भाजपा प्रवक्ताओं को मिलेगा उनकी ‘मेहनत’ का फल, लोकसभा चुनाव में पार्टी देगी टिकट
Tuesday - March 12, 2019 12:01 pm ,
Category : WTN HINDI
अपने प्रवक्ताओं को चुनाव मैदान में उतारेगी भाजपा
लोकसभा चुनाव में अपने प्रवक्ताओं की ‘लोकप्रियता’ का फायदा उठाएगी भाजपा
MAR 12 (WTN) – इस बार लोकसभा चुनाव में जीत के लिए भाजपा नई-नई ‘रणनीतियां’ बना रही है और उन पर अमल कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा इस बार लोकसभा चुनाव में टीवी पर छाये रहने वाले अपने प्रवक्ताओं की फौज को चुनाव मैदान में उतार सकती है। किसी भी सत्ताधारी पार्टी का प्रवक्ता होना अपने आप में एक ‘कठिन’ काम होता है और सालों से टीवी चैनल्स पर सत्ताधारी भाजपा का पक्ष रखने वाले ‘तेजतर्रार’ प्रवक्ताओं को भाजपा इस बार लोकसभा चुनाव में टिकट दे सकती है।

भाजपा के सबसे ‘प्रखर’ प्रवक्ता और हमेशा टीवी चैनल्स और सोशल मीडिया में सुर्खियों में रहने वाले सम्बित पात्रा को भाजपा इस बार टिकट दे सकती है। कहा जा रहा है कि सम्बित पात्रा को ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से भाजपा अपना प्रत्याशी बना सकती है। वैसे चर्चा है कि खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी सीट के साथ-साथ पुरी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन यदि प्रधानमंत्री मोदी पुरी सीट से चुनाव नहीं लड़ते हैं तो माना जा रहा है कि भाजपा सम्बित पात्रा को पुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा सकती है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे शाहनवाज हुसैन को उनकी परम्परागत बिहार की भागलपुर सीट से एक बार फ़िर से मौका मिल सकता है। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में शाहनवाज हुसैन काफ़ी कम अन्तर से चुनाव हार गये थे। भाजपा के ‘मुस्लिम चेहरे’ और प्रवक्ता के रूप में शाहनवाज हुसैन टीवी चैनल्स पर डिबेट में अपनी पार्टी का ‘मजबूती’ के साथ पक्ष रखते दिखते हैं।

वहीं इंग्लिश टीवी चैनल्स में भाजपा की तरफ़ से डिबेट में शिरकत करने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी को बिहार के सारण से टिकट मिल सकता है। पिछले लोकसभा चुनाव में राजीव प्रताप रूडी ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी को हराया था।

वहीं एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष रह चुके भाजपा प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री को भी भाजपा लोकसभा चुनाव में टिकट दे सकती है। कहा जा रहा है कि विजय सोनकर शास्त्री को मछलीशहर लोकसभा सीट से टिकट मिल सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह सीट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से लगी हुई है।

वहीं तेजतर्रार भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने यूपी के सुल्तानपुर से टिकट की मांग की है। वैसे अभी सुल्तानपुर सीट से वरूण गांधी सांसद हैं लेकिन कहा जा रहा है कि वे इस बार पीलीभीत से चुनाव लड़ सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रेम शुक्ला पहले शिवसेना में थे लेकिन बाद में वे भाजपा में शामिल हो गये।

इधर भाजपा की महिला प्रवक्ताओं में से एक नई दिल्ली से सांसद मीनाक्षी लेखी का टिकट वैसे तो लगभग फाइनल है, लेकिन हो सकता है कि इस बार उनका टिकट कट जाए या फ़िर उन्हें भाजपा किसी और सीट से चुनाव लड़ाए क्योंकि नई दिल्ली सीट से क्रिकेटर गौतम गम्भीर को भाजपा की ओर से टिकट मिलने की चर्चाएं जोरों पर हैं।

वहीं आम आदमी पार्टी से भाजपा में आए भाजपा प्रवक्ता सुदेश वर्मा को झारखण्ड की चतरा लोकसभा सीट से टिकट मिल सकता है। सुदेश वर्मा पेशे से पत्रकार रहे हैं और काफ़ी समय से भाजपा के प्रवक्ता के रूप में काम कर रहे हैं।
जैसा कि आप जानते हैं कि टीवी और सोशल मीडिया पर प्रवक्ताओं की ‘सक्रियता’ के कारण आम जनता उन्हें काफ़ी ‘आसानी’ से ‘पहचानती’ है और इसी कारण चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें खुद की पहचान बनाने के लिए ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ती है। अब देखना होगा कि भाजपा अपने प्रवक्ताओं को चुनाव में टिकट देकर उन्हें उनकी ‘मेहनत का फल’ देती है कि नहीं क्योंकि सत्ताधारी पार्टी का प्रवक्ता बनना आसान काम नहीं होता है। सत्ताधारी पार्टी के प्रवक्ता को हर समय ‘सवालों’ से घिरा रहना होता है। ऐसे में पिछले पांच सालों से भाजपा की ‘आवाज़’ बन चुके इन प्रवक्ताओं को यदि भाजपा टिकट देती है तो कहा जा सकता है कि पार्टी ने इन्हें इनकी मेहनत का ‘ईनाम’ दिया है।
MAR 12 (WTN) – इस बार लोकसभा चुनाव में जीत के लिए भाजपा नई-नई ‘रणनीतियां’ बना रही है और उन पर अमल कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा इस बार लोकसभा चुनाव में टीवी पर छाये रहने वाले अपने प्रवक्ताओं की फौज को चुनाव मैदान में उतार सकती है। किसी भी सत्ताधारी पार्टी का प्रवक्ता होना अपने आप में एक ‘कठिन’ काम होता है और सालों से टीवी चैनल्स पर सत्ताधारी भाजपा का पक्ष रखने वाले ‘तेजतर्रार’ प्रवक्ताओं को भाजपा इस बार लोकसभा चुनाव में टिकट दे सकती है।

भाजपा के सबसे ‘प्रखर’ प्रवक्ता और हमेशा टीवी चैनल्स और सोशल मीडिया में सुर्खियों में रहने वाले सम्बित पात्रा को भाजपा इस बार टिकट दे सकती है। कहा जा रहा है कि सम्बित पात्रा को ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से भाजपा अपना प्रत्याशी बना सकती है। वैसे चर्चा है कि खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी सीट के साथ-साथ पुरी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन यदि प्रधानमंत्री मोदी पुरी सीट से चुनाव नहीं लड़ते हैं तो माना जा रहा है कि भाजपा सम्बित पात्रा को पुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा सकती है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे शाहनवाज हुसैन को उनकी परम्परागत बिहार की भागलपुर सीट से एक बार फ़िर से मौका मिल सकता है। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में शाहनवाज हुसैन काफ़ी कम अन्तर से चुनाव हार गये थे। भाजपा के ‘मुस्लिम चेहरे’ और प्रवक्ता के रूप में शाहनवाज हुसैन टीवी चैनल्स पर डिबेट में अपनी पार्टी का ‘मजबूती’ के साथ पक्ष रखते दिखते हैं।

वहीं इंग्लिश टीवी चैनल्स में भाजपा की तरफ़ से डिबेट में शिरकत करने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी को बिहार के सारण से टिकट मिल सकता है। पिछले लोकसभा चुनाव में राजीव प्रताप रूडी ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी को हराया था।

वहीं एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष रह चुके भाजपा प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री को भी भाजपा लोकसभा चुनाव में टिकट दे सकती है। कहा जा रहा है कि विजय सोनकर शास्त्री को मछलीशहर लोकसभा सीट से टिकट मिल सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह सीट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से लगी हुई है।

वहीं तेजतर्रार भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने यूपी के सुल्तानपुर से टिकट की मांग की है। वैसे अभी सुल्तानपुर सीट से वरूण गांधी सांसद हैं लेकिन कहा जा रहा है कि वे इस बार पीलीभीत से चुनाव लड़ सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रेम शुक्ला पहले शिवसेना में थे लेकिन बाद में वे भाजपा में शामिल हो गये।

इधर भाजपा की महिला प्रवक्ताओं में से एक नई दिल्ली से सांसद मीनाक्षी लेखी का टिकट वैसे तो लगभग फाइनल है, लेकिन हो सकता है कि इस बार उनका टिकट कट जाए या फ़िर उन्हें भाजपा किसी और सीट से चुनाव लड़ाए क्योंकि नई दिल्ली सीट से क्रिकेटर गौतम गम्भीर को भाजपा की ओर से टिकट मिलने की चर्चाएं जोरों पर हैं।

वहीं आम आदमी पार्टी से भाजपा में आए भाजपा प्रवक्ता सुदेश वर्मा को झारखण्ड की चतरा लोकसभा सीट से टिकट मिल सकता है। सुदेश वर्मा पेशे से पत्रकार रहे हैं और काफ़ी समय से भाजपा के प्रवक्ता के रूप में काम कर रहे हैं।
जैसा कि आप जानते हैं कि टीवी और सोशल मीडिया पर प्रवक्ताओं की ‘सक्रियता’ के कारण आम जनता उन्हें काफ़ी ‘आसानी’ से ‘पहचानती’ है और इसी कारण चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें खुद की पहचान बनाने के लिए ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ती है। अब देखना होगा कि भाजपा अपने प्रवक्ताओं को चुनाव में टिकट देकर उन्हें उनकी ‘मेहनत का फल’ देती है कि नहीं क्योंकि सत्ताधारी पार्टी का प्रवक्ता बनना आसान काम नहीं होता है। सत्ताधारी पार्टी के प्रवक्ता को हर समय ‘सवालों’ से घिरा रहना होता है। ऐसे में पिछले पांच सालों से भाजपा की ‘आवाज़’ बन चुके इन प्रवक्ताओं को यदि भाजपा टिकट देती है तो कहा जा सकता है कि पार्टी ने इन्हें इनकी मेहनत का ‘ईनाम’ दिया है।