सावधान! सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भूलकर भी ना करें अपनी स्वास्थ्य सम्बन्धित जानकारियां को ‘शेयर’
Wednesday - February 20, 2019 2:43 pm ,
Category : WTN HINDI
फ़ेसबुक की ग़लती से इलाज की जानकारी समेत मेडिकल रिपोर्ट्स हुईं ‘सार्वजनिक’
एक बार फ़िर से फ़ेसबुक की ‘विश्वसनीयता’ पर उठे सवाल!
FEB 20 (WTN) – यदि आप फ़ेसबुक यूज करते हैं तो उसमें आपकी स्वास्थ्य सम्बन्धित संवेदनशील जानकारियां लीक हो सकती हैं। जीहां दुनियाभर में प्रचलित सोशल नेटवर्किंग साइट फ़ेसबुक की विश्वसनीयता एक फ़िर से संदेह के घेरे में है क्योंकि फ़ेसबुक पर अपने समूहों में यूजर्स के संवेदनशील हेल्थ डेटा की सुरक्षा में असफल रहने का आरोप लगा है।
अमेरिका में फेडरल ट्रेड कमीशन में दायर एक शिकायत में कहा गया है कि फ़ेसबुक ने इन उत्पादों का विपणन पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड बोलकर किया था और जिन मरीजों ने इसमें अपने डेटा रखे, उन्हें सार्वजनिक कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक़, डेटा लीक होने का यह संवेदनशील मामला सबसे पहले पिछले साल जुलाई में रोशनी में आया था, जब महिलाओं के समूह की एक सदस्य जो जीन म्यूटेशन से पीड़ित थी, उन्होंने देखा कि बड़ी सरलता से यूजर्स के नाम और ईमेल पते डाउनलोड हो गए। कहा जा रहा है कि इन्हें मैनुअली और क्रोम एक्सटेंशन के जरिये डाउनलोड किया गया।
हालांकि इस सबके बाद सोशल नेटवर्किंग से जुड़े एक जानकार ने दावा किया था कि उसने उस ग्रुप में बदलाव किया है और उसे सिक्रेट ग्रुप्स में बदल दिया और अब इसे ज्वाइन करना कठिन हो गया है, ऐसा इसलिए क्योंकि इसे खोजना भी मुश्किल हो गया है। इस पूरे मामले की शिकायत में कहा गया कि निजी रूप से पोस्ट की गईं निजी स्वास्थ्य जानकारियों को सार्वजनिक रूप से शेयर करना सरासर कानून का उल्लंघन है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब फेसबुक पर निजी जानकारियों को सार्वनजिक करने के आरोप लगे हों। इससे पहले फ़ेसबुक की एफ़टीसी के साथ अरबों डॉलर के जुर्मानों को लेकर बातचीत चल रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ़ेसबुक विशेष तरह के मेडिकल केयर ग्रुप्स बनाता है। कहा जाता है कि इसमें मरीजों और अन्य लोगों को जोड़ने के लिए तरह-तरह की जानकारियां दी जाती हैं और साथ ही इसमें दावा किया जाता है कि उनकी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। फ़ेसबुक की प्राइवेसी पर विश्वास करके कई यूजर्स ने अपनी समस्याओं को लेकर कई तरह के व्यक्तिगत सवाल किये। इतना ही नहीं यूजर्स ने इसमें अपनी इलाज की जानकारियों के साथ-साथ अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स तक ग्रुप्स पर शेयर कर डाली।
वैसे हमारी आपको सलाह है कि यदि आप अपनी हेल्थ सम्बन्धित जानकारियां फ़ेसबुक समेत किसी भी सोशल नेटवर्किंग साइट पर साझा करते हैं तो जरा सावधान रहें, क्योंकि आपकी निजी जानकारियां सार्वजनिक हो सकती हैं। सावधान रहें क्योंकि या तो आपकी जानकारी साइट द्वारा ही ग़लती से या फ़िर प्लानिंग के तहत सार्वजनिक हो सकती हैं या फ़िर हैकर्स आपकी निजी जानकारी हैक करने के बाद आपको सामाजिक, मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति पहुंचा सकते हैं।
FEB 20 (WTN) – यदि आप फ़ेसबुक यूज करते हैं तो उसमें आपकी स्वास्थ्य सम्बन्धित संवेदनशील जानकारियां लीक हो सकती हैं। जीहां दुनियाभर में प्रचलित सोशल नेटवर्किंग साइट फ़ेसबुक की विश्वसनीयता एक फ़िर से संदेह के घेरे में है क्योंकि फ़ेसबुक पर अपने समूहों में यूजर्स के संवेदनशील हेल्थ डेटा की सुरक्षा में असफल रहने का आरोप लगा है।
अमेरिका में फेडरल ट्रेड कमीशन में दायर एक शिकायत में कहा गया है कि फ़ेसबुक ने इन उत्पादों का विपणन पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड बोलकर किया था और जिन मरीजों ने इसमें अपने डेटा रखे, उन्हें सार्वजनिक कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक़, डेटा लीक होने का यह संवेदनशील मामला सबसे पहले पिछले साल जुलाई में रोशनी में आया था, जब महिलाओं के समूह की एक सदस्य जो जीन म्यूटेशन से पीड़ित थी, उन्होंने देखा कि बड़ी सरलता से यूजर्स के नाम और ईमेल पते डाउनलोड हो गए। कहा जा रहा है कि इन्हें मैनुअली और क्रोम एक्सटेंशन के जरिये डाउनलोड किया गया।
हालांकि इस सबके बाद सोशल नेटवर्किंग से जुड़े एक जानकार ने दावा किया था कि उसने उस ग्रुप में बदलाव किया है और उसे सिक्रेट ग्रुप्स में बदल दिया और अब इसे ज्वाइन करना कठिन हो गया है, ऐसा इसलिए क्योंकि इसे खोजना भी मुश्किल हो गया है। इस पूरे मामले की शिकायत में कहा गया कि निजी रूप से पोस्ट की गईं निजी स्वास्थ्य जानकारियों को सार्वजनिक रूप से शेयर करना सरासर कानून का उल्लंघन है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब फेसबुक पर निजी जानकारियों को सार्वनजिक करने के आरोप लगे हों। इससे पहले फ़ेसबुक की एफ़टीसी के साथ अरबों डॉलर के जुर्मानों को लेकर बातचीत चल रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ़ेसबुक विशेष तरह के मेडिकल केयर ग्रुप्स बनाता है। कहा जाता है कि इसमें मरीजों और अन्य लोगों को जोड़ने के लिए तरह-तरह की जानकारियां दी जाती हैं और साथ ही इसमें दावा किया जाता है कि उनकी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। फ़ेसबुक की प्राइवेसी पर विश्वास करके कई यूजर्स ने अपनी समस्याओं को लेकर कई तरह के व्यक्तिगत सवाल किये। इतना ही नहीं यूजर्स ने इसमें अपनी इलाज की जानकारियों के साथ-साथ अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स तक ग्रुप्स पर शेयर कर डाली।
वैसे हमारी आपको सलाह है कि यदि आप अपनी हेल्थ सम्बन्धित जानकारियां फ़ेसबुक समेत किसी भी सोशल नेटवर्किंग साइट पर साझा करते हैं तो जरा सावधान रहें, क्योंकि आपकी निजी जानकारियां सार्वजनिक हो सकती हैं। सावधान रहें क्योंकि या तो आपकी जानकारी साइट द्वारा ही ग़लती से या फ़िर प्लानिंग के तहत सार्वजनिक हो सकती हैं या फ़िर हैकर्स आपकी निजी जानकारी हैक करने के बाद आपको सामाजिक, मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति पहुंचा सकते हैं।