भारत में ‘बंद’ हो सकता है व्हाट्सएप!
Friday - February 8, 2019 2:28 pm ,
Category : WTN HINDI
व्हाट्सएप का एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फ़ीचर बना ‘मुसीबत’ की वजह
अपनी ‘गोपनीयता’ की ‘साख’ को बचाने भारतीय बाज़ार से ‘गायब’ हो सकता है व्हाट्सएप
FEB 08 (WTN) – करोड़ों की तादात में यूज किये जाने वाला व्हाट्सएप भारत में बंद हो सकता है। पढ़कर चौक गये होंगे आप, लेकिन यदि भारत में व्यापार कर रहीं सोशल मीडिया कम्पनियों के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित कुछ नियम अगर लागू हो जाते हैं, तो व्हाट्सएप भारतीय बाजार से गायब हो सकता है। जानकारी के मुताबिक़ पूरी दुनिया में व्हाट्सएप के करीब 150 करोड़ यूजर्स हैं जिसमें सबसे ज्यादा 20 करोड़ मासिक यूजर्स सिर्फ़ भारत में हैं। यदि किसी भी कारण से भारत में व्हाट्सएप बंद होता है तो यह कम्पनी के लिए बहुत बड़ा नुकसान होगा।
व्हाट्सएप के कम्यूनिकेशन प्रमुख कार्ल वूग के मुताबिक़, "भारत में प्रस्तावित नियमों में से जो नियम सबसे ज्यादा चिन्ता का कारण है वो है मैसेज का पता लगाने पर जोर देना।" आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप डिफाल्ट रूप से एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन की पेशकश करता है, इसका अर्थ है कि किसी भी मैसेज को सिर्फ़ और सिर्फ़ भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही पढ़ सकता है। व्हाट्सएप में मैसेजिंग की सुरक्षा ऐसी है कि व्हाट्सएप खुद भी भेजे गए संदेशों को पढ़ नहीं सकता है।
वूग के मुताबिक भारत में जो प्रस्तावित बदलाव लागू होने जा रहे हैं, वह बदलाव किसी ठोस गोपनीय सुरक्षा के अनुसार नहीं हैं। जबकि पूरी दुनिया व्हाट्सएप मैसेजिंग में गोपनीयता चाहती है। व्हाट्सएप का कहना है कि वे एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन की सुविधा मुहैया कराते हैं, लेकिन भारत में नए नियमों के कारण उन्हें काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा और मैसेजिंग की गोपनीयता भी भंग होगी।
चर्चाएं आम हैं कि यदि भारत में नया नियम लागू हुआ तो व्हाट्सएप भारतीय बाजार से गायब भी हो सकता है। कम्पनी अपनी गोपनीयता से किसी भी क़ीमत पर समझौता करने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में हो सकता है कि पूरी दुनिया में लोकप्रिय व्हाट्सएप भारतीय लोगों के मोबाइल से गायब हो जाए।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुरक्षा की दृष्टि से भारत में कानून प्रवर्तन एजेंसियां अफवाह फ़ैलाने वाले आरोपियों तक पहुंचना चाहती हैं, लेकिन व्हाट्सएप की एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फ़ीचर के कारण ऐसा मुश्किल होता है। लेकिन आतंकी और माओवादी हिंसा से पीड़ित भारत में सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स को सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित नियमों के तहत, उनकी सेवाओं के दुरुपयोग और उसके उपयोग से हिंसा फैलने से रोकने के लिए एक उचित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा। अब देखना होगा कि क्या कुछ समाधान व्हाट्सएप इस मामले का निकालता है।
FEB 08 (WTN) – करोड़ों की तादात में यूज किये जाने वाला व्हाट्सएप भारत में बंद हो सकता है। पढ़कर चौक गये होंगे आप, लेकिन यदि भारत में व्यापार कर रहीं सोशल मीडिया कम्पनियों के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित कुछ नियम अगर लागू हो जाते हैं, तो व्हाट्सएप भारतीय बाजार से गायब हो सकता है। जानकारी के मुताबिक़ पूरी दुनिया में व्हाट्सएप के करीब 150 करोड़ यूजर्स हैं जिसमें सबसे ज्यादा 20 करोड़ मासिक यूजर्स सिर्फ़ भारत में हैं। यदि किसी भी कारण से भारत में व्हाट्सएप बंद होता है तो यह कम्पनी के लिए बहुत बड़ा नुकसान होगा।
व्हाट्सएप के कम्यूनिकेशन प्रमुख कार्ल वूग के मुताबिक़, "भारत में प्रस्तावित नियमों में से जो नियम सबसे ज्यादा चिन्ता का कारण है वो है मैसेज का पता लगाने पर जोर देना।" आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप डिफाल्ट रूप से एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन की पेशकश करता है, इसका अर्थ है कि किसी भी मैसेज को सिर्फ़ और सिर्फ़ भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही पढ़ सकता है। व्हाट्सएप में मैसेजिंग की सुरक्षा ऐसी है कि व्हाट्सएप खुद भी भेजे गए संदेशों को पढ़ नहीं सकता है।
वूग के मुताबिक भारत में जो प्रस्तावित बदलाव लागू होने जा रहे हैं, वह बदलाव किसी ठोस गोपनीय सुरक्षा के अनुसार नहीं हैं। जबकि पूरी दुनिया व्हाट्सएप मैसेजिंग में गोपनीयता चाहती है। व्हाट्सएप का कहना है कि वे एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन की सुविधा मुहैया कराते हैं, लेकिन भारत में नए नियमों के कारण उन्हें काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा और मैसेजिंग की गोपनीयता भी भंग होगी।
चर्चाएं आम हैं कि यदि भारत में नया नियम लागू हुआ तो व्हाट्सएप भारतीय बाजार से गायब भी हो सकता है। कम्पनी अपनी गोपनीयता से किसी भी क़ीमत पर समझौता करने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में हो सकता है कि पूरी दुनिया में लोकप्रिय व्हाट्सएप भारतीय लोगों के मोबाइल से गायब हो जाए।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुरक्षा की दृष्टि से भारत में कानून प्रवर्तन एजेंसियां अफवाह फ़ैलाने वाले आरोपियों तक पहुंचना चाहती हैं, लेकिन व्हाट्सएप की एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फ़ीचर के कारण ऐसा मुश्किल होता है। लेकिन आतंकी और माओवादी हिंसा से पीड़ित भारत में सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स को सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित नियमों के तहत, उनकी सेवाओं के दुरुपयोग और उसके उपयोग से हिंसा फैलने से रोकने के लिए एक उचित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा। अब देखना होगा कि क्या कुछ समाधान व्हाट्सएप इस मामले का निकालता है।