क्या दिग्विजय सिंह का ‘मुकाबला’ करेंगे शिवराज सिंह चौहान?
Tuesday - March 26, 2019 10:08 am ,
Category : WTN HINDI
दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान के बीच एक बार फ़िर चुनावी घमासान के ‘आसार’
बड़ा सवाल: क्या दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ शिवराज सिंह को भोपाल से टिकट देगी भाजपा?
MAR 25 (WTN) – लोकसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियां अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर रही हैं, इस सबके बीच, सभी की निगाहें भोपाल संसदीय सीट पर लगी हुई हैं कि कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के मुक़ाबले भाजपा यहां से किसे मैदान में उतारती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भाजपा ने मध्य प्रदेश की 29 सीटों में से 15 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है, लेकिन भोपाल सीट पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा होना अभी बाकी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन्दौर और विदिशा के साथ भोपाल सीट भाजपा की ‘परम्परागत’ सीट रही है। साल 1989 से यहां से भाजपा लगातर जीत हासिल करती आ रही है। सालों बाद भोपाल सीट पर जीत हासिल करने के लिए कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गज नेता को टिकट देकर यह सन्देश देने की कोशिश की है कि कांग्रेस इस बार भोपाल सीट भाजपा को ‘गिफ्ट’ में देने के मूड में नहीं है।
वहीं दिग्विजय सिंह के भोपाल से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद, कहा जा रहा है कि भाजपा भोपाल सीट से शिवराज सिंह चौहान को दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ चुनाव मैदान में उतार सकती है। आपकी जानकारी के लिए बात दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खुद दिग्विजय सिंह के अनुरोध किया था कि वे राज्य की किसी ‘कठिन सीट’ से चुनाव लड़ें, जिसके बाद दिग्विजय सिंह ने ‘कठिन सीट’ से चुनाव लड़ने की सहमति दे दी थी। इन्दौर, भोपाल और विदिशा संसदीय सीटें ही मध्य प्रदेश की वो तीन सीटें हैं, जो कि कांग्रेस के लिए ‘कठिन’ मानी जाती हैं, क्योंकि 1989 से लगातार कांग्रेस इन सीटों से हार रही है।
अब जबकि कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को भोपाल से अपना प्रत्याशी बनाया है, तो कयास लगाए जा रहे हैं कि दिग्विजय सिंह को टक्कर देने के लिए भाजपा, शिवराज सिंह चौहान को दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ टिकट दे सकती है। यदि शिवराज सिंह चौहान को भोपाल से टिकट मिलता है, तो यह पहली बार नहीं होगा जब दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान चुनावी मैदान में आमने-सामने होंगे, इससे पहले साल 2003 के विधासनभा चुनाव में राघौगढ़ सीट से चुनाव लड़ रहे दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को मैदान में उतारा था, हालांकि उस चुनाव में शिवराज सिंह चौहान को हार का सामना करना पड़ा था।
दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान दोनों ही मध्य प्रदेश के दस साल तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं, ऐसे में यदि दोनों के बीच भोपाल संसदीय सीट पर मुकाबला होता है, तो कहा जा सकता है कि भोपाल सीट पर चुनाव काफ़ी दिलचस्प रहेगा। अब देखते हैं कि दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ भाजपा शिवराज सिंह चौहान को मैदान में उतारती है, या फ़िर किसी और कद्दावर नेता को टिकट देती है।
1989 से लगातार भोपाल सीट हार रही कांग्रेस ने इस सीट को जीतने के लिए दिग्विजय सिंह जैसे कद्दावर नेता को मैदान में उतारा है। लेकिन भोपाल सीट कांग्रेस के लिए कभी भी आसान नहीं रही है, ऐसे में यदि भाजपा ने दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ शिवराज सिंह चौहान को टिकट दिया, तो कांग्रेस को इस सीट को जीतने के लिए काफ़ी मेहनत करना पड़ेगी। अब देखते हैं कि यदि दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान के बीच भोपाल सीट पर चुनावी घमासान होता है, तो जीत किसे हासिल होती है।
MAR 25 (WTN) – लोकसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियां अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर रही हैं, इस सबके बीच, सभी की निगाहें भोपाल संसदीय सीट पर लगी हुई हैं कि कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के मुक़ाबले भाजपा यहां से किसे मैदान में उतारती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भाजपा ने मध्य प्रदेश की 29 सीटों में से 15 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है, लेकिन भोपाल सीट पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा होना अभी बाकी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन्दौर और विदिशा के साथ भोपाल सीट भाजपा की ‘परम्परागत’ सीट रही है। साल 1989 से यहां से भाजपा लगातर जीत हासिल करती आ रही है। सालों बाद भोपाल सीट पर जीत हासिल करने के लिए कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गज नेता को टिकट देकर यह सन्देश देने की कोशिश की है कि कांग्रेस इस बार भोपाल सीट भाजपा को ‘गिफ्ट’ में देने के मूड में नहीं है।
वहीं दिग्विजय सिंह के भोपाल से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद, कहा जा रहा है कि भाजपा भोपाल सीट से शिवराज सिंह चौहान को दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ चुनाव मैदान में उतार सकती है। आपकी जानकारी के लिए बात दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खुद दिग्विजय सिंह के अनुरोध किया था कि वे राज्य की किसी ‘कठिन सीट’ से चुनाव लड़ें, जिसके बाद दिग्विजय सिंह ने ‘कठिन सीट’ से चुनाव लड़ने की सहमति दे दी थी। इन्दौर, भोपाल और विदिशा संसदीय सीटें ही मध्य प्रदेश की वो तीन सीटें हैं, जो कि कांग्रेस के लिए ‘कठिन’ मानी जाती हैं, क्योंकि 1989 से लगातार कांग्रेस इन सीटों से हार रही है।
अब जबकि कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को भोपाल से अपना प्रत्याशी बनाया है, तो कयास लगाए जा रहे हैं कि दिग्विजय सिंह को टक्कर देने के लिए भाजपा, शिवराज सिंह चौहान को दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ टिकट दे सकती है। यदि शिवराज सिंह चौहान को भोपाल से टिकट मिलता है, तो यह पहली बार नहीं होगा जब दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान चुनावी मैदान में आमने-सामने होंगे, इससे पहले साल 2003 के विधासनभा चुनाव में राघौगढ़ सीट से चुनाव लड़ रहे दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को मैदान में उतारा था, हालांकि उस चुनाव में शिवराज सिंह चौहान को हार का सामना करना पड़ा था।
दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान दोनों ही मध्य प्रदेश के दस साल तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं, ऐसे में यदि दोनों के बीच भोपाल संसदीय सीट पर मुकाबला होता है, तो कहा जा सकता है कि भोपाल सीट पर चुनाव काफ़ी दिलचस्प रहेगा। अब देखते हैं कि दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ भाजपा शिवराज सिंह चौहान को मैदान में उतारती है, या फ़िर किसी और कद्दावर नेता को टिकट देती है।
1989 से लगातार भोपाल सीट हार रही कांग्रेस ने इस सीट को जीतने के लिए दिग्विजय सिंह जैसे कद्दावर नेता को मैदान में उतारा है। लेकिन भोपाल सीट कांग्रेस के लिए कभी भी आसान नहीं रही है, ऐसे में यदि भाजपा ने दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ शिवराज सिंह चौहान को टिकट दिया, तो कांग्रेस को इस सीट को जीतने के लिए काफ़ी मेहनत करना पड़ेगी। अब देखते हैं कि यदि दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान के बीच भोपाल सीट पर चुनावी घमासान होता है, तो जीत किसे हासिल होती है।