नई ब्रॉडकॉस्ट टैरिफ व्यवस्था से महंगा हुआ मनोरंजन, लोगों में ट्राई के ख़िलाफ़ नाराज़गी
Wednesday - March 27, 2019 12:13 pm ,
Category : WTN HINDI
ट्राई को जल्द से जल्द टीवी चैनल्स के सस्ता होने की उम्मीद
ट्राई: सेट टॉप बॉक्स बदले बिना जल्द बदल सकेंगे डीटीएच या केबल सेवा प्रदाता
MAR 27 (WTN) – आप डीटीएच या फ़िर केबल के जरिये टीवी का आनन्द लेते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आप डीटीएच या केबल सेवा प्रदाता की सेवाओं से संतुष्ट नहीं होते हैं, और आपको कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आपको लगता है कि काश डीटीएच प्रोवाइडर या फ़िर केबल सेवा प्रदाता को बदला जाए, लेकिन सेट टॉप बॉक्स बदले बिना। पर ऐसा जल्द ही होने वाला है, और टेलीविजन दर्शक सेट टॉप बॉक्स (एसटीबी) बदले बिना अपने डीटीएच प्रोवाइडर या फ़िर केबल सेवा प्रदाता को बदल सकेंगे।
नई ब्रॉडकॉस्ट टैरिफ व्यवस्था के कारण टीवी देखना महंगा होने की शिकायतों के बीच, TRAI यानि कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण, पिछले दो सालों से सेट टॉप बाक्स को सभी डीटीएच या केबल सेवा प्रदाताओं के बीच आंतरिक रूप से काम करने लायक बनाने के प्रयास में लगा हुआ है। कहा जा रहा है कि इस समस्या का एक बड़ा हिस्सा सुलझ गया है, लेकिन कुछ कारोबारी चुनौतियां बाकी हैं, और साल के आखिरी तक इसे भी सुलझा लिया जाएगा, जिसके बाद टीवी के दर्शक बिना सेट टॉप बॉक्स बदले, डीटीएच प्रोवाइडर या फ़िर केबल सेवा प्रदाता को बदल सकेंगे।
इधर, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्राई ने जो नये टीवी केबल नियम लागू किये हैं, उनका विरोध होना शुरू हो चुका है। ट्राई ने ब्रॉडकॉस्ट टैरिफ व्यवस्था को एक फरवरी से लागू कर दिया है। इस व्यवस्था के मुताबिक़, उपभोक्ताओं को अब अपनी पसंद के चैनल के मुताबिक़ ही मासिक भुगतान करना है। हालांकि, कई उपभोक्ताओं ने नई व्यवस्था लागू होने के बाद डीटीएच और केबल सेवा महंगी होने की शिकायत की है।
ट्राई की नई व्यवस्था लागू होने के बाद, कई केबल ऑपरेटर्स ने शुरुआत में इसका काफ़ी विरोध किया था, लेकिन बाद में सभी ऑपरेटर्स ने इस सेवा को लागू कर दिया है। हालांकि, कुछ केबल ऑपरेटर्स ने नई ब्रॉडकॉस्ट टैरिफ व्यवस्था से केबल टीवी और डीटीएच ग्राहकों के बिल में वृद्धि का दावा किया था, पर इसके बाद ट्राई ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इन दावों को खारिज किया था, और कहा था कि नई व्यवस्था से वास्तव में टीवी का बिल कम होगा।
इधर ट्राई का तर्क है कि आने वाले तीन महीनों में उम्मीद है कि विभिन्न चैनल्स की क़ीमतों में कमी आएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्राई ने स्पष्ट किया था कि नियमों के तहत, सेवा प्रदाता अपने ग्राहकों को नेटवर्क कैपिसिटी फीस में छूट दे सकते हैं, या इसे पूरी तरह मुफ्त कर सकते हैं, जिससे ग्राहकों का बिल कम होगा।
ट्राई द्वारा नई व्यवस्था लागू किये जाने के बाद, जब हमने आम लोगों से इसके बारे में प्रतिक्रिया ली, तो उनका कहना है कि अब टीवी देखना महंगा हो गया है। लोगों के मुताबिक़, जहां पहले उनका केबल टीवी का मासिक खर्च सिर्फ़ 250 रुपये था, वहीं नये नियमों के लागू होने से यह खर्च बढ़कर अब 400 रुपये के क़रीब हो गया है।
आम लोगों का कहना है कि ट्राई ने बिना जनता की राय जाने ही इस व्यवस्था को लागू किया है, जिसके बाद से उन्हें मनोरंजन के लिए ज़्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। हालांकि जनता का कहना है कि बिना सेट टॉप बॉक्स बदले, डीटीएच प्रोवाइडर और केबल सेवा प्रदाता को बदलने की ट्राई की नीति ज़रूर सहारनीय है, लेकिन इसके ऐवज में यदि ट्रांजेक्शन शुल्क के रूप में ज़्यादा पैसा लिया गया, तो यह भी आम जनता के लिए महंगी साबित होगी।
MAR 27 (WTN) – आप डीटीएच या फ़िर केबल के जरिये टीवी का आनन्द लेते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आप डीटीएच या केबल सेवा प्रदाता की सेवाओं से संतुष्ट नहीं होते हैं, और आपको कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आपको लगता है कि काश डीटीएच प्रोवाइडर या फ़िर केबल सेवा प्रदाता को बदला जाए, लेकिन सेट टॉप बॉक्स बदले बिना। पर ऐसा जल्द ही होने वाला है, और टेलीविजन दर्शक सेट टॉप बॉक्स (एसटीबी) बदले बिना अपने डीटीएच प्रोवाइडर या फ़िर केबल सेवा प्रदाता को बदल सकेंगे।
नई ब्रॉडकॉस्ट टैरिफ व्यवस्था के कारण टीवी देखना महंगा होने की शिकायतों के बीच, TRAI यानि कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण, पिछले दो सालों से सेट टॉप बाक्स को सभी डीटीएच या केबल सेवा प्रदाताओं के बीच आंतरिक रूप से काम करने लायक बनाने के प्रयास में लगा हुआ है। कहा जा रहा है कि इस समस्या का एक बड़ा हिस्सा सुलझ गया है, लेकिन कुछ कारोबारी चुनौतियां बाकी हैं, और साल के आखिरी तक इसे भी सुलझा लिया जाएगा, जिसके बाद टीवी के दर्शक बिना सेट टॉप बॉक्स बदले, डीटीएच प्रोवाइडर या फ़िर केबल सेवा प्रदाता को बदल सकेंगे।
इधर, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्राई ने जो नये टीवी केबल नियम लागू किये हैं, उनका विरोध होना शुरू हो चुका है। ट्राई ने ब्रॉडकॉस्ट टैरिफ व्यवस्था को एक फरवरी से लागू कर दिया है। इस व्यवस्था के मुताबिक़, उपभोक्ताओं को अब अपनी पसंद के चैनल के मुताबिक़ ही मासिक भुगतान करना है। हालांकि, कई उपभोक्ताओं ने नई व्यवस्था लागू होने के बाद डीटीएच और केबल सेवा महंगी होने की शिकायत की है।
ट्राई की नई व्यवस्था लागू होने के बाद, कई केबल ऑपरेटर्स ने शुरुआत में इसका काफ़ी विरोध किया था, लेकिन बाद में सभी ऑपरेटर्स ने इस सेवा को लागू कर दिया है। हालांकि, कुछ केबल ऑपरेटर्स ने नई ब्रॉडकॉस्ट टैरिफ व्यवस्था से केबल टीवी और डीटीएच ग्राहकों के बिल में वृद्धि का दावा किया था, पर इसके बाद ट्राई ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इन दावों को खारिज किया था, और कहा था कि नई व्यवस्था से वास्तव में टीवी का बिल कम होगा।
इधर ट्राई का तर्क है कि आने वाले तीन महीनों में उम्मीद है कि विभिन्न चैनल्स की क़ीमतों में कमी आएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्राई ने स्पष्ट किया था कि नियमों के तहत, सेवा प्रदाता अपने ग्राहकों को नेटवर्क कैपिसिटी फीस में छूट दे सकते हैं, या इसे पूरी तरह मुफ्त कर सकते हैं, जिससे ग्राहकों का बिल कम होगा।
ट्राई द्वारा नई व्यवस्था लागू किये जाने के बाद, जब हमने आम लोगों से इसके बारे में प्रतिक्रिया ली, तो उनका कहना है कि अब टीवी देखना महंगा हो गया है। लोगों के मुताबिक़, जहां पहले उनका केबल टीवी का मासिक खर्च सिर्फ़ 250 रुपये था, वहीं नये नियमों के लागू होने से यह खर्च बढ़कर अब 400 रुपये के क़रीब हो गया है।
आम लोगों का कहना है कि ट्राई ने बिना जनता की राय जाने ही इस व्यवस्था को लागू किया है, जिसके बाद से उन्हें मनोरंजन के लिए ज़्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। हालांकि जनता का कहना है कि बिना सेट टॉप बॉक्स बदले, डीटीएच प्रोवाइडर और केबल सेवा प्रदाता को बदलने की ट्राई की नीति ज़रूर सहारनीय है, लेकिन इसके ऐवज में यदि ट्रांजेक्शन शुल्क के रूप में ज़्यादा पैसा लिया गया, तो यह भी आम जनता के लिए महंगी साबित होगी।