एक बार फ़िर विवादों में फेसबुक...
Friday - April 5, 2019 12:28 pm ,
Category : WTN HINDI
फेसबुक के लाखों यूजर्स का डेटा एक बार फ़िर से हुआ लीक
अब एमेजन के क्लाउड सर्वर पर लीक हुआ लाखों फेसबुक यूजर्स का डेटा
APR 05 (WTN) – यदि आप फेसबुक यूजर हैं तो यह ख़बर आपके काम की है। जैसा कि आप जानते हैं कि डेटा लीक से लेकर यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर फेसबुक हमेशा से ही विवादों में रहा है। समय-समय पर फेसबुक पर आरोप लगते रहते हैं कि उसके यूजर्स की निजी जानकारी सार्वजनिक होती रहती है। इसी सब के बीच, फेसबुक एक बार फ़िर से विवादों में आ गया है जब लाखों यूजर्स का डेटा पब्लिक में खुले तौर पर उपलब्ध था और इसे कोई भी देख सकता था।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 540 मिलियन फेसबुक डेटा के रिकॉर्ड्स जिसमें नाम, लाइक, कमेंट और FB आईडी शामिल है, उसे एमेजन के क्लाउड सर्वर पर कोई भी देख सकता था। इस बड़ी ग़लती का खुलासा होने पर इसके बारे में साइबरसिक्योरिटी फर्म अपगार्ड साइबर रिस्क ने विस्तार से बताया है।

खुलासे के मुताबिक़, सार्वजनिक हुए डेटा का कुल साइज 146 गीगा बाइट है जो एक मेक्सिको आधारित मीडिया कम्पनी Cultura का है. 'At the pool' एक थर्ड पार्टी एप है जो कि फेसबुक से एकीकृत है और इसका डेटा भी पूरी तरह से एमेजन सर्वर पर उपलब्ध था। डेटा में 22,000 यूजर के पासवर्ड शामिल थे जिसे प्लेन टेक्स्ट के रूप में लिखा गया था।

हालांकि इस बारे में फर्म का कहना है कि जो भी पासवर्ड हैं ये फेसबुक यूजर्स के नहीं हैं बल्कि ऐप इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के अकाउंट के हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई बार यूजर्स एक जैसा पासवर्ड कई प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल करते रहते हैं। हालांकि, यह ऐप साल 2014 में ही बंद हो गया था।

इधर फेसबुक के मुताबिक़, डेटाबेस को एमेजन के सर्वर और कम्पनी से हटा दिया गया है। लेकिन समय-समय पर फेसबुक पर यूजर्स की जानकारी लीक होने के कारण यूजर्स को नुकसान हो सकता है। वहीं एक बार फ़िर से डेटा लीक होने से एक बात तो साफ़ हो गई है कि थर्ड पार्टी एप्स पर अभी भी फेसबुक का कंट्रोल नहीं है। यानि की कोई भी कहीं भी फेसबुक यूजर्स के डेटा को अपलोड कर देता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि फेसबुक पर यूजर्स की निजी जानकारी सार्वजनिक हुई हो। पिछले महीने भी 600 मिलियन यूजर्स का डेटा प्लेन टेक्स्ट पर उपलब्ध था, और यूजर्स के इन पासवर्ड को फेसबुक के 20,000 कर्मचारी देख सकते थे। हालांकि, बाद में फेसबुक ने इस ग़लती को माना था और कहा था कि इस ग़लती को ठीक कर लिया गया है और जिन यूजर्स के साथ ऐसा हुआ है उन्हें इस बारे में बताया जा रहा है।

फेसबुक पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा यूज किये जाने वाला सोशल मीडिया नेटवर्क है। ऐसे में फेसबुक की ज़िम्मेदारी बनती है कि वो अपने यूजर्स की प्राइवेसी के लेकर पूरी सतर्कता दिखाए। लेकिन समय-समय पर फेसबुक यूजर्स के डेटा लीक होने से साबित हो गया है कि फेसबुक को अपने यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर कोई चिंता शायद नहीं है। यदि ऐसा ही रहा तो जानकारों के मुताबिक़ आने वाले दिनों में फेसबुक यूजर्स की संख्या धीरे-धीरे कम हो जाएगी और फेसबुक के यूजर्स टेलीग्राम की तरफ रूख कर लेंगे।
APR 05 (WTN) – यदि आप फेसबुक यूजर हैं तो यह ख़बर आपके काम की है। जैसा कि आप जानते हैं कि डेटा लीक से लेकर यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर फेसबुक हमेशा से ही विवादों में रहा है। समय-समय पर फेसबुक पर आरोप लगते रहते हैं कि उसके यूजर्स की निजी जानकारी सार्वजनिक होती रहती है। इसी सब के बीच, फेसबुक एक बार फ़िर से विवादों में आ गया है जब लाखों यूजर्स का डेटा पब्लिक में खुले तौर पर उपलब्ध था और इसे कोई भी देख सकता था।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 540 मिलियन फेसबुक डेटा के रिकॉर्ड्स जिसमें नाम, लाइक, कमेंट और FB आईडी शामिल है, उसे एमेजन के क्लाउड सर्वर पर कोई भी देख सकता था। इस बड़ी ग़लती का खुलासा होने पर इसके बारे में साइबरसिक्योरिटी फर्म अपगार्ड साइबर रिस्क ने विस्तार से बताया है।

खुलासे के मुताबिक़, सार्वजनिक हुए डेटा का कुल साइज 146 गीगा बाइट है जो एक मेक्सिको आधारित मीडिया कम्पनी Cultura का है. 'At the pool' एक थर्ड पार्टी एप है जो कि फेसबुक से एकीकृत है और इसका डेटा भी पूरी तरह से एमेजन सर्वर पर उपलब्ध था। डेटा में 22,000 यूजर के पासवर्ड शामिल थे जिसे प्लेन टेक्स्ट के रूप में लिखा गया था।

हालांकि इस बारे में फर्म का कहना है कि जो भी पासवर्ड हैं ये फेसबुक यूजर्स के नहीं हैं बल्कि ऐप इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के अकाउंट के हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई बार यूजर्स एक जैसा पासवर्ड कई प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल करते रहते हैं। हालांकि, यह ऐप साल 2014 में ही बंद हो गया था।

इधर फेसबुक के मुताबिक़, डेटाबेस को एमेजन के सर्वर और कम्पनी से हटा दिया गया है। लेकिन समय-समय पर फेसबुक पर यूजर्स की जानकारी लीक होने के कारण यूजर्स को नुकसान हो सकता है। वहीं एक बार फ़िर से डेटा लीक होने से एक बात तो साफ़ हो गई है कि थर्ड पार्टी एप्स पर अभी भी फेसबुक का कंट्रोल नहीं है। यानि की कोई भी कहीं भी फेसबुक यूजर्स के डेटा को अपलोड कर देता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि फेसबुक पर यूजर्स की निजी जानकारी सार्वजनिक हुई हो। पिछले महीने भी 600 मिलियन यूजर्स का डेटा प्लेन टेक्स्ट पर उपलब्ध था, और यूजर्स के इन पासवर्ड को फेसबुक के 20,000 कर्मचारी देख सकते थे। हालांकि, बाद में फेसबुक ने इस ग़लती को माना था और कहा था कि इस ग़लती को ठीक कर लिया गया है और जिन यूजर्स के साथ ऐसा हुआ है उन्हें इस बारे में बताया जा रहा है।

फेसबुक पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा यूज किये जाने वाला सोशल मीडिया नेटवर्क है। ऐसे में फेसबुक की ज़िम्मेदारी बनती है कि वो अपने यूजर्स की प्राइवेसी के लेकर पूरी सतर्कता दिखाए। लेकिन समय-समय पर फेसबुक यूजर्स के डेटा लीक होने से साबित हो गया है कि फेसबुक को अपने यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर कोई चिंता शायद नहीं है। यदि ऐसा ही रहा तो जानकारों के मुताबिक़ आने वाले दिनों में फेसबुक यूजर्स की संख्या धीरे-धीरे कम हो जाएगी और फेसबुक के यूजर्स टेलीग्राम की तरफ रूख कर लेंगे।