कश्मीर के आतंकियों को सेना की ‘फायनल’ वार्निंग!
Tuesday - February 19, 2019 12:29 pm ,
Category : WTN HINDI
भारतीय सेना ने दी कश्मीरी युवाओं को ‘आखिरी’ चेतावनी
क्या कश्मीर से आतंक के खात्मे का काउंट डाउन शुरू हो गया है?
FEB 19 (WTN) – पुलवामा आतंकी हमले और पुलवामा मुठभेड़ के बाद भारतीय सेना ने अब साफ़ कर दिया है कि यदि कश्मीर में युवाओं ने बंदूक उठाई तो उन्हें मार दिया जाएगा यदि वे आत्मसमपर्ण नहीं करते हैं। पुलवामा मुठभेड़ के बाद श्रीनगर में सीआरपीएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की साझा प्रेस कॉन्फेंस के दौरान भारतीय सेना के कोर कमांडर (चिनार कॉर्प्स) कंवल जीत सिंह ढिल्लन ने साफ़ साफ़ शब्दों में आतंकियों को आगह कर दिया है कि जिसने भी बंदूक उठाई, उसे मार दिया जाएगा या समाप्त कर दिया जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद पुलवामा मुठभेड़ में भारतीय सेना ने 100 घंटे के अंदर जैश-ए-मोहम्मद के 3 आतंकियों को मार गिराया है। सेना के अनुसार कश्मीर में जैश के सभी टॉप कमांडर ढेर हो गए हैं। ढिल्लन ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान और ISI का हाथ है और जैश को आईएसआई हैंडल करता है। जैश पाकिस्तानी सेना का बच्चा है। वहीं सेना का कहना है कि लोगों को आतंकियों के ख़िलाफ़ ऑपरेशन के दौरान और बाद में मुठभेड़ स्थल से दूर रहना चाहिए।
सेना के जवानों के शहीद होने पर ढिल्लन ने साफ कहा कि नागरिक सुरक्षा के कारण जवान शहीद हो रहे हैं। इधर भारतीय सेना ने कश्मीरी मांओं से कहा कि वे अपने बच्चों से कहें कि वो सरेंडर करें क्योंकि सेना नहीं चाहती कि बेगुनाह लोग मारे जाए। सेना ने कश्मीर की मांओं से कहा कि वे अपने बेटों से आत्मसमर्पण करने का अनुरोध करें जो आतंकवाद में शामिल हो गए हैं।
वहीं आतंकियों को चेतावनी देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा , “गाजी जैसे कई आतंकवादी आए और गए, उन सभी को हम खत्म कर देंगे। कश्मीर में घुसने वाले हर आतंकवादी को हम मार गिराएंगे।” सेना की भाषा और लहजे से साफ़ है कि सेना अब किसी भी सूरत में आतंकियों पर रहम करने के मूड में नहीं है। जिस तरह से आतंकियों के खात्मे के लिए मोदी सरकार ने सेना को खुली छूट दे दी है उससे साफ़ है कि अब सेना के हौसले बुलंद हो गये हैं और अब कश्मीर में जिसने भी बंदूक उठाई, उसे या तो आत्मसमर्पण करना होगा या फ़िर उसको मार गिराया जाएगा।
सालों से भारतीय सेना को आतंकियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन पुलवामा हमले के बाद सेना ने आतंकियों को चेतावनी जारी कर कह दिया है कि वे हथियार छोड़ दें नहीं तो उन्हें मार दिया जाएगा। लगता है कि कश्मीर में आतंक के खात्मे के लिए सेना का काउंट डाउन शुरू हो गया है। जिस तरह से गाजी को भारतीय सेना ढेर किया है उससे लगता है कि अब कश्मीर में आतंकियों के ख़िलाफ़ सेना अपना अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाने जा सकती है।
FEB 19 (WTN) – पुलवामा आतंकी हमले और पुलवामा मुठभेड़ के बाद भारतीय सेना ने अब साफ़ कर दिया है कि यदि कश्मीर में युवाओं ने बंदूक उठाई तो उन्हें मार दिया जाएगा यदि वे आत्मसमपर्ण नहीं करते हैं। पुलवामा मुठभेड़ के बाद श्रीनगर में सीआरपीएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की साझा प्रेस कॉन्फेंस के दौरान भारतीय सेना के कोर कमांडर (चिनार कॉर्प्स) कंवल जीत सिंह ढिल्लन ने साफ़ साफ़ शब्दों में आतंकियों को आगह कर दिया है कि जिसने भी बंदूक उठाई, उसे मार दिया जाएगा या समाप्त कर दिया जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद पुलवामा मुठभेड़ में भारतीय सेना ने 100 घंटे के अंदर जैश-ए-मोहम्मद के 3 आतंकियों को मार गिराया है। सेना के अनुसार कश्मीर में जैश के सभी टॉप कमांडर ढेर हो गए हैं। ढिल्लन ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान और ISI का हाथ है और जैश को आईएसआई हैंडल करता है। जैश पाकिस्तानी सेना का बच्चा है। वहीं सेना का कहना है कि लोगों को आतंकियों के ख़िलाफ़ ऑपरेशन के दौरान और बाद में मुठभेड़ स्थल से दूर रहना चाहिए।
सेना के जवानों के शहीद होने पर ढिल्लन ने साफ कहा कि नागरिक सुरक्षा के कारण जवान शहीद हो रहे हैं। इधर भारतीय सेना ने कश्मीरी मांओं से कहा कि वे अपने बच्चों से कहें कि वो सरेंडर करें क्योंकि सेना नहीं चाहती कि बेगुनाह लोग मारे जाए। सेना ने कश्मीर की मांओं से कहा कि वे अपने बेटों से आत्मसमर्पण करने का अनुरोध करें जो आतंकवाद में शामिल हो गए हैं।
वहीं आतंकियों को चेतावनी देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा , “गाजी जैसे कई आतंकवादी आए और गए, उन सभी को हम खत्म कर देंगे। कश्मीर में घुसने वाले हर आतंकवादी को हम मार गिराएंगे।” सेना की भाषा और लहजे से साफ़ है कि सेना अब किसी भी सूरत में आतंकियों पर रहम करने के मूड में नहीं है। जिस तरह से आतंकियों के खात्मे के लिए मोदी सरकार ने सेना को खुली छूट दे दी है उससे साफ़ है कि अब सेना के हौसले बुलंद हो गये हैं और अब कश्मीर में जिसने भी बंदूक उठाई, उसे या तो आत्मसमर्पण करना होगा या फ़िर उसको मार गिराया जाएगा।
सालों से भारतीय सेना को आतंकियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन पुलवामा हमले के बाद सेना ने आतंकियों को चेतावनी जारी कर कह दिया है कि वे हथियार छोड़ दें नहीं तो उन्हें मार दिया जाएगा। लगता है कि कश्मीर में आतंक के खात्मे के लिए सेना का काउंट डाउन शुरू हो गया है। जिस तरह से गाजी को भारतीय सेना ढेर किया है उससे लगता है कि अब कश्मीर में आतंकियों के ख़िलाफ़ सेना अपना अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाने जा सकती है।