फ़िर दिखी मुख्यमंत्री कमलनाथ की ‘संवेदनशीलता’...
Saturday - February 16, 2019 10:12 am ,
Category : WTN HINDI
डीजे के शोर से परेशान मेघनगर के छात्र ने लिखा था सीएम को पत्र
निर्धारित समय के बाद डीजे और लाउड स्पीकर के प्रयोग पर अब होगी ‘सख्त’ कार्रवाई
FEB 16 (WTN) – मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ अपनी संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं।उनके संसदीय क्षेत्र छिन्दवाड़ा से लेकर भोपाल और दिल्ली तक हर कोई उनकी इस बात की हमेशा तारीफ़ करता है कि कमलनाथ आम जनता और उनकी समस्याओं के प्रति सजग और संवेदनशील रहते हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे कमलनाथ आम जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए हमेशा तत्पर दिखते हैं।
मुख्यमंत्री कमलनाथ की ऐसी ही सजगता तब देखने मिली जब उन्होंने मेघनगर के रहने वाले नन्हें छात्र हिमांशु के पत्र का बाकायदा जवाब दिया। दरअसल तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले हिमांशु ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर निवदेन किया था कि डीजे के शोर के कारण उसे पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है क्योंकि प्रतिबंध के बाद भी रात 10 बजे के बाद भी डीजे बजते रहते हैं।
जब समाचार पत्रों के माध्यम से मुख्यमंत्री कमलनाथ को हिमांशु के पत्र के बारे में जानकारी मिली तो मुख्यमंत्री ने इस नन्हें शिकायतकर्ता के पत्र का तुरन्त जवाब दिया, जिसमें उन्होंने लिखा, "ध्वनि प्रदूषण के कारण आपकी पढ़ाई में जो परेशानी हो रही है उसे मैं स्वीकार करता हूं। देर रात तक डीजे और लाउडस्पीकर की आवाज़ से छात्रों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। परीक्षाओं का दौर चल रहा है, ऐसे में विद्यार्थियों की परेशानी मैं समझ सकता हूं।"
नन्हें हिमांशु को भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आगे लिखा, "पूरे प्रदेश में मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत डीजे और लाउड स्पीकर्स को निर्धारित समय और निर्धारित वॉल्यूम में ही बजाने की अनुमति है। शासन अब फ़िर से कलेक्टर और एसपी को निर्देश देने जा रहा है कि निर्धारित समय के बाद डीजे और लाउड स्पीकर बजाने पर सख़्ती से रोक लगाई जाए और जो भी इन नियमों का उल्लंघन करता है उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए।"
नम्हें हिमांशु के पत्र के बाद उम्मीद है कि प्रदेश में डीजे और लाउड स्पीकर के बेवजह शोर से लोगों को निजात मिलेगी। देखा गया है कि निर्धारित समय के बाद भी डीजे और लाउड स्पीकर का उपयोग होता है जिससे विद्यार्थियों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन लगता है कि हिमांशु के लिखे पत्र का असर होगा, क्योंकि संवदेनशील मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस पर तुरन्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
FEB 16 (WTN) – मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ अपनी संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं।उनके संसदीय क्षेत्र छिन्दवाड़ा से लेकर भोपाल और दिल्ली तक हर कोई उनकी इस बात की हमेशा तारीफ़ करता है कि कमलनाथ आम जनता और उनकी समस्याओं के प्रति सजग और संवेदनशील रहते हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे कमलनाथ आम जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए हमेशा तत्पर दिखते हैं।
मुख्यमंत्री कमलनाथ की ऐसी ही सजगता तब देखने मिली जब उन्होंने मेघनगर के रहने वाले नन्हें छात्र हिमांशु के पत्र का बाकायदा जवाब दिया। दरअसल तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले हिमांशु ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर निवदेन किया था कि डीजे के शोर के कारण उसे पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है क्योंकि प्रतिबंध के बाद भी रात 10 बजे के बाद भी डीजे बजते रहते हैं।
जब समाचार पत्रों के माध्यम से मुख्यमंत्री कमलनाथ को हिमांशु के पत्र के बारे में जानकारी मिली तो मुख्यमंत्री ने इस नन्हें शिकायतकर्ता के पत्र का तुरन्त जवाब दिया, जिसमें उन्होंने लिखा, "ध्वनि प्रदूषण के कारण आपकी पढ़ाई में जो परेशानी हो रही है उसे मैं स्वीकार करता हूं। देर रात तक डीजे और लाउडस्पीकर की आवाज़ से छात्रों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। परीक्षाओं का दौर चल रहा है, ऐसे में विद्यार्थियों की परेशानी मैं समझ सकता हूं।"
नन्हें हिमांशु को भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आगे लिखा, "पूरे प्रदेश में मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत डीजे और लाउड स्पीकर्स को निर्धारित समय और निर्धारित वॉल्यूम में ही बजाने की अनुमति है। शासन अब फ़िर से कलेक्टर और एसपी को निर्देश देने जा रहा है कि निर्धारित समय के बाद डीजे और लाउड स्पीकर बजाने पर सख़्ती से रोक लगाई जाए और जो भी इन नियमों का उल्लंघन करता है उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए।"
नम्हें हिमांशु के पत्र के बाद उम्मीद है कि प्रदेश में डीजे और लाउड स्पीकर के बेवजह शोर से लोगों को निजात मिलेगी। देखा गया है कि निर्धारित समय के बाद भी डीजे और लाउड स्पीकर का उपयोग होता है जिससे विद्यार्थियों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन लगता है कि हिमांशु के लिखे पत्र का असर होगा, क्योंकि संवदेनशील मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस पर तुरन्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।