तो क्या पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराने का भारत का दावा ग़लत साबित होगा?
Friday - April 5, 2019 3:12 pm ,
Category : WTN HINDI
पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराने के भारत के दावे पर उठे सवाल
अमेरिकी पत्रिका 'फॉरेन पॉलिसी' का दावा, सुरक्षित हैं पाकिस्तान के सभी एफ-16 लड़ाकु विमान!
APR 05 (WTN) – यदि अमेरिका की एक पत्रिका के दावे को सही माना जाए, तो पाकिस्तान के सभी एफ-16 लड़ाकू विमान सुरक्षित मौजूद हैं जिन्हें कि पाकिस्तान ने अमेरिका से खरीदा था। जी हां अमेरिका की पत्रिका फॉरेन पॉलिसी ने अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि 27 फरवरी को भारत की ओर से एक अमेरिकी F-16 लड़ाकु विमान को मार गिराने का दावा ग़लत साबित हो सकता है।
मैगजीन 'फॉरेन पॉलिसी' के मुताबिक़, उन्हें यह सूचना अमेरिका के दो रक्षा अधिकारियों के हवाले से मिली है कि पाकिस्तान को बेचे गये सभी एफ-16 लडा़कु विमान 'सुरक्षित' हैं। मैगजीन का दावा है कि ये दोनों रक्षा अधिकारी एफ-16 मामले से सीधे तौर से जुड़े हुए हैं और उन्होंने ही इसकी जानकारी दी कि पाकिस्तान को दिये सभी एफ-16 लड़ाकु विमान सुरक्षित हैं। पत्रिका फॉरेन पॉलिसी का दावा है कि अमेरिका के इन दो अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि हाल ही में अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने पाकिस्तान को बेचे गए एफ-16 लडा़कु विमान की गिनती की और इस गिनती में किसी भी एफ-16 विमान को कम नहीं पाया गया।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 26 फरवरी को बालाकोट पर भारत के एयर स्ट्राइक के बाद, 27 फरवरी को पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने भारतीय वायु सीमा में घुसने की नाकाम कोशिश की थी। इस दौरान भारत की वायुसेना और पाकिस्तानी एयरफोर्स के बीच आसमान में भिड़ंत हुई थी। इस पर भारत का कहना है कि विंग कमांडर अभिनंदन ने मिग-21 से एक अमेरिकी एफ-16 फायटर एयरक्राफ्ट को मार गिराया था, वहीं इस भिडंत में भारत का मिग-21 भी पाकिस्तानी फायरिंग की चपेट में आ गया था।
यदि पत्रिका फॉरेन पॉलिसी की रिपोर्ट के दावे को सच माना जाए, तो भारत द्वारा एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा गलत साबित हो सकता है। पत्रिका ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भारतीय पायलट अभिनंदन के दावे को कैसे मान लिया जाए कि उन्होंने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के एफ-16 को निशाना बनाया?
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 27 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच भिड़ंत के बाद जब मीडिया में रिपोर्ट आई तो पूर्ववर्ती समझौते के तहत पाकिस्तान ने अमेरिकी रक्षा अधिकारियों को विमानों की जांच करने के लिए बुलाया। रिपोर्ट के मुताबिक इस जांच में सभी एफ-16 लड़ाकु विमान सुरक्षित मिले। लेकिन उधर भारतीय वायुसेना ने एफ-16 लड़ाकु विमाने से फयर किए गए AMRAAM मिसाइल के टुकड़ों को भी दुनिया के सामने दिखाया था और साबित करने की कोशिश की थी कि पाकिस्तान ने भारत के ख़िलाफ़ एफ-16 लड़ाकु विमान का इस्तेमाल किया है।
अब देखना होगा कि अमेरिकी पत्रिका के दावे के बाद क्या कुछ प्रतिक्रिया अमेरिकी रक्षा विभाग की आती है। यदि पत्रिका का दावा सही साबित होता है, तो फ़िर भारतीय वायुसेना का दावा ग़लत साबित होगा कि उसने पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकु विमान को मार गिराया है। जानकारों का मानना है कि अमेरिका इस बात की जानकारी छिपा भी सकता है कि उसके एफ-16 विमान को भारत के मिग-21 बाइसन ने मार गिराया है।
ऐसा इसलिए क्योंकि यदि भारतीय वायुसेना का दावा सही साबित होता है, तो पूरी दुनिया में अमेरिकी की किरकिरी होगी कि उसके एफ-16 लड़ाकु विमान को भारत ने मिग-21 से मार गिराया। अब यह तो आने वाला समय ही बताया कि भारतीय वायुसेना का दावा सच है या फ़िर अमेरिकी पत्रिका फॉरेन पॉलिसी का दावा सही है। पर यदि पत्रिका का दावा सही निकलता है, तो फ़िर भारत सरकार और भारतीय वायु सेना को जवाब देना मुश्किल साबित होगा।
APR 05 (WTN) – यदि अमेरिका की एक पत्रिका के दावे को सही माना जाए, तो पाकिस्तान के सभी एफ-16 लड़ाकू विमान सुरक्षित मौजूद हैं जिन्हें कि पाकिस्तान ने अमेरिका से खरीदा था। जी हां अमेरिका की पत्रिका फॉरेन पॉलिसी ने अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि 27 फरवरी को भारत की ओर से एक अमेरिकी F-16 लड़ाकु विमान को मार गिराने का दावा ग़लत साबित हो सकता है।
मैगजीन 'फॉरेन पॉलिसी' के मुताबिक़, उन्हें यह सूचना अमेरिका के दो रक्षा अधिकारियों के हवाले से मिली है कि पाकिस्तान को बेचे गये सभी एफ-16 लडा़कु विमान 'सुरक्षित' हैं। मैगजीन का दावा है कि ये दोनों रक्षा अधिकारी एफ-16 मामले से सीधे तौर से जुड़े हुए हैं और उन्होंने ही इसकी जानकारी दी कि पाकिस्तान को दिये सभी एफ-16 लड़ाकु विमान सुरक्षित हैं। पत्रिका फॉरेन पॉलिसी का दावा है कि अमेरिका के इन दो अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि हाल ही में अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने पाकिस्तान को बेचे गए एफ-16 लडा़कु विमान की गिनती की और इस गिनती में किसी भी एफ-16 विमान को कम नहीं पाया गया।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 26 फरवरी को बालाकोट पर भारत के एयर स्ट्राइक के बाद, 27 फरवरी को पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने भारतीय वायु सीमा में घुसने की नाकाम कोशिश की थी। इस दौरान भारत की वायुसेना और पाकिस्तानी एयरफोर्स के बीच आसमान में भिड़ंत हुई थी। इस पर भारत का कहना है कि विंग कमांडर अभिनंदन ने मिग-21 से एक अमेरिकी एफ-16 फायटर एयरक्राफ्ट को मार गिराया था, वहीं इस भिडंत में भारत का मिग-21 भी पाकिस्तानी फायरिंग की चपेट में आ गया था।
यदि पत्रिका फॉरेन पॉलिसी की रिपोर्ट के दावे को सच माना जाए, तो भारत द्वारा एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा गलत साबित हो सकता है। पत्रिका ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भारतीय पायलट अभिनंदन के दावे को कैसे मान लिया जाए कि उन्होंने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के एफ-16 को निशाना बनाया?
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 27 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच भिड़ंत के बाद जब मीडिया में रिपोर्ट आई तो पूर्ववर्ती समझौते के तहत पाकिस्तान ने अमेरिकी रक्षा अधिकारियों को विमानों की जांच करने के लिए बुलाया। रिपोर्ट के मुताबिक इस जांच में सभी एफ-16 लड़ाकु विमान सुरक्षित मिले। लेकिन उधर भारतीय वायुसेना ने एफ-16 लड़ाकु विमाने से फयर किए गए AMRAAM मिसाइल के टुकड़ों को भी दुनिया के सामने दिखाया था और साबित करने की कोशिश की थी कि पाकिस्तान ने भारत के ख़िलाफ़ एफ-16 लड़ाकु विमान का इस्तेमाल किया है।
अब देखना होगा कि अमेरिकी पत्रिका के दावे के बाद क्या कुछ प्रतिक्रिया अमेरिकी रक्षा विभाग की आती है। यदि पत्रिका का दावा सही साबित होता है, तो फ़िर भारतीय वायुसेना का दावा ग़लत साबित होगा कि उसने पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकु विमान को मार गिराया है। जानकारों का मानना है कि अमेरिका इस बात की जानकारी छिपा भी सकता है कि उसके एफ-16 विमान को भारत के मिग-21 बाइसन ने मार गिराया है।
ऐसा इसलिए क्योंकि यदि भारतीय वायुसेना का दावा सही साबित होता है, तो पूरी दुनिया में अमेरिकी की किरकिरी होगी कि उसके एफ-16 लड़ाकु विमान को भारत ने मिग-21 से मार गिराया। अब यह तो आने वाला समय ही बताया कि भारतीय वायुसेना का दावा सच है या फ़िर अमेरिकी पत्रिका फॉरेन पॉलिसी का दावा सही है। पर यदि पत्रिका का दावा सही निकलता है, तो फ़िर भारत सरकार और भारतीय वायु सेना को जवाब देना मुश्किल साबित होगा।