भारत की ‘कूटनीति’ से मंदी में चली पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लगेगा तगड़ा ‘झटका’!
Monday - February 18, 2019 10:43 am ,
Category : WTN HINDI
बुरी तरह से ‘प्रभावित’ होगा पाकिस्तान का निर्यात
आयात शुल्क बढ़ाने से पाकिस्तान को होगा बहुत ‘बड़ा नुकसान’
FEB 18 (WTN) – पुलवामा में सीआरपीएफ़ जवानों पर हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। पूरे देश में गुस्से के माहौल के बाद जैसा कि आप जानते हैं भारत सरकार ने पाकिस्तान से आयात होने वाले सामान पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के जानकारों का कहना है कि ऐसा होने के बाद पाकिस्तान को काफ़ी बड़ा झटका लगेगा और मंदी में चल रही उसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत, पाकिस्तान से 10 प्रमुख उत्पादों का आयात करता है। इसमें कपास, सूती कपड़ा, सीमेन्ट, पेट्रोलियम उत्पाद, चमड़ा, ताजे फल, कांच और कांच का सामान, और चमड़ा प्रमुख है। यह सामान पाकिस्तान से भारत को निर्यात होने वाले सामान का 95 प्रतिशत है। जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान से आयात होने वाले सामान पर भारी आयात शुल्क लगाकर भारत, पाकिस्तान के निर्यात को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच साल 2016-17 में 16 हज़ार करोड़ रुपए का व्यापार हुआ था, जो कि साल 2017-18 में बढ़कर 17 हज़ार करोड़ रुपए हो गया था और यह व्यापार भारत के कुल व्यापार का सिर्फ़ 0.5 प्रतिशत है। इस दौरान भारत ने पाकिस्तान को 1.9 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया जो कि भारत के कुल निर्यात के एक प्रतिशत से भी कम है। वहीं इस दौरान भारत ने पाकिस्तान से 48.8 करोड़ डॉलर का सामान आयात किया जो कि भारत के कुल आयात के 0.2 प्रतिशत से भी कम है।
कहा जा रहा है कि भारत सरकार के इस फ़ैसले से भारतीय अर्थव्यवस्था पर नाममात्र का असर पड़ेगा, लेकिन इससे पाकिस्तान के निर्यात पर काफ़ी प्रतिकूल असर पड़ेगा। पाकिस्तान से सीमेन्ट
और फल दो प्रमुख सामान हैं जिनका भारत आयात करता है। अब इन पर जब 200 प्रतिशत की दर से आयात शुल्क लगेगा तो पाकिस्तान को भारी नुकसान होना तय है। तो कहा जा सकता है कि मोदी सरकार की इस कूटनीति से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को काफ़ी तगड़ा झटका लगने वाला है।
FEB 18 (WTN) – पुलवामा में सीआरपीएफ़ जवानों पर हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। पूरे देश में गुस्से के माहौल के बाद जैसा कि आप जानते हैं भारत सरकार ने पाकिस्तान से आयात होने वाले सामान पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के जानकारों का कहना है कि ऐसा होने के बाद पाकिस्तान को काफ़ी बड़ा झटका लगेगा और मंदी में चल रही उसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत, पाकिस्तान से 10 प्रमुख उत्पादों का आयात करता है। इसमें कपास, सूती कपड़ा, सीमेन्ट, पेट्रोलियम उत्पाद, चमड़ा, ताजे फल, कांच और कांच का सामान, और चमड़ा प्रमुख है। यह सामान पाकिस्तान से भारत को निर्यात होने वाले सामान का 95 प्रतिशत है। जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान से आयात होने वाले सामान पर भारी आयात शुल्क लगाकर भारत, पाकिस्तान के निर्यात को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच साल 2016-17 में 16 हज़ार करोड़ रुपए का व्यापार हुआ था, जो कि साल 2017-18 में बढ़कर 17 हज़ार करोड़ रुपए हो गया था और यह व्यापार भारत के कुल व्यापार का सिर्फ़ 0.5 प्रतिशत है। इस दौरान भारत ने पाकिस्तान को 1.9 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया जो कि भारत के कुल निर्यात के एक प्रतिशत से भी कम है। वहीं इस दौरान भारत ने पाकिस्तान से 48.8 करोड़ डॉलर का सामान आयात किया जो कि भारत के कुल आयात के 0.2 प्रतिशत से भी कम है।
कहा जा रहा है कि भारत सरकार के इस फ़ैसले से भारतीय अर्थव्यवस्था पर नाममात्र का असर पड़ेगा, लेकिन इससे पाकिस्तान के निर्यात पर काफ़ी प्रतिकूल असर पड़ेगा। पाकिस्तान से सीमेन्ट
और फल दो प्रमुख सामान हैं जिनका भारत आयात करता है। अब इन पर जब 200 प्रतिशत की दर से आयात शुल्क लगेगा तो पाकिस्तान को भारी नुकसान होना तय है। तो कहा जा सकता है कि मोदी सरकार की इस कूटनीति से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को काफ़ी तगड़ा झटका लगने वाला है।