गधों के ‘सहारे’ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था!
Thursday - February 21, 2019 12:33 pm ,
Category : WTN HINDI
गधों की आबादी के मामले में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा देश है पाकिस्तान
चीन को गधों का निर्यात कर पाकिस्तान कर रहा ‘कमाई’
FEB 21 (WTN) – पाकिस्तान के खराब आर्थिक हालत पूरी दुनिया जानती है, लेकिन फ़िर भी पाकिस्तान, भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देता रहता है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था कई बार कंगाली की कगार पर पहुंच चुकी है और दुनिया भर के देशों से वो आर्थिक मदद की गुहार लगाता रहता है। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार ने जिस तरह से पाकिस्तान की आर्थिक घेराबंदी की है, उससे पाकिस्तान को गहरा झटका लगा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान की अर्थव्यस्था इतनी बदहाल हो चुकी है कि वो अब मुर्गों के पंजे और गधों का निर्यात करके कमाई कर रहा है।
पाकिस्तान इन दिनों चीन को मुर्गे के पंजे और गधों का निर्यात करते अपनी अर्थव्यवस्था को सहारा देने में लगा है। सबसे पहले बात करते हैं मुर्गे की पंजे की, तो आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पाकिस्तान से हर रोज़ भारी मात्रा में मुर्गे के पंजे चीन को निर्यात किये जाते हैं। ग़रीबी के हालत में जीवन बसर कर रहे पाकिस्तान के लोग हर रोज़ मुर्गे के पंजों को एकत्रित कर अपनी जीविका चला रहे हैं।
पाकिस्तान की मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान में हर रोज़ करीब 13,000 किलोग्राम मुर्गे के पंजे जमा किए जाते है। जमा किये इन पंजों को इस्लामाबाद की एक फैक्ट्री में प्रोसेस किया जाता है और इसके बाद इसे चीन भेज दिया जाता है। कुछ भी खाने के लिए मशहूर चीनी लोगों में मुर्गे के पंजों की काफ़ी डिमांड है क्योंकि चीन में मुर्गे के पंजों से कई तरह की डिश और दवाइयां बनाई जाती हैं।
मुर्गे के पंजों के अलावा पाकिस्तान, चीन को भारी तादात में गधों का निर्यात भी करता है और इससे पाकिस्तान को अच्छी इनकम भी होती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान गधों की आबादी के मामले में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। पाकिस्तान की खराब आर्थिक हालत में गधे अब पाकिस्तान के लिए कमाई का एक जरिया बन गये हैँ।
जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान में गधों की आबादी को कम करने के लिए वहां के सरकार चीन को गधे बेच रही है। हाल ही में चीन ने पाकिस्तान से पांच हज़ार गधे खरीदने की डील की है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन में गधों की खाल और उनके मांस की काफ़ी डिमाण्ड है। वहां पर पारम्परिक दवाइयां बनाने में गधों का उपयोग किया जाता है।
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि गधों की संख्या बढ़ाने के लिए पाकिस्तान सरकार बकायदा गधा विकास कार्यक्रम भी चलाती है। साल 2017 में इस कार्यक्रम में पाकिस्तान सरकार ने अरबों रुपये का निवेश किया है। हर साल पाकिस्तान में एक लाख गधों की बढ़ोतरी होती है और इसी कारण इस समय पाकिस्तान में क़रीब 53 लाख गधे हैं। गधों की आबादी बढ़ाने के पीछे पाकिस्तान का मकसद है कि वो चीनी निवेशकों को खैबर-पख्तूनख्वाह की ओर आकर्षित कर सके।
FEB 21 (WTN) – पाकिस्तान के खराब आर्थिक हालत पूरी दुनिया जानती है, लेकिन फ़िर भी पाकिस्तान, भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देता रहता है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था कई बार कंगाली की कगार पर पहुंच चुकी है और दुनिया भर के देशों से वो आर्थिक मदद की गुहार लगाता रहता है। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार ने जिस तरह से पाकिस्तान की आर्थिक घेराबंदी की है, उससे पाकिस्तान को गहरा झटका लगा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान की अर्थव्यस्था इतनी बदहाल हो चुकी है कि वो अब मुर्गों के पंजे और गधों का निर्यात करके कमाई कर रहा है।
पाकिस्तान इन दिनों चीन को मुर्गे के पंजे और गधों का निर्यात करते अपनी अर्थव्यवस्था को सहारा देने में लगा है। सबसे पहले बात करते हैं मुर्गे की पंजे की, तो आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पाकिस्तान से हर रोज़ भारी मात्रा में मुर्गे के पंजे चीन को निर्यात किये जाते हैं। ग़रीबी के हालत में जीवन बसर कर रहे पाकिस्तान के लोग हर रोज़ मुर्गे के पंजों को एकत्रित कर अपनी जीविका चला रहे हैं।
पाकिस्तान की मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान में हर रोज़ करीब 13,000 किलोग्राम मुर्गे के पंजे जमा किए जाते है। जमा किये इन पंजों को इस्लामाबाद की एक फैक्ट्री में प्रोसेस किया जाता है और इसके बाद इसे चीन भेज दिया जाता है। कुछ भी खाने के लिए मशहूर चीनी लोगों में मुर्गे के पंजों की काफ़ी डिमांड है क्योंकि चीन में मुर्गे के पंजों से कई तरह की डिश और दवाइयां बनाई जाती हैं।
मुर्गे के पंजों के अलावा पाकिस्तान, चीन को भारी तादात में गधों का निर्यात भी करता है और इससे पाकिस्तान को अच्छी इनकम भी होती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान गधों की आबादी के मामले में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। पाकिस्तान की खराब आर्थिक हालत में गधे अब पाकिस्तान के लिए कमाई का एक जरिया बन गये हैँ।
जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान में गधों की आबादी को कम करने के लिए वहां के सरकार चीन को गधे बेच रही है। हाल ही में चीन ने पाकिस्तान से पांच हज़ार गधे खरीदने की डील की है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन में गधों की खाल और उनके मांस की काफ़ी डिमाण्ड है। वहां पर पारम्परिक दवाइयां बनाने में गधों का उपयोग किया जाता है।
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि गधों की संख्या बढ़ाने के लिए पाकिस्तान सरकार बकायदा गधा विकास कार्यक्रम भी चलाती है। साल 2017 में इस कार्यक्रम में पाकिस्तान सरकार ने अरबों रुपये का निवेश किया है। हर साल पाकिस्तान में एक लाख गधों की बढ़ोतरी होती है और इसी कारण इस समय पाकिस्तान में क़रीब 53 लाख गधे हैं। गधों की आबादी बढ़ाने के पीछे पाकिस्तान का मकसद है कि वो चीनी निवेशकों को खैबर-पख्तूनख्वाह की ओर आकर्षित कर सके।