सावधान! इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट की है आपकी सोशल मीडिया गतिविधियों पर ‘नज़र’
Friday - March 29, 2019 10:02 am ,
Category : WTN HINDI
टैक्स चोरी करने वालों पर अब सोशल मीडिया के जरिये ‘निगरानी’!
सोशल मीडिया पर अपनी रईसी दिखाने से पहले रहें ‘सतर्क’, क्योंकि इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट 'सब देख' रहा है!
MAR 29 (WTN) – सस्ते इंटरनेट और हर हाथ में मोबाइल फ़ोन होने के कारण, सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियों को पोस्ट करने की लोगों को आदत लग गई है। जन्मदिन, विवाह और शादी की सालगिरह से लेकर, घूमने-फिरने और शॉपिंग की फ़ोटो सोशल मीडिया पर डालना आजकल आम बात है। लेकिन यदि आपको सोशल मीडिया पर अपनी रईसी दिखाने का शौक है, तो हमारी आपको सलाह है कि इससे जरा बचें, क्योंकि यदि आप विदेश घूमने-फिरने और महंगा सामान खरीदने के शौकीन हैं, और इसकी जानकारी आप इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट को देने के बजाय उसे सोशल मीडिया पर प्रचारित करते हैं, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट आपसे इस बारे में पूछताछ कर सकता है।
जी हां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 1 अप्रैल से इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट पूरे देश में प्रोजेक्ट इनसाइट लागू करने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत, ऐसे लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट पर बारीक़ी से नज़र रखी जाएगी, जो महंगा सामान खरीदते हैं, लेकिन उसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट को नहीं देते हैं।
इनकम टैक्स चोरी करने वालों पर लगाम लगाने के लिए अब इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट, सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों के जरिये यूजर के बैंक खातों से उसका मिलान करेगा। यदि डिपार्टमेन्ट को लगता है कि यूजर ने महंगी खरीरददारी की है, और उसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट को नहीं है, तो इस बारे में यूजर से पूछताछ हो सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया पर नज़र रखते हुए, इनकम टैक्स चोरी की जानकारी जुटाने के लिए प्रोजेक्ट इनसाइट को इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट ने पिछले साल शुरू करने की योजना बनाई है, जिसके बाद इस साल एक अप्रैल से इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जा रहा है। प्रोजेक्ट इनसाइट के जरिये, इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट ऐसे लोगों की निगरानी करेगा, जो महंगी खरीददारी कर रहे या फ़िर विदेश में घूमने-फिरने के शौकीन हैं, लेकिन उसकी जानकारी डिपार्टमेन्ट को नहीं दे रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक़, इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट ने प्रोजेक्ट इनसाइट के लिए एक ऐसा वर्चुअल हाउस बनाया है, जिसके जरिये लोगों की खर्च करने की सीमा को बैंक खातों के साथ-साथ सोशल मीडिया से मैच किया जाएगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट, फेसबुक के साथ-साथ इंस्टाग्राम और ट्विटर के जरिये यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि यूजर विदेश में घूम रहा है या फ़िर महंगी खरीददारी कर रहा है, वो उसकी आय सीमा की अन्दर है की नहीं।
पिछले सात सालों से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट पर इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट ने एक हज़ार करोड़ रुपये खर्च किये हैं। कहा जा रहा है कि सरकार का मक़सद, इस प्रोजेक्ट के जरिए विश्व का सबसे बड़ा बॉयोमेट्रिक डाटाबेस तैयार करना है। सरकार का दावा है कि इस डाटाबेस से इनकम टैक्स,
बैंक, ईडी और एनआईए को भी टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलेगी।
इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट के मुताबिक़, देश में बहुत से लोग अपनी सही कमाई की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट को नहीं देते हैं, जिसके कारण सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। अब प्रोजेक्ट इनसाइट के जरिये इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट लोगों की खरीददारी से लेकर घूमने-फिरने तक की पोस्ट के माध्यम से यह पता कर पाने में सफल रहेगा कि यूजर्स ने अपनी आय सीमा के अन्दर ही यह सब किया है, या उसके बाहर। ऐसे में उन लोगों को अब सावधान रहने की ज़रूरत है, जो इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट के सामने अपनी आय कम दर्शाते हैं, और अपनी रईसी का प्रदर्शन सोशल मीडिया पर करते हैं।
MAR 29 (WTN) – सस्ते इंटरनेट और हर हाथ में मोबाइल फ़ोन होने के कारण, सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियों को पोस्ट करने की लोगों को आदत लग गई है। जन्मदिन, विवाह और शादी की सालगिरह से लेकर, घूमने-फिरने और शॉपिंग की फ़ोटो सोशल मीडिया पर डालना आजकल आम बात है। लेकिन यदि आपको सोशल मीडिया पर अपनी रईसी दिखाने का शौक है, तो हमारी आपको सलाह है कि इससे जरा बचें, क्योंकि यदि आप विदेश घूमने-फिरने और महंगा सामान खरीदने के शौकीन हैं, और इसकी जानकारी आप इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट को देने के बजाय उसे सोशल मीडिया पर प्रचारित करते हैं, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट आपसे इस बारे में पूछताछ कर सकता है।
जी हां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 1 अप्रैल से इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट पूरे देश में प्रोजेक्ट इनसाइट लागू करने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत, ऐसे लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट पर बारीक़ी से नज़र रखी जाएगी, जो महंगा सामान खरीदते हैं, लेकिन उसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट को नहीं देते हैं।
इनकम टैक्स चोरी करने वालों पर लगाम लगाने के लिए अब इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट, सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों के जरिये यूजर के बैंक खातों से उसका मिलान करेगा। यदि डिपार्टमेन्ट को लगता है कि यूजर ने महंगी खरीरददारी की है, और उसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट को नहीं है, तो इस बारे में यूजर से पूछताछ हो सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया पर नज़र रखते हुए, इनकम टैक्स चोरी की जानकारी जुटाने के लिए प्रोजेक्ट इनसाइट को इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट ने पिछले साल शुरू करने की योजना बनाई है, जिसके बाद इस साल एक अप्रैल से इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जा रहा है। प्रोजेक्ट इनसाइट के जरिये, इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट ऐसे लोगों की निगरानी करेगा, जो महंगी खरीददारी कर रहे या फ़िर विदेश में घूमने-फिरने के शौकीन हैं, लेकिन उसकी जानकारी डिपार्टमेन्ट को नहीं दे रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक़, इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट ने प्रोजेक्ट इनसाइट के लिए एक ऐसा वर्चुअल हाउस बनाया है, जिसके जरिये लोगों की खर्च करने की सीमा को बैंक खातों के साथ-साथ सोशल मीडिया से मैच किया जाएगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट, फेसबुक के साथ-साथ इंस्टाग्राम और ट्विटर के जरिये यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि यूजर विदेश में घूम रहा है या फ़िर महंगी खरीददारी कर रहा है, वो उसकी आय सीमा की अन्दर है की नहीं।
पिछले सात सालों से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट पर इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट ने एक हज़ार करोड़ रुपये खर्च किये हैं। कहा जा रहा है कि सरकार का मक़सद, इस प्रोजेक्ट के जरिए विश्व का सबसे बड़ा बॉयोमेट्रिक डाटाबेस तैयार करना है। सरकार का दावा है कि इस डाटाबेस से इनकम टैक्स,
बैंक, ईडी और एनआईए को भी टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलेगी।
इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट के मुताबिक़, देश में बहुत से लोग अपनी सही कमाई की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट को नहीं देते हैं, जिसके कारण सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। अब प्रोजेक्ट इनसाइट के जरिये इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट लोगों की खरीददारी से लेकर घूमने-फिरने तक की पोस्ट के माध्यम से यह पता कर पाने में सफल रहेगा कि यूजर्स ने अपनी आय सीमा के अन्दर ही यह सब किया है, या उसके बाहर। ऐसे में उन लोगों को अब सावधान रहने की ज़रूरत है, जो इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट के सामने अपनी आय कम दर्शाते हैं, और अपनी रईसी का प्रदर्शन सोशल मीडिया पर करते हैं।