अच्छा कदम: रेलवे में अब पके हुए खाने के पैकेट पर लगेगा बार कोड
Wednesday - February 27, 2019 3:54 pm ,
Category : WTN HINDI
यात्रियों की लगातार शिकायतों के बाद आईआरसीटीसी ने उठाया बड़ा कदम
रेलवे के नये कदम से पता चल सकेगी आईआरसीटीसी के पैक्ड भोजन के किचन और पैकिंग का समय
FEB 27 (WTN) – भारतीय ट्रेनों में मिलने वाले खाने की शिकायतें आए दिन मिलती रहती हैं। ट्रेनों में मिलने वाले खाने की खराब क्वालिटी की शिकायतें यात्री समय-समय पर रेलवे अधिकारियों से लेकर रेल मंत्री तक कर चुके हैं। ऐसे में अब ट्रेनों में मिलने वाले भोजन की क्वालिटी सुधारने की कवायद में खाने के पैकेटों पर बाकायदा बार कोड दर्ज होगा, जिसकी सहायता से यह पता लगाया जा सकेगा कि भोजन किस किचन में तैयार किया गया है।
रेलवे का दावा है कि भोजन के पैकेट पर बार कोड दर्ज होने से भोजन की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे रेलयात्रियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों में कमी आएगी। रेलमंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक़, ट्रेनों में आईआरसीटीसी द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले पके हुए सभी प्रकार के खाद्य पदार्थो के पैकेट पर बार कोड दर्ज होगा जिसमें यह जानकारी होगी कि खाना किस किचन में बना है और उसकी पैकिंग का समय क्या है।
वहीं अब Centre for Railway Information Systems यानि कि रेलवे सूचना प्रणाली केन्द्र द्वारा बनाए गए नए डैशबोर्ड https://raildrishti.cris.org.in पर पूरे देश के आईआरसीटीसी के मुख्य किचन की तस्वीरें भी लाइव दिखेंगी जिससे देखा जा सकेगा कि आखिर यहां पर किस तरह से खाना पकाया जा रहा है। कहा जा रहा है रेलमंत्री के सुझाव के बाद आईआरसीटीसी बार कोड के विकल्प पर काम कर रही है और इसके उपयोग और कीमत की समीक्षा की जा रही है। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो बार कोड के साथ भोजन के पैकेट इसी साल अप्रैल के अंत या मई तक मिलने लगेंगे।
रेलवे के इस कदम का लोगों ने स्वागत किया है, इस बारे में लोगों का कहना है कि रेलवे यदि भोजन के पैकेट पर बारकोड के साथ-साथ होलोग्राम लगाने के सिस्टम को भी लगाए तो इससे भोजन की पैकेजिंग के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी और यात्रियों को शुद्ध और सही कीमत पर खाना मिलेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईआरसीटीसी के 32 आधारभूत किचन हैं, जहां तैयार भोजन को ट्रेनों में यात्रियों को उपलबध कराया जाता है।
समय-समय पर भोजन की गुणवत्ता और वेंडर्स द्वारा भोजन के ज्यादा पैसे लिये जाने की शिकायतों को लेकर अक्सर रेलवे की आलोचना होती रही है। अब कहा जा सकता है कि भोजन के खाने के पैकेट पर बार कोड लगने से भोजन की क्वालिटी में तो सुधार होगा ही साथ ही इससे यात्रियों को भोजन के ज्यादा पैसे भी नहीं देने होंगे।
FEB 27 (WTN) – भारतीय ट्रेनों में मिलने वाले खाने की शिकायतें आए दिन मिलती रहती हैं। ट्रेनों में मिलने वाले खाने की खराब क्वालिटी की शिकायतें यात्री समय-समय पर रेलवे अधिकारियों से लेकर रेल मंत्री तक कर चुके हैं। ऐसे में अब ट्रेनों में मिलने वाले भोजन की क्वालिटी सुधारने की कवायद में खाने के पैकेटों पर बाकायदा बार कोड दर्ज होगा, जिसकी सहायता से यह पता लगाया जा सकेगा कि भोजन किस किचन में तैयार किया गया है।
रेलवे का दावा है कि भोजन के पैकेट पर बार कोड दर्ज होने से भोजन की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे रेलयात्रियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों में कमी आएगी। रेलमंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक़, ट्रेनों में आईआरसीटीसी द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले पके हुए सभी प्रकार के खाद्य पदार्थो के पैकेट पर बार कोड दर्ज होगा जिसमें यह जानकारी होगी कि खाना किस किचन में बना है और उसकी पैकिंग का समय क्या है।
वहीं अब Centre for Railway Information Systems यानि कि रेलवे सूचना प्रणाली केन्द्र द्वारा बनाए गए नए डैशबोर्ड https://raildrishti.cris.org.in पर पूरे देश के आईआरसीटीसी के मुख्य किचन की तस्वीरें भी लाइव दिखेंगी जिससे देखा जा सकेगा कि आखिर यहां पर किस तरह से खाना पकाया जा रहा है। कहा जा रहा है रेलमंत्री के सुझाव के बाद आईआरसीटीसी बार कोड के विकल्प पर काम कर रही है और इसके उपयोग और कीमत की समीक्षा की जा रही है। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो बार कोड के साथ भोजन के पैकेट इसी साल अप्रैल के अंत या मई तक मिलने लगेंगे।
रेलवे के इस कदम का लोगों ने स्वागत किया है, इस बारे में लोगों का कहना है कि रेलवे यदि भोजन के पैकेट पर बारकोड के साथ-साथ होलोग्राम लगाने के सिस्टम को भी लगाए तो इससे भोजन की पैकेजिंग के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी और यात्रियों को शुद्ध और सही कीमत पर खाना मिलेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईआरसीटीसी के 32 आधारभूत किचन हैं, जहां तैयार भोजन को ट्रेनों में यात्रियों को उपलबध कराया जाता है।
समय-समय पर भोजन की गुणवत्ता और वेंडर्स द्वारा भोजन के ज्यादा पैसे लिये जाने की शिकायतों को लेकर अक्सर रेलवे की आलोचना होती रही है। अब कहा जा सकता है कि भोजन के खाने के पैकेट पर बार कोड लगने से भोजन की क्वालिटी में तो सुधार होगा ही साथ ही इससे यात्रियों को भोजन के ज्यादा पैसे भी नहीं देने होंगे।