अब शायद ही कम हों मोबाइल नेटवर्क कम्पनियों के प्लान्स की कीमतें!
Tuesday - February 12, 2019 4:03 pm ,
Category : WTN HINDI
प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए टेलीकॉम कम्पनियों की ‘नई प्लानिंग’!
जियो के कारण भारी घाटा सहने के बाद टेलीकॉम कम्पनियां अब बड़ा सकती हैं डेटा और कॉलिंग की कीमतें
FEB 12 (WTN) – यदि आप सोच रहे हैं कि टेलीकॉम कम्पनियों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा के कारण डेटा और कॉलिंग के दाम और भी सस्ते होंगे, तो आप ग़लत सोच रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि रिलायंस जियो के मार्केट में आने के बाद से देश में डेटा और कॉलिंग की दरें आसमान से ज़मीन पर आ गईं थीं और ऐसे में जियो के कारण बाकी टेलीकॉम कम्पनियों के राजस्व में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। टेलीकॉम इंडस्ट्री में जियो की एंट्री के बाद टेलीकॉम सेक्टर की दो बड़ी कम्पनियों एयरटेल और वोडाफोन को लगातार अपने प्लान्स की कीमतों में कटौती करनी पड़ रही थी।
जियो को टक्कर देने के चक्कर में एयरटेल और वोडाफोन दोनों ही कम्पनियों को काफ़ी नुकसान हो रहा था। यदि अगर नेट प्रोफिट की बात करें तो एयरटेल के व्यापार में 72 प्रतिशत की गिरावट इस दौरान दर्ज की गई। पिछले साल जहां कम्पनी को 306 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था, तो वहीं इस साल कम्पनी को सिर्फ़ 86 करोड़ का ही फायदा हो सका। वहीं वोडाफोन आइडिया को भी इस दौरान ज्यादा फायदा नहीं हुआ।
इस सबसे के बीच, टेलीकॉम कम्पनी एयरटेल का मानना है कि पिछले काफ़ी समय से टेलीकॉम कम्पनियों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण एयरटेल को अपने प्लान और कीमतों में लगातार कमी करना पड़ी थी, लेकिन अब कम्पनी अपने प्लान और कीमत में कमी नहीं करने जा रही है और वो अब इस स्थिति में भी नहीं है। इस बारे में एयरटेल का कहना है कि फिलहाल उनके प्लान्स की कीमत काफ़ी कम है, लेकिन वे इसे औऱ कम करने नहीं जा रहे हैं।
कम्पनी का मानना है कि जिओ की एंट्री के कारण प्रतिस्पर्धा का एक बड़ा समय टेलीकॉम सेक्टर में आया था लेकिन वो वक्त अब निकल गया है। अब आने वाले समय में मार्केट में जल्द ही सुधार देखने को मिलेगा जिसके बाद मार्केट में ठहराव आएगा और इसके बाद कीमतों में वृद्धि होगी। एयरटेल ही नहीं बल्कि बाक़ी अन्य टेलीकॉम कम्पनियों का भी यही मानना है कि ग्राहकों को अपने और आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा का दौर गुजरने के बाद कीमतें कम करने की गुंजाइश किसी भी टेलीकॉम कम्पनी के पास नहीं है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल तीसरे क्वार्टर में जियो का एवरेज रेवेव्यू प्रति यूजर 130, एयरटेल का 104 और वोडाफोन का 89 था। इन आंकड़ों से साफ़ जाहिर होता है कि आखिर किस तरह से रिलायंस जियो ने दूसरी टेलीकॉम कम्पनियों को भारी नुकसान पहुंचाया था। जियो के साथ टक्कर लेने के लिए टेलीकॉम कम्पनियों को अपने प्लान्स की कीमतों में भारी कमी करनी पड़ी थी जिसके कारण ग्राहकों को तो काफी फायदा मिला लेकिन टेलीकॉम सेक्टर की कम्पनियों को भारी घाटा उठाना पड़ा।
यह सच है कि रिलायंस जियो के मार्केट में आने के बाद बाकी टेलीकॉम कम्पनियों को काफ़ी नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन अब टेलीकॉम मार्केट में स्थिरता का दौर है और लगभग सभी टेलीकॉम कम्पनियों के प्लान्स एक जैसे ही हैं और अब जिस टेलीकॉम कम्पनी की सर्विस बेहतर होगी ग्राहक उसी कम्पनी में अपना नम्बर पोर्ट कराएगा।
अब देखना होगा कि बेहतर सर्विस देने की प्रतिस्पर्धा में कौन सी टेलीकॉम कम्पनी खरी उतर पाती है। यानि कि यदि आप अब मोबाइल फोन में सस्ते प्लान के बारे में सोच रहे हैं तो वो बीते दिनों की बाद है, क्योंकि अब टेलीकॉम कम्पनियां भारी नुकसान उठाने के बाद कीमतें कम करने की स्थिति में नहीं हैं।
FEB 12 (WTN) – यदि आप सोच रहे हैं कि टेलीकॉम कम्पनियों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा के कारण डेटा और कॉलिंग के दाम और भी सस्ते होंगे, तो आप ग़लत सोच रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि रिलायंस जियो के मार्केट में आने के बाद से देश में डेटा और कॉलिंग की दरें आसमान से ज़मीन पर आ गईं थीं और ऐसे में जियो के कारण बाकी टेलीकॉम कम्पनियों के राजस्व में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। टेलीकॉम इंडस्ट्री में जियो की एंट्री के बाद टेलीकॉम सेक्टर की दो बड़ी कम्पनियों एयरटेल और वोडाफोन को लगातार अपने प्लान्स की कीमतों में कटौती करनी पड़ रही थी।
जियो को टक्कर देने के चक्कर में एयरटेल और वोडाफोन दोनों ही कम्पनियों को काफ़ी नुकसान हो रहा था। यदि अगर नेट प्रोफिट की बात करें तो एयरटेल के व्यापार में 72 प्रतिशत की गिरावट इस दौरान दर्ज की गई। पिछले साल जहां कम्पनी को 306 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था, तो वहीं इस साल कम्पनी को सिर्फ़ 86 करोड़ का ही फायदा हो सका। वहीं वोडाफोन आइडिया को भी इस दौरान ज्यादा फायदा नहीं हुआ।
इस सबसे के बीच, टेलीकॉम कम्पनी एयरटेल का मानना है कि पिछले काफ़ी समय से टेलीकॉम कम्पनियों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण एयरटेल को अपने प्लान और कीमतों में लगातार कमी करना पड़ी थी, लेकिन अब कम्पनी अपने प्लान और कीमत में कमी नहीं करने जा रही है और वो अब इस स्थिति में भी नहीं है। इस बारे में एयरटेल का कहना है कि फिलहाल उनके प्लान्स की कीमत काफ़ी कम है, लेकिन वे इसे औऱ कम करने नहीं जा रहे हैं।
कम्पनी का मानना है कि जिओ की एंट्री के कारण प्रतिस्पर्धा का एक बड़ा समय टेलीकॉम सेक्टर में आया था लेकिन वो वक्त अब निकल गया है। अब आने वाले समय में मार्केट में जल्द ही सुधार देखने को मिलेगा जिसके बाद मार्केट में ठहराव आएगा और इसके बाद कीमतों में वृद्धि होगी। एयरटेल ही नहीं बल्कि बाक़ी अन्य टेलीकॉम कम्पनियों का भी यही मानना है कि ग्राहकों को अपने और आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा का दौर गुजरने के बाद कीमतें कम करने की गुंजाइश किसी भी टेलीकॉम कम्पनी के पास नहीं है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल तीसरे क्वार्टर में जियो का एवरेज रेवेव्यू प्रति यूजर 130, एयरटेल का 104 और वोडाफोन का 89 था। इन आंकड़ों से साफ़ जाहिर होता है कि आखिर किस तरह से रिलायंस जियो ने दूसरी टेलीकॉम कम्पनियों को भारी नुकसान पहुंचाया था। जियो के साथ टक्कर लेने के लिए टेलीकॉम कम्पनियों को अपने प्लान्स की कीमतों में भारी कमी करनी पड़ी थी जिसके कारण ग्राहकों को तो काफी फायदा मिला लेकिन टेलीकॉम सेक्टर की कम्पनियों को भारी घाटा उठाना पड़ा।
यह सच है कि रिलायंस जियो के मार्केट में आने के बाद बाकी टेलीकॉम कम्पनियों को काफ़ी नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन अब टेलीकॉम मार्केट में स्थिरता का दौर है और लगभग सभी टेलीकॉम कम्पनियों के प्लान्स एक जैसे ही हैं और अब जिस टेलीकॉम कम्पनी की सर्विस बेहतर होगी ग्राहक उसी कम्पनी में अपना नम्बर पोर्ट कराएगा।
अब देखना होगा कि बेहतर सर्विस देने की प्रतिस्पर्धा में कौन सी टेलीकॉम कम्पनी खरी उतर पाती है। यानि कि यदि आप अब मोबाइल फोन में सस्ते प्लान के बारे में सोच रहे हैं तो वो बीते दिनों की बाद है, क्योंकि अब टेलीकॉम कम्पनियां भारी नुकसान उठाने के बाद कीमतें कम करने की स्थिति में नहीं हैं।