भाजपा की किसानों और व्यापारियों के दम पर 2019 लोकसभा चुनाव जीतने की तैयारी!
Monday - April 8, 2019 3:08 pm ,
Category : WTN HINDI
अपने घोषणा पत्र में भाजपा की किसानों और व्यापारियों को खुश करने की कवायद
बड़ा सवाल: क्या अर्थव्यवस्था पर किये अपने वादों के दम पर भाजपा हासिल कर पाएगी फ़िर से सत्ता?
APR 08 (WTN) – लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भाजपा ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। बात करें अर्थव्यवस्था की, तो भाजपा के इस घोषणा पत्र में इस पर कई वादे किये गये हैं जिसमें किसानों से लेकर व्यापारियों तक को खुश करने की कवायद है। भाजपा का दावा है कि उसने अपना घोषणा पत्र देश के 6 करोड़ लोगों से चर्चा करने के बाद बनाया है। खैर भाजपा का यह दावा कितना सच है यह तो वे ही जाने, लेकिन यदि भाजपा के घोषणा पत्र में अर्थव्यवस्था के वादों पर नज़र डाली जाए, तो साफ़ नज़र आता है कि भाजपा ने इस सेक्टर पर ख़ासा ध्यान अपने घोषणा पत्र में दिया है।
सबसे पहले बात करें किसानों की तो भाजपा के अपने घोषणा पत्र में कहा है कि दोबारा सरकार में आने पर सभी किसानों को किसान सम्मान निधि दी जाएगी। यानि कि देश के सभी किसानों को पीएम किसान योजना के तहत 6 हज़ार रुपये वार्षिक दिये जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी यह सम्मान निधि सिर्फ़ 2 हेक्टेयर तक की ज़मीन रखने वाले किसानों को मिलती है।
वहीं किसानों के लिए सौगात देते हुए भाजपा ने वादा किया है कि एक लाख का किसान क्रेडिट कार्ड लोन लेने पर जीरो प्रतिशत ब्याज देना होगा। भाजपा ने वादा किया है कि आने वाले पांच सालों में 25 लाख करोड़ रुपए ग्रामीण क्षेत्रों पर खर्च किये जाएंगे। साथ ही लघु और सीमांत किसानों को पेंशन की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही पूरे लैंड रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन किया जाएगा।
वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में स्वैच्छिक रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया जाएगा। तिलहन क्रांति को एक बार फ़िर से बढ़ावा देने के लिए किसानों के लिए तिलहन मिशन शुरू किया जाएगा। भंडारण की समस्या से परेशान किसानों को उनके कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए नई ग्राम भंडारण योजना शुरू की जाएगी और इसकी रसीद पर उन्हें सस्ता लोन दिया जाएगा।
डिजिटल क्रांति की तरफ कदम बढ़ाते हुए भाजपा ने वादा किया है कि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स के लिए ई-कॉमर्स पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिससे घर बैठे इन प्रोडक्ट को खरीदने की सुविधा मिलेगी। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 10 हज़ार करोड़ रूपये मत्स्य सम्पदा योजना के लिए दिये जाएंगे।
ग्राम स्तर पर इंटरनेट पहुंचाने के लिए साल 2022 तक प्रत्येक ग्राम पंचायत को हाई स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। वहीं गांवों को सड़़कों से जोड़ने के लिए ग्रामीण सड़क उन्नयन कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
किसानों के बाद भाजपा के घोषणा पत्र में व्यापारियों को भी खुश करने की पूरी कोशिश की गई है, और उनके लिए भी कई तरह के वादे किये गये हैं। अपने घोषणा पत्र में भाजपा ने साफ़ लिखा है कि व्यापारियों के लिए टैक्स की दरों में कटौती जारी रहेगी, साथ ही जीएसटी की प्रक्रिया सरल की जाएगी। वहीं नई औद्योगिक नीति जारी करने की बात भी भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में की है, इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसी टेक्नोलॉजी को शामिल किया जाएगा।
देश मे लाखों की तादात में मौजूद खुदरा व्यापारियों पर ध्यान देते हुए भाजपा ने व्यापारी कल्याण बोर्ड गठित करने और रिटेल कारोबार के लिए व्यापार नीति बनाने की बात अपने घोषणा पत्र में की है। वहीं अपने घोषणा पत्र में बड़ा वादा करते हुए भाजपा ने कहा है कि जीएसटी में रजिस्टर्ड व्यापारियों को 10 लाख रुपए का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस दिया जाएगा।
व्यापारियों के बीच लोकप्रिय भाजपा ने अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर व्यापारी क्रेडिट कार्ड देने की योजना का वादा किया है साथ ही छोटे व्यापारियों को पेंशन देने की बड़ी बात भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में की है। इतना ही नहीं, भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि स्टार्टअप के लिए 50 लाख रुपए का लोन बिना सिक्योरिटी के दिया जाएगा। वहीं साल 2024 तक देश में 50 हज़ार नए स्टार्ट अप की स्थापना में मदद दी जाएगी। स्टार्ट अप को सहयोग के लिए 20 हज़ार करोड़ रुपये के 'सीड स्टार्टअप फंड' की स्थापना की जाएगी।
हेल्थ सेक्टर की बात करें तो आयुष्मान भारत योजना के तहत साल 2022 तक 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्र खोले जाने का लक्ष्य रखा गया है। खनन क्षेत्र की बात करें तो भाजपा ने जीडीपी में खनन क्षेत्र का योगदान 2.5 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर ध्यान केन्द्रित करते हुए भाजपा ने वादा किया है कि इस सेक्टर में साल 2014 तक क़रीब 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।
यदि भाजपा के घोषणा पत्र पर गौर किया जाए तो भाजपा के कुछ वादे पुराने ही हैं, लेकिन जो वादे नये हैं उनके जरिये भाजपा ने किसानों और व्यापारियों को खुश करने की पूरी कोशिश की है। कहा जा सकता है कि छोटे किसानों और व्यापारियों को पेंशन का वादा करके भाजपा ने किसानों और व्यापारियों के वोट बैंक में सेंध लगा ली है। खैर देखना होगा कि भाजपा के इस घोषणा पत्र पर किसान और व्यापारी कितना विश्वास करते हैं? और क्या भाजपा अपने घोषणा पत्र के आधार पर इस लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर पाती है कि नहीं?
APR 08 (WTN) – लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भाजपा ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। बात करें अर्थव्यवस्था की, तो भाजपा के इस घोषणा पत्र में इस पर कई वादे किये गये हैं जिसमें किसानों से लेकर व्यापारियों तक को खुश करने की कवायद है। भाजपा का दावा है कि उसने अपना घोषणा पत्र देश के 6 करोड़ लोगों से चर्चा करने के बाद बनाया है। खैर भाजपा का यह दावा कितना सच है यह तो वे ही जाने, लेकिन यदि भाजपा के घोषणा पत्र में अर्थव्यवस्था के वादों पर नज़र डाली जाए, तो साफ़ नज़र आता है कि भाजपा ने इस सेक्टर पर ख़ासा ध्यान अपने घोषणा पत्र में दिया है।
सबसे पहले बात करें किसानों की तो भाजपा के अपने घोषणा पत्र में कहा है कि दोबारा सरकार में आने पर सभी किसानों को किसान सम्मान निधि दी जाएगी। यानि कि देश के सभी किसानों को पीएम किसान योजना के तहत 6 हज़ार रुपये वार्षिक दिये जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी यह सम्मान निधि सिर्फ़ 2 हेक्टेयर तक की ज़मीन रखने वाले किसानों को मिलती है।
वहीं किसानों के लिए सौगात देते हुए भाजपा ने वादा किया है कि एक लाख का किसान क्रेडिट कार्ड लोन लेने पर जीरो प्रतिशत ब्याज देना होगा। भाजपा ने वादा किया है कि आने वाले पांच सालों में 25 लाख करोड़ रुपए ग्रामीण क्षेत्रों पर खर्च किये जाएंगे। साथ ही लघु और सीमांत किसानों को पेंशन की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही पूरे लैंड रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन किया जाएगा।
वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में स्वैच्छिक रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया जाएगा। तिलहन क्रांति को एक बार फ़िर से बढ़ावा देने के लिए किसानों के लिए तिलहन मिशन शुरू किया जाएगा। भंडारण की समस्या से परेशान किसानों को उनके कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए नई ग्राम भंडारण योजना शुरू की जाएगी और इसकी रसीद पर उन्हें सस्ता लोन दिया जाएगा।
डिजिटल क्रांति की तरफ कदम बढ़ाते हुए भाजपा ने वादा किया है कि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स के लिए ई-कॉमर्स पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिससे घर बैठे इन प्रोडक्ट को खरीदने की सुविधा मिलेगी। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 10 हज़ार करोड़ रूपये मत्स्य सम्पदा योजना के लिए दिये जाएंगे।
ग्राम स्तर पर इंटरनेट पहुंचाने के लिए साल 2022 तक प्रत्येक ग्राम पंचायत को हाई स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। वहीं गांवों को सड़़कों से जोड़ने के लिए ग्रामीण सड़क उन्नयन कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
किसानों के बाद भाजपा के घोषणा पत्र में व्यापारियों को भी खुश करने की पूरी कोशिश की गई है, और उनके लिए भी कई तरह के वादे किये गये हैं। अपने घोषणा पत्र में भाजपा ने साफ़ लिखा है कि व्यापारियों के लिए टैक्स की दरों में कटौती जारी रहेगी, साथ ही जीएसटी की प्रक्रिया सरल की जाएगी। वहीं नई औद्योगिक नीति जारी करने की बात भी भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में की है, इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसी टेक्नोलॉजी को शामिल किया जाएगा।
देश मे लाखों की तादात में मौजूद खुदरा व्यापारियों पर ध्यान देते हुए भाजपा ने व्यापारी कल्याण बोर्ड गठित करने और रिटेल कारोबार के लिए व्यापार नीति बनाने की बात अपने घोषणा पत्र में की है। वहीं अपने घोषणा पत्र में बड़ा वादा करते हुए भाजपा ने कहा है कि जीएसटी में रजिस्टर्ड व्यापारियों को 10 लाख रुपए का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस दिया जाएगा।
व्यापारियों के बीच लोकप्रिय भाजपा ने अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर व्यापारी क्रेडिट कार्ड देने की योजना का वादा किया है साथ ही छोटे व्यापारियों को पेंशन देने की बड़ी बात भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में की है। इतना ही नहीं, भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि स्टार्टअप के लिए 50 लाख रुपए का लोन बिना सिक्योरिटी के दिया जाएगा। वहीं साल 2024 तक देश में 50 हज़ार नए स्टार्ट अप की स्थापना में मदद दी जाएगी। स्टार्ट अप को सहयोग के लिए 20 हज़ार करोड़ रुपये के 'सीड स्टार्टअप फंड' की स्थापना की जाएगी।
हेल्थ सेक्टर की बात करें तो आयुष्मान भारत योजना के तहत साल 2022 तक 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्र खोले जाने का लक्ष्य रखा गया है। खनन क्षेत्र की बात करें तो भाजपा ने जीडीपी में खनन क्षेत्र का योगदान 2.5 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर ध्यान केन्द्रित करते हुए भाजपा ने वादा किया है कि इस सेक्टर में साल 2014 तक क़रीब 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।
यदि भाजपा के घोषणा पत्र पर गौर किया जाए तो भाजपा के कुछ वादे पुराने ही हैं, लेकिन जो वादे नये हैं उनके जरिये भाजपा ने किसानों और व्यापारियों को खुश करने की पूरी कोशिश की है। कहा जा सकता है कि छोटे किसानों और व्यापारियों को पेंशन का वादा करके भाजपा ने किसानों और व्यापारियों के वोट बैंक में सेंध लगा ली है। खैर देखना होगा कि भाजपा के इस घोषणा पत्र पर किसान और व्यापारी कितना विश्वास करते हैं? और क्या भाजपा अपने घोषणा पत्र के आधार पर इस लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर पाती है कि नहीं?