जानिए क्यों चीन कर रहा है बार-बार पाकिस्तान की ‘मदद’?
Saturday - March 23, 2019 10:37 am ,
Category : WTN HINDI
पाकिस्तान को चीन से मिली 2.1 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता
पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के ख़िलाफ़ ‘कूटनीति’ के तहत ‘षड़यंत्र’ रच रहा चीन!
MAR 23 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि चीन समय-समय पर पाकिस्तान का साथ देता ही रहता है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की भारत की कोशिशों को रोकने के लिए चीन ने अडंगा लगाया, ताकि पाकिस्तान को खुश किया जा सके। अब वहीं, आतंक और आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान को आर्थिक संकट से उबारने के लिए एक बार फ़िर से चीन आगे आया है। नकदी समस्या से जूझ रहे पाकिस्तान को 25 मार्च, सोमवार तक चीन से 2.1 अरब डॉलर का कर्ज़ मिल जाएगा।
पाकिस्तान की मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के सलाहकार एवं प्रवक्ता खक्कान नजीब खान के अनुसार, चीन से मिलने वाले 2.1 अरब डॉलर के कर्ज़ के लिये सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान को मिलने वाले कर्ज़ की राशि, भारतीय रुपयों में क़रीब 14,500 करोड़ रुपए है।
पाकिस्तान को चीन से मिलने वाली यह राशि, 25 मार्च तक स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान के खाते में जमा हो जाएगी। आर्थिक मामलों के जानकारों का इस बारे में कहना है कि चीन से मिलने वाली आर्थिक सहायता से पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भण्डार मज़बूत होगा और भुगतान के स्थायित्व का संतुलन सुनिश्चित होगा। ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान की दयनीय आर्थिक हालत के बाद सिर्फ़ चीन ने ही उसकी आर्थिक सहायता की है, बल्कि चीन से पहले सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भी एक-एक अरब डॉलर की सहायता पाकिस्तान को दे चुके हैं।
पाकिस्तान को मिलने वाले इस कर्ज़ की भूमिका नवम्बर, 2018 में ही बन गई थी, जब बीजिंग में चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच बैठक हुई थी। उस बैठक के बाद चीन ने कहा था, “पाकिस्तान के वित्तीय संकटों को दूर करने में चीन मदद की पेशकश करने के लिए तैयार है, और सहायता की शर्तों पर चर्चा के बाद फ़ैसला किया जाएगा।”
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान पर इस समय 27,000 अरब पाकिस्तानी रुपए (27 लाख करोड़) के बराबर कर्ज़ है। पाकिस्तान की वित्तीय हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि अपनी आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने के लिए पाकिस्तान में मंत्रालयों और सम्बन्धित विभागों की उन सम्पत्तियां को बेचा जा रहा है, जो बिना किसी इस्तेमाल के पड़ी हैं।
दरअसल, चीन में कहने को तो साम्यवादी शासन व्यवस्था है, लेकिन हकीकत है कि चीन की हमेशा से चाल रही है कि ज़रूरतमंद देशों को आर्थिक सहायता देकर उनके संसाधनों का जमकर उपयोग किया जाए। इसी कड़ी में चीन, पाकिस्तान को शर्तों के साथ आर्थिक सहायता दे रहा है। चीन, पाकिस्तान को कर्ज़ देने के ऐवज में पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने जा रहा है, जिससे चीनी व्यापारियों को लाभ मिले।
जानकारी के मुताबिक़, चीन पर पाकिस्तान की निर्भरता ऐसे समय में बढ़ रही है, जब अमेरिका पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय मदद में धीरे-धीरे कटौती कर रहा है। ऐसे में चीन धीरे-धीरे पाकिस्तान को कर्ज़ देकर अपने जाल में फंसा रहा है। इधर महात्वाकांक्षी चीन अपनी बेल्ट एण्ड रोड के तहत बनाए जा रहे चाइना-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) के कारण पाकिस्तान पर मज़बूत पकड़ बना चुका है, यानि कि कहा जा सकता है कि चीन ने पाकिस्तान को अपने शिकंजा में फंसा लिया है और आने वाले समय में चीन, पाकिस्तान की ज़मीन का प्रयोग भारत के ख़िलाफ़ करेगा।
MAR 23 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि चीन समय-समय पर पाकिस्तान का साथ देता ही रहता है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की भारत की कोशिशों को रोकने के लिए चीन ने अडंगा लगाया, ताकि पाकिस्तान को खुश किया जा सके। अब वहीं, आतंक और आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान को आर्थिक संकट से उबारने के लिए एक बार फ़िर से चीन आगे आया है। नकदी समस्या से जूझ रहे पाकिस्तान को 25 मार्च, सोमवार तक चीन से 2.1 अरब डॉलर का कर्ज़ मिल जाएगा।
पाकिस्तान की मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के सलाहकार एवं प्रवक्ता खक्कान नजीब खान के अनुसार, चीन से मिलने वाले 2.1 अरब डॉलर के कर्ज़ के लिये सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान को मिलने वाले कर्ज़ की राशि, भारतीय रुपयों में क़रीब 14,500 करोड़ रुपए है।
पाकिस्तान को चीन से मिलने वाली यह राशि, 25 मार्च तक स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान के खाते में जमा हो जाएगी। आर्थिक मामलों के जानकारों का इस बारे में कहना है कि चीन से मिलने वाली आर्थिक सहायता से पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भण्डार मज़बूत होगा और भुगतान के स्थायित्व का संतुलन सुनिश्चित होगा। ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान की दयनीय आर्थिक हालत के बाद सिर्फ़ चीन ने ही उसकी आर्थिक सहायता की है, बल्कि चीन से पहले सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भी एक-एक अरब डॉलर की सहायता पाकिस्तान को दे चुके हैं।
पाकिस्तान को मिलने वाले इस कर्ज़ की भूमिका नवम्बर, 2018 में ही बन गई थी, जब बीजिंग में चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच बैठक हुई थी। उस बैठक के बाद चीन ने कहा था, “पाकिस्तान के वित्तीय संकटों को दूर करने में चीन मदद की पेशकश करने के लिए तैयार है, और सहायता की शर्तों पर चर्चा के बाद फ़ैसला किया जाएगा।”
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान पर इस समय 27,000 अरब पाकिस्तानी रुपए (27 लाख करोड़) के बराबर कर्ज़ है। पाकिस्तान की वित्तीय हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि अपनी आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने के लिए पाकिस्तान में मंत्रालयों और सम्बन्धित विभागों की उन सम्पत्तियां को बेचा जा रहा है, जो बिना किसी इस्तेमाल के पड़ी हैं।
दरअसल, चीन में कहने को तो साम्यवादी शासन व्यवस्था है, लेकिन हकीकत है कि चीन की हमेशा से चाल रही है कि ज़रूरतमंद देशों को आर्थिक सहायता देकर उनके संसाधनों का जमकर उपयोग किया जाए। इसी कड़ी में चीन, पाकिस्तान को शर्तों के साथ आर्थिक सहायता दे रहा है। चीन, पाकिस्तान को कर्ज़ देने के ऐवज में पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने जा रहा है, जिससे चीनी व्यापारियों को लाभ मिले।
जानकारी के मुताबिक़, चीन पर पाकिस्तान की निर्भरता ऐसे समय में बढ़ रही है, जब अमेरिका पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय मदद में धीरे-धीरे कटौती कर रहा है। ऐसे में चीन धीरे-धीरे पाकिस्तान को कर्ज़ देकर अपने जाल में फंसा रहा है। इधर महात्वाकांक्षी चीन अपनी बेल्ट एण्ड रोड के तहत बनाए जा रहे चाइना-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) के कारण पाकिस्तान पर मज़बूत पकड़ बना चुका है, यानि कि कहा जा सकता है कि चीन ने पाकिस्तान को अपने शिकंजा में फंसा लिया है और आने वाले समय में चीन, पाकिस्तान की ज़मीन का प्रयोग भारत के ख़िलाफ़ करेगा।