रोजेक्ट को भारतमाला प्रोजेक्ट में शामिल करने काफ़ी प्रयास किये थे, लेकिन रूट निर्धारण समेत कई दूसरी परेशानियों के कारण इसे तब भारतमाता प्रोजेक्ट के तहत शामिल नहीं किया गया था। जानकारी के मुताबिक़ इसे इकोनॉमिक कॉरिडोर भी बनाने के लिए इस एक्सप्रेस-वे को भोपाल बायपास के साथ-साथ मण्डीदीप से भी जोड़ा जाएगा। 180 किलोमीटर लम्बे इस एक्सप्रेस-वे को बनाने के लिए 1,700 हैक्टेयर से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण करना प्रस्तावित है।
 
इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण इस तरह से किया जाएगा जिससे वाहन 120 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ़्तार से दौड़ सकें। प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे भोपाल-इन्दौर फोरलेन से अलग होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस योजना को मन्जूरी देने का आग्रह किया था। कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से की गई मुलाकात सफल रही और भोपालवासियों को प्रदेश के पहले एक्सप्रेस-वे की सौगात मिल गई।