जानिए क्यों मुकर रहा है पाकिस्तान भारत के ख़िलाफ़ एफ़-16 लड़ाकु विमान के इस्तेमाल की बात कबूलने से?
Friday - March 1, 2019 11:40 am ,
Category : WTN HINDI
मोदी सरकार की ‘रणनीति’ से चारों तरफ़ से ‘घिरा’ पाकिस्तान
भारत के ख़िलाफ़ एफ़-16 लड़ाकु विमान के इस्तेमाल के बाद अमेरिका उठा सकता है पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ‘सख्त कदम’!
MAR 01 (WTN) – आतंक को बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान अब धीरे-धीरे पूरी दुनिया के सामने मोदी सरकार की कूटनीति के कारण बेनकाब होता जा रहा है। पुलावामा आतंकी हमले के बाद जिस तरह से भारत ने पीओके में स्थित बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर 300 से ज्यादा जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को मार गिराया, उससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साहस की हर तरफ़ प्रशंसा हो रही है। भारत द्वारा आतंकियों पर की गई कार्रवाई के बाद बैखलाए पाकिस्तान ने एफ़-16 लड़ाकु विमान के जरिये भारतीय वायुसीमा में घुसकर भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के इस प्रयास को असफल कर दिया।
पाकिस्तान ने जैसे ही भारतीय वायु सीमा में प्रवेश की कोशिश की, भारतीय वायुसेना के विंग कमाण्डर अभिनन्दन ने मिग लड़ाकु विमान से पाकिस्तान के एफ़-16 लड़ाकु विमान को खदेड़ दिया। वैसे पाकिस्तान पूरी दुनिया को बता रहा है कि उसने भारतीय वायु सीमा को पार किया, लेकिन पाकिस्तान यह बात मानने के लिए तैयार नहीं है कि उसने इसके लिए एफ़-16 विमान का प्रयोग किया।
हालांकि पाकिस्तान का यह झूठ सबके सामने बेनकाब हो गया जब भारतीय वायुसेना ने बाकायदा सबूत देकर यह साबित कर दिया कि भारत की सीमा में पाकिस्तान ने जो विमान भेजे थे, उनमें एफ़-16 शामिल था। दरअसल पाकिस्तान यह कबूल कर ही नहीं सकता है कि उसने भारतीय सीमा में प्रवेश के लिए एफ़-16 लड़ाकु विमान का प्रयोग किया था, ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान की इसके पीछे बहुत बड़ी मजबूरी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय वायुसेना ने बाकायदा सबूतों के साथ बताया है कि पाकिस्तान ने एफ़-16 विमान के साथ भारतीय वायु सीमा में प्रवेश किया था और भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन पाकिस्तान एफ़-16 की बात इसलिए कबूल नहीं कर रहा है क्योंकि इसके पीछे अमेरिका की एक बहुत बड़ी शर्त है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एफ़-16 लड़ाकु विमान अमेरिका ने पाकिस्तान को सिर्फ़ इसी शर्त पर दिये थे कि पाकिस्तान इसका इस्तेमाल आतंक के ख़िलाफ़ लड़ाई में करेगा। लेकिन पूरी दुनिया के सामने यह साफ़ हो गया है कि पाकिस्तान एफ़-16 लड़ाकु विमानों का प्रयोग आतंकियों को ही बचाने में कर रहा है। पाकिस्तान के पास स्थित एफ़-16 लड़ाकु विमान अमेरिका में बना लड़ाकू विमान है, और इसमें लगने वाली एमरॉम मिसाइल भी अमेरिका में ही बनती है।
हमेशा अपने हित को सर्वोपरि रखने वाला अमेरिका इस लड़ाकु विमान को किसी भी देश को देने और उसके इस्तेमाल के पीछे शर्त रखता है। अमेरिका की शर्त रहती है कि सबसे पहले तो इस लड़ाकु विमान का इस्तेमाल आतंकियों के ख़िलाफ़ किया जाएगा, और दूसरा बिना अमेरिकी की इजाजत के किसी भी टकराव में इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। यानि कि अमेरिका की शर्तों से साफ़ है कि पाकिस्तान एफ़-16 विमानों का इस्तेमाल किसी भी देश के ख़िलाफ़ आक्रमण के लिए नहीं कर सकता है।
आतंक को बढ़ावा देने में माहिर पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने 27 फरवरी को अपने आधिकारिक बयान में पूरी दुनिया के सामने झूठ बोला था और कहा था कि जिस फाइटर एफ़-16 को गिराने का दावा भारत कर रहा है, वह पाकिस्तान के मिशन का हिस्सा ही नहीं था। लेकिन भारतीय वायु सेना के एयर वाइस मार्शल आरजीके कपूर ने पाकिस्तान के झूठ को सबके सामने बेनकाब कर दिया और एफ़-16 में लगने वाली एमरॉम मिसाइल के टुकड़े को दिखाकर यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तान ने आतंक के खिलाफ भारत की लड़ाई का जवाब देने के लिए उस विमान का इस्तेमाल किया है, जो अमेरिका ने उसे आतंकवाद से लड़ने के लिए दिया था।
वैसे तो अमेरिका खुद आतंकी हमलों को झेल चुका है इसलिए उसकी आतंक और आतंकियों के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी है, लेकिन भारत द्वारा कई बार सबूत दिये जाने के बाद कि पाकिस्तान आतंक को बढ़ावा देता है, अमेरिका पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई करने के बजाय कई बार उसकी गलतियों को नजर अंदाज करता रहा है। लेकिन अब देखना होगा कि अमेरिका की बिना इजाजत के एफ़-16 लड़ाकु विमानों को इस्तेमाल करने के बाद, अमेरिका क्या कुछ कार्रवाई पाकिस्तान के ख़िलाफ़ करता है। क्योंकि एफ़-16 विमानों का भारत के ख़िलाफ़ प्रयोग करके पाकिस्तान ने एक तरह से अमेरिका को नाराज कर लिया है।
MAR 01 (WTN) – आतंक को बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान अब धीरे-धीरे पूरी दुनिया के सामने मोदी सरकार की कूटनीति के कारण बेनकाब होता जा रहा है। पुलावामा आतंकी हमले के बाद जिस तरह से भारत ने पीओके में स्थित बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर 300 से ज्यादा जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को मार गिराया, उससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साहस की हर तरफ़ प्रशंसा हो रही है। भारत द्वारा आतंकियों पर की गई कार्रवाई के बाद बैखलाए पाकिस्तान ने एफ़-16 लड़ाकु विमान के जरिये भारतीय वायुसीमा में घुसकर भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के इस प्रयास को असफल कर दिया।
पाकिस्तान ने जैसे ही भारतीय वायु सीमा में प्रवेश की कोशिश की, भारतीय वायुसेना के विंग कमाण्डर अभिनन्दन ने मिग लड़ाकु विमान से पाकिस्तान के एफ़-16 लड़ाकु विमान को खदेड़ दिया। वैसे पाकिस्तान पूरी दुनिया को बता रहा है कि उसने भारतीय वायु सीमा को पार किया, लेकिन पाकिस्तान यह बात मानने के लिए तैयार नहीं है कि उसने इसके लिए एफ़-16 विमान का प्रयोग किया।
हालांकि पाकिस्तान का यह झूठ सबके सामने बेनकाब हो गया जब भारतीय वायुसेना ने बाकायदा सबूत देकर यह साबित कर दिया कि भारत की सीमा में पाकिस्तान ने जो विमान भेजे थे, उनमें एफ़-16 शामिल था। दरअसल पाकिस्तान यह कबूल कर ही नहीं सकता है कि उसने भारतीय सीमा में प्रवेश के लिए एफ़-16 लड़ाकु विमान का प्रयोग किया था, ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान की इसके पीछे बहुत बड़ी मजबूरी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय वायुसेना ने बाकायदा सबूतों के साथ बताया है कि पाकिस्तान ने एफ़-16 विमान के साथ भारतीय वायु सीमा में प्रवेश किया था और भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन पाकिस्तान एफ़-16 की बात इसलिए कबूल नहीं कर रहा है क्योंकि इसके पीछे अमेरिका की एक बहुत बड़ी शर्त है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एफ़-16 लड़ाकु विमान अमेरिका ने पाकिस्तान को सिर्फ़ इसी शर्त पर दिये थे कि पाकिस्तान इसका इस्तेमाल आतंक के ख़िलाफ़ लड़ाई में करेगा। लेकिन पूरी दुनिया के सामने यह साफ़ हो गया है कि पाकिस्तान एफ़-16 लड़ाकु विमानों का प्रयोग आतंकियों को ही बचाने में कर रहा है। पाकिस्तान के पास स्थित एफ़-16 लड़ाकु विमान अमेरिका में बना लड़ाकू विमान है, और इसमें लगने वाली एमरॉम मिसाइल भी अमेरिका में ही बनती है।
हमेशा अपने हित को सर्वोपरि रखने वाला अमेरिका इस लड़ाकु विमान को किसी भी देश को देने और उसके इस्तेमाल के पीछे शर्त रखता है। अमेरिका की शर्त रहती है कि सबसे पहले तो इस लड़ाकु विमान का इस्तेमाल आतंकियों के ख़िलाफ़ किया जाएगा, और दूसरा बिना अमेरिकी की इजाजत के किसी भी टकराव में इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। यानि कि अमेरिका की शर्तों से साफ़ है कि पाकिस्तान एफ़-16 विमानों का इस्तेमाल किसी भी देश के ख़िलाफ़ आक्रमण के लिए नहीं कर सकता है।
आतंक को बढ़ावा देने में माहिर पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने 27 फरवरी को अपने आधिकारिक बयान में पूरी दुनिया के सामने झूठ बोला था और कहा था कि जिस फाइटर एफ़-16 को गिराने का दावा भारत कर रहा है, वह पाकिस्तान के मिशन का हिस्सा ही नहीं था। लेकिन भारतीय वायु सेना के एयर वाइस मार्शल आरजीके कपूर ने पाकिस्तान के झूठ को सबके सामने बेनकाब कर दिया और एफ़-16 में लगने वाली एमरॉम मिसाइल के टुकड़े को दिखाकर यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तान ने आतंक के खिलाफ भारत की लड़ाई का जवाब देने के लिए उस विमान का इस्तेमाल किया है, जो अमेरिका ने उसे आतंकवाद से लड़ने के लिए दिया था।
वैसे तो अमेरिका खुद आतंकी हमलों को झेल चुका है इसलिए उसकी आतंक और आतंकियों के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी है, लेकिन भारत द्वारा कई बार सबूत दिये जाने के बाद कि पाकिस्तान आतंक को बढ़ावा देता है, अमेरिका पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई करने के बजाय कई बार उसकी गलतियों को नजर अंदाज करता रहा है। लेकिन अब देखना होगा कि अमेरिका की बिना इजाजत के एफ़-16 लड़ाकु विमानों को इस्तेमाल करने के बाद, अमेरिका क्या कुछ कार्रवाई पाकिस्तान के ख़िलाफ़ करता है। क्योंकि एफ़-16 विमानों का भारत के ख़िलाफ़ प्रयोग करके पाकिस्तान ने एक तरह से अमेरिका को नाराज कर लिया है।