आईसेक्ट ग्रुप और माइक्रो फोकस में एमओयू
Thursday - March 28, 2019 4:05 pm ,
Category : WTN HINDI
भोपाल (WTN)। आईसेक्ट ग्रुप का प्रख्यात आईटी कंपनी माइक्रो फोकस(एचपी ई.) के साथ रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय कैम्पस में आयोजित एक कार्यक्रम में एमओयू हुआ है। माइक्रो फोकस विश्व की अग्रणी सॉफ्टवेयर और टैक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी है। इस एमओयू के तहत आईसेक्ट समूह के विश्वविद्यालयों में एंडवांस हाई एंड स्किल प्रोग्राम जैसे कि आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, बिग डाटा एनेलिटिक्स, क्लाउड कम्प्युटिंग, साइबर सिक्युरिटी जैसे विषयों पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस एमओयू का सर्वप्रथम क्रियान्वयन रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय से प्रारंभ होगा। इस एमओयू के तहत प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों के लिए भी प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गौरतलब है कि माइक्रो फोकस और एचपी के एकीकरण के पश्चात ये आईटी सेक्टर में विश्व की अग्रणी कंपनियों में शामिल हो गई है, जो कौशल, शिक्षा और सर्विसेस के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है।
इस एमओयू पर आईसेक्ट के निदेशक सिद्धार्थ चतुर्वेदी और माइक्रो फोकस के साकेत वर्मा, निदेशक सॉफ्टवेयर सर्विसेस इंडिया एंड एशियन ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय सिंह, माइक्रो फोकस (एचपी ई.) से रंजीत मेनन, निदेशक एशिया पैसेफिक एंड जापान, सॉफ्टवेयर एज्युकेशन सर्विसेस, मंगलम सिंघानिया, कंट्री मैनेजर, इंडिया एंड एशियन एज्युकेशन सर्विसेस, मौजूद थे।
माइक्रो फोकस (एचपी ई.) के साकेत ने बताया कि भविष्य में इन एडवांस स्किल की मांग बडे़ स्तर पर होगी। इन पाठ्यक्रमों को सॉफ्टवेयर और आईटी इंडस्ट्री में वर्तमान में चल रहे तकनीकी परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। हमारा उद्देश्य छात्रों को वर्तमान तकनीकी की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना है। इन पाठ्यक्रमों की खास बात है कि माइक्रो फोकस(एचपी ई.) की तरफ से लाइव प्रोजेक्ट, विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री रेडी कोर्स मटैरियल, वर्चुअल लैब तथा माइक्रो फोकस का सर्टिफिकेशन दिया जाएगा। जो निश्चित ही छात्रों के प्लैसमेंट के लिए उपयोगी साबित होगा।
आईसेक्ट समूह के निदेशक सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि आईसेक्ट समूह बदलते तकनीकी परिवेश में हाई एंड स्किल प्रोग्राम को लांच कर रहा है जो हमारे विश्वविद्यालयों के साथ-साथ देश भर के अन्य प्रधानमंत्री कौशल केन्द्रों में भी संचालित होंगे।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय छात्रों के ट्रेनिंग और प्लैसमेंट के लिए विशेष रूप से अपना ध्यान केन्द्रित कर रहा है। विद्यार्थियों के कौशल का विकास हो उन्हें नई तकनीकों का ज्ञान हो, इसलिए विश्वविद्यालय ने अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू किए हैं। ये एमओयू इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है। - Window To News