अब आपके स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं कर पाएंगी दूध कम्पनियां
Saturday - March 16, 2019 10:26 am ,
Category : WTN HINDI
FSSAI ने दूध डेयरियों के लिए मानकों को किया सख्त
दूध और दूध प्रोडक्ट में होने वाली मिलावट को रोकने जारी हुए दिशा निर्देश
MAR 16 (WTN) – दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स का प्रयोग तो आप करते ही होंगे, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि मिलावट और गंदगी के कारण दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स के प्रयोग जानलेवा साबित हो रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जो दूध बिक रहा है उसमें से 68.7 प्रतिशत दूध और उससे बने प्रोडक्ट में मिलावट है।

बाजार में मिलने वाले दूध में इतनी मिलावट है कि यह दूध कहीं से भी FSSAI के मानकों पर खरा नहीं उतरता है। भारत में दूध में मिलावट का स्तर इतना घटिया है कि चंद पैसों का फायदा उठाने के लिए लोग इसमें डिजर्जेंट तक मिला देते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक यदि भारत में दूध की मिलावट बंद नहीं हुई तो साल 2025 तक 87 प्रतिशत भारतीय लोगों को कैंसर हो सकता है।

लगातार दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट में मिलावट की खबरें सामने आने के बाद सरकार ने अब दूध और इससे जुड़े प्रोडक्ट बनाने वाली कम्पनियों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है और जिसके कारण अब इन कम्पनियों को कड़े नियमों का पालन करना होगा। फूड रेगुलेटर FSSAI ने डेयरी कम्पनियों के लिए नये दिशा निर्देश जारी किये हैं जिसका पालन सभी कम्पनियों को करना होगा।

FSSAI के नये नियमों के मुताबिक डेयरी प्रदूषित इलाकों से दूर होगी। डेयरी में काम करने वाले लोगों का बाकायदा हेल्थ चेकअप होगा। दूध का कलेक्शन करते समय हाइजिन का पूरी तरह से ध्यान रखा जाए। फूड ग्रेड मटैरियल में ही दूध की पैकैजिंग होना चाहिए।

24 घंटे में दूध के हर पैकेट को ट्रेस करने की व्यवस्था कम्पनी को करना होगी। कच्चे दूध को 4 घंटे के अंदर दूधवाले से प्रोसेसिंग यूनिट तक ले जाने की व्यवस्था कम्पनी को करना होगी। FSSAI ने सख्ती दिखाते हुए दूध कम्पनियों से कहा है कि यह उन्हें तय करना है कि गाय या भैंस के चारे में ज्यादा पेस्टीसाइड का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है।

आइये हम आपको बताते हैं कि आप अपने स्तर पर कैसे पता कर सकते हैं कि दूध में मिलावट है कि नहीं? दूध में डिटर्जेंट की मिलावट को पहचानने के लिए दूध की कुछ बूंदों को कांच की शीशी में लेकर जोर से हिलाइए, अगर दूध में झाग निकलने लगे तो इस दूध में डिटरर्जेंट मिला हुआ है वहीं यदि अगर यह झाग देर तक बना रहे तो यह दूध नकली है।

दूध को दोनों हाथों में लेकर रगड़ने पर यदि चिकनाहट महसूस नहीं होती है यह दूध असली है वहीं यदि दूध नकली है तो इसे रगड़ने पर डिटर्जेंट को रगड़ने जैसा अनुभव होगा। असली दूध को उबालने पर उसका रंग बिल्कुल नहीं बदलता है लेकिन नकली दूध का रंग उबलने पर पीला हो जाता है।
MAR 16 (WTN) – दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स का प्रयोग तो आप करते ही होंगे, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि मिलावट और गंदगी के कारण दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स के प्रयोग जानलेवा साबित हो रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जो दूध बिक रहा है उसमें से 68.7 प्रतिशत दूध और उससे बने प्रोडक्ट में मिलावट है।

बाजार में मिलने वाले दूध में इतनी मिलावट है कि यह दूध कहीं से भी FSSAI के मानकों पर खरा नहीं उतरता है। भारत में दूध में मिलावट का स्तर इतना घटिया है कि चंद पैसों का फायदा उठाने के लिए लोग इसमें डिजर्जेंट तक मिला देते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक यदि भारत में दूध की मिलावट बंद नहीं हुई तो साल 2025 तक 87 प्रतिशत भारतीय लोगों को कैंसर हो सकता है।

लगातार दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट में मिलावट की खबरें सामने आने के बाद सरकार ने अब दूध और इससे जुड़े प्रोडक्ट बनाने वाली कम्पनियों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है और जिसके कारण अब इन कम्पनियों को कड़े नियमों का पालन करना होगा। फूड रेगुलेटर FSSAI ने डेयरी कम्पनियों के लिए नये दिशा निर्देश जारी किये हैं जिसका पालन सभी कम्पनियों को करना होगा।

FSSAI के नये नियमों के मुताबिक डेयरी प्रदूषित इलाकों से दूर होगी। डेयरी में काम करने वाले लोगों का बाकायदा हेल्थ चेकअप होगा। दूध का कलेक्शन करते समय हाइजिन का पूरी तरह से ध्यान रखा जाए। फूड ग्रेड मटैरियल में ही दूध की पैकैजिंग होना चाहिए।

24 घंटे में दूध के हर पैकेट को ट्रेस करने की व्यवस्था कम्पनी को करना होगी। कच्चे दूध को 4 घंटे के अंदर दूधवाले से प्रोसेसिंग यूनिट तक ले जाने की व्यवस्था कम्पनी को करना होगी। FSSAI ने सख्ती दिखाते हुए दूध कम्पनियों से कहा है कि यह उन्हें तय करना है कि गाय या भैंस के चारे में ज्यादा पेस्टीसाइड का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है।

आइये हम आपको बताते हैं कि आप अपने स्तर पर कैसे पता कर सकते हैं कि दूध में मिलावट है कि नहीं? दूध में डिटर्जेंट की मिलावट को पहचानने के लिए दूध की कुछ बूंदों को कांच की शीशी में लेकर जोर से हिलाइए, अगर दूध में झाग निकलने लगे तो इस दूध में डिटरर्जेंट मिला हुआ है वहीं यदि अगर यह झाग देर तक बना रहे तो यह दूध नकली है।

दूध को दोनों हाथों में लेकर रगड़ने पर यदि चिकनाहट महसूस नहीं होती है यह दूध असली है वहीं यदि दूध नकली है तो इसे रगड़ने पर डिटर्जेंट को रगड़ने जैसा अनुभव होगा। असली दूध को उबालने पर उसका रंग बिल्कुल नहीं बदलता है लेकिन नकली दूध का रंग उबलने पर पीला हो जाता है।