क्या पाकिस्तान को पहले ही लग गई थी एयर स्ट्राइक की भनक?
Tuesday - March 5, 2019 10:43 am ,
Category : WTN HINDI
एयर स्ट्राइक में मारे गये आतंकियों की संख्या पर लगातार उठ रहे ‘सवाल’!
पुलवामा हमले के बाद एक और सर्जिकल स्ट्राइक से ‘डरी’ पाकिस्तान सेना की ‘निगरानी’ में था जैश का आतंकी कैम्प!
MAR 05 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘जवाबी कार्रवाई’ करते हुए पीओके स्थित बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को ‘तबाह’ कर दिया। अलग-अलग जानकारी के मुताबिक कहा जा रहा है कि भारतीय वायुसेना की इस एयर स्ट्राइक में 250 से 300 आतंकी मारे गये हैं, लेकिन वहीं भारत के कुछ राजनीतिक दल इस एयर स्ट्राइक में मारे गये आतंकियों की संख्या के बारे में बार-बार सरकार से ‘सवाल’ कर रहे हैं।
इस बीच भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक पर एक बड़ा ‘खुलासा’ हुआ है। एक प्रतिष्ठित इंग्लिश समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक़, उरी हमले के बाद पीओके पर हुई सर्जीकल स्ट्राइक के बाद ‘सतर्क’ पाकिस्तानी सेना को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैम्प पर भारत के हमले का ‘अंदेशा’ पहले ही लग चुका था।
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी सेना पुलवामा आतंकी हमले के बाद से ही जैश आतंकियों की सुरक्षा में लगी हुई थी। समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार यह सब जानकारी बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के तलीम-उल-कुरान मदरसे में पढ़ रहे एक विद्यार्थी ने अपने परिजनों को बताई थी, जिसके आधार पर इस बात का ‘अनुमान’ लगाया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना ने जैश के आतंकियों और आतंकी ठिकानों की सुरक्षा की ‘जिम्मेदारी’ उठा ली थी।
रिपोर्ट के मुताबिक़, जैश-ए-मोहम्मद के जिस आतंकी कैम्प पर भारतीय वायुसेना ने हमला किया, उसकी पूरी ‘सुरक्षा’ की ‘जिम्मेदारी’ पाकिस्तानी सेना ने ले ली थी क्योंकि सेना को वहां पर सर्जिकल स्ट्राइक का खतरा सता रहा था। कहा जा रहा है कि एयर स्ट्राइक होते ही पाकिस्तानी सेना कुछ आतंकियों को तो सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने में ‘कामयाब’ हो गई थी, लेकिन सभी आतंकियों को पाकिस्तानी सेना सुरक्षित जगह पर नहीं ले जा सकी। जिसके आधार पर कहा जा रहा है कि एयर स्ट्राइक में ‘बड़ी तादात’ में आतंकी मारे गये हैं।
वहीं दूसरी तरफ आतंकी कैम्प की सुरक्षा में पाकिस्तानी सेना के तैनात होने के पीछे कहा जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि उसकी ‘फ़ोटो सार्वजनिक’ हो गई थी। पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान को ‘आशंका’ थी कि भारत एक बार फ़िर से सर्जिकल स्ट्राइक कर सकता है, इसलिए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैम्प की सुरक्षा के लिए खुद पाकिस्तानी सेना को तैनात किया गया। लेकिन भारत ने इस बार सर्जिकल स्ट्राइक ना करके सीधे वायुसेना के लड़ाकु विमानों के द्वारा एयर स्ट्राइक कर आतंकियों को मार गिराया।
पाकिस्तान पर हुए एयर स्ट्राइक के बाद से बार-बार यह सवाल उठ रहे हैं कि भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई में कितने आतंकी मारे गये? भारत में विपक्षी नेता सरकार से सवाल कर रहे हैं कि इस कार्रवाई में कितने आतंकी मारे गये हैं सरकार इसका खुलासा करे? वैसे भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की, इस बात को पाकिस्तान ने ‘स्वीकार’ किया है लेकिन इस एयर स्ट्राइक में कितने लोग मारे गये हैं इस पर ‘संशय’ अभी भी बरकरार है।
यह तय है कि पाकिस्तान खुद कभी कबूल नहीं करेगा कि एयर स्ट्राइक में आतंकी मारे गये हैं, ऐसे में अब देखना होगा कि भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में कितने आतंकी मारे गये, इसकी पुख्ता जानकारी कब तक हासिल होती है और जब तक यह जानकारी हासिल नहीं होती है, तब तक एयर स्ट्राइक में मारे गये आतंकियों की संख्या पर संशय बरकरार रहेगा।
MAR 05 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘जवाबी कार्रवाई’ करते हुए पीओके स्थित बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को ‘तबाह’ कर दिया। अलग-अलग जानकारी के मुताबिक कहा जा रहा है कि भारतीय वायुसेना की इस एयर स्ट्राइक में 250 से 300 आतंकी मारे गये हैं, लेकिन वहीं भारत के कुछ राजनीतिक दल इस एयर स्ट्राइक में मारे गये आतंकियों की संख्या के बारे में बार-बार सरकार से ‘सवाल’ कर रहे हैं।
इस बीच भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक पर एक बड़ा ‘खुलासा’ हुआ है। एक प्रतिष्ठित इंग्लिश समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक़, उरी हमले के बाद पीओके पर हुई सर्जीकल स्ट्राइक के बाद ‘सतर्क’ पाकिस्तानी सेना को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैम्प पर भारत के हमले का ‘अंदेशा’ पहले ही लग चुका था।
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी सेना पुलवामा आतंकी हमले के बाद से ही जैश आतंकियों की सुरक्षा में लगी हुई थी। समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार यह सब जानकारी बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के तलीम-उल-कुरान मदरसे में पढ़ रहे एक विद्यार्थी ने अपने परिजनों को बताई थी, जिसके आधार पर इस बात का ‘अनुमान’ लगाया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना ने जैश के आतंकियों और आतंकी ठिकानों की सुरक्षा की ‘जिम्मेदारी’ उठा ली थी।
रिपोर्ट के मुताबिक़, जैश-ए-मोहम्मद के जिस आतंकी कैम्प पर भारतीय वायुसेना ने हमला किया, उसकी पूरी ‘सुरक्षा’ की ‘जिम्मेदारी’ पाकिस्तानी सेना ने ले ली थी क्योंकि सेना को वहां पर सर्जिकल स्ट्राइक का खतरा सता रहा था। कहा जा रहा है कि एयर स्ट्राइक होते ही पाकिस्तानी सेना कुछ आतंकियों को तो सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने में ‘कामयाब’ हो गई थी, लेकिन सभी आतंकियों को पाकिस्तानी सेना सुरक्षित जगह पर नहीं ले जा सकी। जिसके आधार पर कहा जा रहा है कि एयर स्ट्राइक में ‘बड़ी तादात’ में आतंकी मारे गये हैं।
वहीं दूसरी तरफ आतंकी कैम्प की सुरक्षा में पाकिस्तानी सेना के तैनात होने के पीछे कहा जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि उसकी ‘फ़ोटो सार्वजनिक’ हो गई थी। पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान को ‘आशंका’ थी कि भारत एक बार फ़िर से सर्जिकल स्ट्राइक कर सकता है, इसलिए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैम्प की सुरक्षा के लिए खुद पाकिस्तानी सेना को तैनात किया गया। लेकिन भारत ने इस बार सर्जिकल स्ट्राइक ना करके सीधे वायुसेना के लड़ाकु विमानों के द्वारा एयर स्ट्राइक कर आतंकियों को मार गिराया।
पाकिस्तान पर हुए एयर स्ट्राइक के बाद से बार-बार यह सवाल उठ रहे हैं कि भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई में कितने आतंकी मारे गये? भारत में विपक्षी नेता सरकार से सवाल कर रहे हैं कि इस कार्रवाई में कितने आतंकी मारे गये हैं सरकार इसका खुलासा करे? वैसे भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की, इस बात को पाकिस्तान ने ‘स्वीकार’ किया है लेकिन इस एयर स्ट्राइक में कितने लोग मारे गये हैं इस पर ‘संशय’ अभी भी बरकरार है।
यह तय है कि पाकिस्तान खुद कभी कबूल नहीं करेगा कि एयर स्ट्राइक में आतंकी मारे गये हैं, ऐसे में अब देखना होगा कि भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में कितने आतंकी मारे गये, इसकी पुख्ता जानकारी कब तक हासिल होती है और जब तक यह जानकारी हासिल नहीं होती है, तब तक एयर स्ट्राइक में मारे गये आतंकियों की संख्या पर संशय बरकरार रहेगा।