जानिए फेसबुक लाइव पर क्यों की जा रही है सख्ती?
Monday - April 1, 2019 11:00 am ,
Category : WTN HINDI
फेसबुक लाइव पर रहेंगी कुछ ‘पाबंदियां’
न्यूजीलैंड हमले के बाद फेसबुक लाइव के नियमों में होगा ‘बड़ा बदलाव’
APR 01 (WTN) – यदि आप फेसबुक लाइव के शौकीन हैं, तो यह ख़बर आपके काम की है। दरअसल न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में हुए हमले और उस घटना की फेसबुक लाइव के बाद, फेसबुक ने अपने लाइव फीचर के नियमों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। जानकारी के मुताबिक़, कम्पनी फेसबुक लाइव फ़ीचर में कुछ रिस्ट्रिक्शन्स जोड़ने वाली है। न्यूजीलैंड हमले के बाद कम्पनी विभिन्न क्राइटेरिया के आधार पर यह तय करेगी कि कौन फेसबुक लाइव कर सकता है।

जानकारी के अनुसार, कम्पनी इस बात का पूरा ध्यान रखेगी कि फेसबुक पर कौन लाइव जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 15 मार्च को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में हुए नस्लवादी हमले में 50 लोगों की जान चली गई थी। हमला करने वाला व्यक्ति श्वेतों को सर्वश्रेष्ठ समझने की नस्लवादी सोच वाला व्यक्ति था, जिसने काइस्टचर्च की दो मस्जिदों में गोलियां चलाना शुरू कर दी, जिसमें 50 लोगों की जान चली गई थी। हमलावर ने इस घटना का फेसबुक पर लाइव वीडियो जारी किया था, जिसके बाद से फेसबुक की आलोचना हो रही है।

इस घटना के बाद, फेसबुक ने 900 से ज्यादा ऐसे वीडियो की पहचान की है, जिनमें 17 मिनट के उस नरसंहार की तस्वीरें दिखाई गई हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक ने इस वीडियो की पहचान अपनी एआई टूल के जरिये की है, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में ऐसे हेट ग्रुप को रिमूव किया गया है। लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए फेसबुक ने हमले के 24 घंटे के अंदर ही, दुनियाभर में मौजूद न्यूजीलैंड हमले के 15 लाख वीडियो को हटाया है।

इधर, फ्रांस के एक प्रमुख मुस्लिम समूह ने कहा है कि वह फेसबुक और यूट्यूब के ख़िलाफ़ वीडियो स्ट्रीमिंग के माध्मय से हिंसा भड़काने का मामला दर्ज कराएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली सोशल नेटवर्किंग साइट है।

यह पहली बार नहीं है कि फेसबुक लाइव के जरिये हिंसा की घटना को प्रसारित किया गया है, इससे पहले कई बार लोगों ने आरोप लगाया है कि फेसबुक लाइव के जरिये हिंसा और अश्लीलता प्रसारित की जाती है। लेकिन कहा जा रहा है कि न्यूजीलैंड घटना के बाद फेसबुक इस तरफ़ ध्यान देगा, और पूरी कोशिश करेगा कि समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले वीडियो फेसबुक लाइव पर ना आ सकें।
APR 01 (WTN) – यदि आप फेसबुक लाइव के शौकीन हैं, तो यह ख़बर आपके काम की है। दरअसल न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में हुए हमले और उस घटना की फेसबुक लाइव के बाद, फेसबुक ने अपने लाइव फीचर के नियमों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। जानकारी के मुताबिक़, कम्पनी फेसबुक लाइव फ़ीचर में कुछ रिस्ट्रिक्शन्स जोड़ने वाली है। न्यूजीलैंड हमले के बाद कम्पनी विभिन्न क्राइटेरिया के आधार पर यह तय करेगी कि कौन फेसबुक लाइव कर सकता है।

जानकारी के अनुसार, कम्पनी इस बात का पूरा ध्यान रखेगी कि फेसबुक पर कौन लाइव जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 15 मार्च को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में हुए नस्लवादी हमले में 50 लोगों की जान चली गई थी। हमला करने वाला व्यक्ति श्वेतों को सर्वश्रेष्ठ समझने की नस्लवादी सोच वाला व्यक्ति था, जिसने काइस्टचर्च की दो मस्जिदों में गोलियां चलाना शुरू कर दी, जिसमें 50 लोगों की जान चली गई थी। हमलावर ने इस घटना का फेसबुक पर लाइव वीडियो जारी किया था, जिसके बाद से फेसबुक की आलोचना हो रही है।

इस घटना के बाद, फेसबुक ने 900 से ज्यादा ऐसे वीडियो की पहचान की है, जिनमें 17 मिनट के उस नरसंहार की तस्वीरें दिखाई गई हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक ने इस वीडियो की पहचान अपनी एआई टूल के जरिये की है, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में ऐसे हेट ग्रुप को रिमूव किया गया है। लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए फेसबुक ने हमले के 24 घंटे के अंदर ही, दुनियाभर में मौजूद न्यूजीलैंड हमले के 15 लाख वीडियो को हटाया है।

इधर, फ्रांस के एक प्रमुख मुस्लिम समूह ने कहा है कि वह फेसबुक और यूट्यूब के ख़िलाफ़ वीडियो स्ट्रीमिंग के माध्मय से हिंसा भड़काने का मामला दर्ज कराएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली सोशल नेटवर्किंग साइट है।

यह पहली बार नहीं है कि फेसबुक लाइव के जरिये हिंसा की घटना को प्रसारित किया गया है, इससे पहले कई बार लोगों ने आरोप लगाया है कि फेसबुक लाइव के जरिये हिंसा और अश्लीलता प्रसारित की जाती है। लेकिन कहा जा रहा है कि न्यूजीलैंड घटना के बाद फेसबुक इस तरफ़ ध्यान देगा, और पूरी कोशिश करेगा कि समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले वीडियो फेसबुक लाइव पर ना आ सकें।