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लोकसभा चुनाव को लेकर आख़िर क्यों आत्मविश्वास में है अमित शाह?

Monday - April 1, 2019 1:28 pm , Category : WTN HINDI
भाजपा के ‘चाणक्य’ अमित शाह की लोकसभा चुनाव के लिए ‘रणनीति’
भाजपा के ‘चाणक्य’ अमित शाह की लोकसभा चुनाव के लिए ‘रणनीति’

क्या यूपी और पश्चिम बंगाल से अमित शाह को मिलेंगे आशा के अनुरूप परिणाम?
 
APR 01 (WTN) – पिछले लोकसभा चुनाव में यूपी में 70 से ज्यादा सीटें भाजपा को जिताने वाले, और भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह इन दिनों पूरे आत्मविश्वास में है। अमित शाह को आत्मविश्वास है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में एक बार फ़िर से एनडीए जीत हासिल करेगा, और नरेन्द्र मोदी फ़िर से देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। आइये जानते हैं कि वे कौन-कौन से कारण हैं, जिनके कारण अमित शाह, लोकसभा चुनाव में जीत के लिए इन दिनों आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं।
 
सबसे पहले बात करें अमेठी की, तो अमित शाह को विश्वास है कि इस बार अमेठी सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को जीत के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, और उनकी जीत मुश्किल है। अमित शाह के मुताबिक़, 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट पर कांग्रेस सिर्फ़ एक लाख वोटों के अंतर से जीती थी, लेकिन अगर उससे पहले के चुनाव पर नजर डालें, तो उसमें कांग्रेस को 4 लाख से ज्‍यादा वोटों से जीत मिली थी।

अमित शाह का कहना है कि धीरे-धीरे अमेठी से कांग्रेस का जनाधार घट रहा है और वहां पर भाजपा का जनाधार बढ़ रहा है। यानि कि अमेठी में कांग्रेस के जीत के अन्तर में कमी से अमित शाह को विश्वास है कि राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हार सकते हैं।

भाजपा ने यदि यूपी के बाद सबसे ज्यादा मेहनत किसी राज्य में की है तो वो है पश्चिम बंगाल वामपंथियों के गढ़ रहे पश्चिम बंगाल में पिछले दो लोकसभा चुनावों से ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल का दबदबा रहा है। लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने इस राज्य में काफ़ी मेहनत की है।

भाजपा ने बंगाल पर फोकस करते हुए ममता बनर्जी पर एक वर्ग विशेष के लोगों का साथ देने का आरोप समय समय पर लगाया है, वहीं भाजपा ने बंगाल के पिछड़ेपन के लिए ममता बनर्जी को सीधे जिम्मेदार बताया है। जिसके आधार पर अमित शाह का मानना है कि इस लोकसभा चुनाव में भाजपा, पश्चिम बंगाल की 42 में से 23 सीटें जीत सकती है, क्योंकि राज्य की जनता ममता बनर्जी के पार्टी को सबक सिखाना चाहती है। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के लिए आश्वस्त दिख रहे अमित शाह का मानना है कि वहां पर ममता बनर्जी की तानाशाही से जनता परेशान है और धीरे-धीरे वहां पर भाजपा का जनाधार बढ़ रहा है।
 
इधर यूपी में बसपा-सपा गठबंधन के बाद भी अमित शाह आत्मविश्वास में नजर आ रहे हैं। अमित शाह का मानना है कि एअर स्ट्राइक के बाद देश की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ है, और सपा-बसपा गठबंधन का भाजपा पर कुछ भी विपरित असर नहीं पड़ने वाला है। अमित शाह का मानना है कि देश में पहले जैसा राजनीतिक माहौल नहीं बचा है कि अब किसी नेता का किसी भी तरह के वोटबैंक पर कब्‍जा हो।

शाह के मुताबिक़, पहले अगर दो नेता इकट्ठे हो जाते थे, तो उनके वोटबैंक भी इकट्ठे हो जाते थे। लेकिन अब समय के साथ-साथ देश की राजनीति में भी बदलाव आ गया है और देश का मतदाता सब कुछ जानता है।
 
तो जिस आत्मविश्वास में अमित शाह नज़र आ रहे हैं, उसके बाद कहा जा सकता है कि इसके पीछे जरूर कोई ना कोई कारण रहे होंगे। राजनीति के जानकारों का मानना है कि एअर स्ट्राइक के बाद जिस तरह के बयान विपक्ष की तरफ़ से आए हैं, उसके बाद भाजपा और खासतौर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि काफ़ी मजबूत हुई है।

लोकसभा चुनाव में नेतृत्व विहीन विपक्ष के सामने नरेन्द्र मोदी के रूप में मजबूत नेतृत्व का विकल्प जनता के सामने है, तो फ़िर एनडीए को इस चुनाव में जीत के लिए किसी भी तरह की परेशानी का शायद ही सामना करने पड़ा। इन सभी कारणों के बाद कहा जा सकता है कि अमित शाह लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के प्रति इतने आश्वस्त क्यों नज़र आ रहे हैं।